बाजू पर लटकती चर्बी को घटाने और हाथों को मजबूत बनाने के लिए करें ये 2 योगासन, जानें अभ्यास का सही तरीका

चतुरंगा दंडासन और अधो मुख संवासना दो ऐसे योग जिनकी मदद से आप अपनी बाहों के फैट या मोटापे को कम कर सकते हैं।

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariUpdated at: Feb 02, 2020 10:00 IST
बाजू पर लटकती चर्बी को घटाने और हाथों को मजबूत बनाने के लिए करें ये 2 योगासन, जानें अभ्यास का सही तरीका

वर्कआउट की बात आते ही महिलाएं अक्सर अपने कंधों की एक्सरसाइज करना भूल जाते हैं। वहीं किसी भी इंसान पर लटके हुए या सैगी से बाहें अच्छे नहीं लगते। हम अक्सर अपनी पूरी शरीर का ध्यान करते हुए योग करते हैं पर एक वेलसेप्पड मजबूत बाहों पर ध्यान नहीं देते हैं। टोंड आर्म्स हासिल करने के लिए आपको दोतरफा तरीका अपनाने की जरूरत है। आपको ताकत प्रशिक्षण के साथ मांसपेशियों को सक्रिय करने और अपने शरीर की वसा को कम करने के लिए कार्डियो करने की आवश्यकता हो सकती है। ऐसे में वर्कऑउट से ज्यादा योग मदद कर सकता है।योग आपकी बाहों की पूरी क्षमता को काम करने में मदद करेगा। लगभग हर योग मुद्रा जहां आप अपने शरीर को ऊपर उठा रहे होते हैं ये आपकी टोंड आर्म्स में मदद करेगा। आइए आज हम आपको ऐसे हूी 3 योगासन के बारे में बताते हैं, जो आपको दुबले, मजबूत और गठीले लुक वाले टोंड आर्म्स पाने में मदद करेंगे।

Inside_Chaturanga dandasana)

चतुरंगा दंडासन या प्लैंक मुद्रा (Chaturanga dandasana)

चतुरंगा आसन कलाई, हाथ, पेट की मांसपेशियों और पीठ के निचले हिस्से को मजबूत और टोन करता है। यह शरीर को अधिक चुनौतीपूर्ण संतुलन के लिए तैयार करने में मदद करता है। पारंपरिक पुश-अप की तरह, यह रीढ़ के आसपास की मांसपेशियों को भी मजबूत करता है, जो मुद्रा को बेहतर बनाने में मदद करता है। सूर्य नमस्कार अनुक्रम के भाग के रूप में, चतुरंग का अभ्यास अष्टांग, विनासा और पावर योग कक्षाओं के दौरान कई बार किया जाता है। इस अभ्यास को धैर्य रख कर किया जाए, तो ये आपको चोट से बचा सकता है। इसे लगातार लंबे समय तक करने से शक्तिशाली और एक वेल टोन्ड बॉडी दे सकता है।

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चतुरंगा दंडासन करने का सही तरीका

  • -अपनी बाहों के साथ बालसाना (बच्चे की मुद्रा) के साथ शुरू करें।
  • -अपने कूल्हों को ऊपर उठाएं, जिससे कि आपके कंधे आपकी हथेलियों के साथ एक सीधी रेखा में आ जाएं।
  • -अब घुटनों को श्रोणि की हड्डी के नीचे रखें। सुनिश्चित करें कि आपकी गर्दन के पीछे हो। 
  • -सिर जमीन के समानांतर होता है। 
  • -सुनिश्चित करें कि आपके कंधे आपके कानों से दूर धकेल दिए गए हैं और पेट की मांसपेशियों के संकुचन के साथ आपके टेलबोन को टक किया गया है।
  • -अब अपने ऊपरी शरीर की स्थिति को बदले बिना, अपने दाहिने पैर को पीछे खींचें और फिर बाएं अपने पैर की उंगलियों में टक करके। 
  • -आपका शरीर कंधों से शुरू होकर एक सीधी रेखा में होना चाहिए। 
  • -जब तक कि आपके शरीर की ताकत को चुनौती न दे, तब तक अपने शरीर को एक सीधी रेखा में रखते हुए कोहनी पर अपनी बाहों को झुकाना शुरू करें। 
  • - शरीर के वजन को थोड़ा आगे बढ़ाने के लिए है और अपनी कोहनी को अपने धड़ की ओर मोड़ें। ऐसे में आपका शरीर फर्श से दो इंच ऊपर होना चाहिए। 
  • -सामान्य श्वास के साथ कम से कम 10 सेकंड के लिए ये मुद्रा करते रहें।
Inside_Adho mukha svanasana

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अधो मुख संवासना (Adho mukha svanasana) 

बाहरी बाहों और अपनी कोहनी को मजबूत बनाने में अधो मुख संवासना काफी फायदेमंद है। ये हड्डियों के साथ बाहरी मसल्स को टोन करने में मदद करता है। ये कई तरह से फायदेमंद है। इससे स्ट्रेस में कमी आती है और मेनोपॉज के वक्त महिलाओं में इसके असर को भी कम करने में मदद करती है। आइए जानते हैं इसे करने का सही तरीका

  • -अपनी भुजाओं को आगे बढ़ाते हुए बालासन में लेट जाएं।
  • - अपने कूल्हों को टेबलटॉप की स्थिति में ऊपर उठाएं। 
  • -अपने पैर को सीधा करने के लिए अपने पैर की उंगलियों को मोड़ें। 
  • -अपनी एड़ी को नीचे करने की कोशिश करें और पैरों के तलवे पूरी तरह से चटाई पर रखें।
  • - इसी समय अपनी बाहों को सीधा फैलाएं, अपनी छाती को बाहर धकेलें और सिर और कंधों को आराम दें। 
  • -सामान्य श्वास के साथ कम से कम 10 सेकंड के लिए इस मुद्रा को करें।

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