बच्चों के लिए आउटडोर गेम्स क्यों जरूरी हैं? जानिए शारीरिक और मानसिक विकास से जुड़े फायदे

बच्चों के लिए आउटडोर गेम बहुत जरूरी है। इससे उनका शारीरिक और मानसिक विकास अच्छा होता है। 

Dipti Kumari
Written by: Dipti KumariPublished at: Apr 27, 2022Updated at: Apr 27, 2022
बच्चों के लिए आउटडोर गेम्स क्यों जरूरी हैं? जानिए शारीरिक और मानसिक विकास से जुड़े फायदे

आजकल के बच्चे अपना ज्यादा समय घर में मोबाइल फोन या अन्य गैजेट्स के साथ बिताना पसंद करते हैं लेकिन टीवी पर कार्टून देखना या कई घंटों तक मोबाइल फोन का उपयोग करने से उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है। एक जगह लगातार बैठे रहने से बच्चों में मोटापा, पाचन तंत्र की समस्या और शरीर में दर्द की परेशानी भी हो सकती है। दूसरी ओर स्कूल और पढ़ाई के बीच बच्चे अगर आउटडोर गेम खेलें, तो उनका शारीरिक और मानसिक विकास बेहतर होता है। साथ ही वे अपने दोस्तों के साथ टीमवर्क और कई तरह की स्किल भी सीखते हैं। आउटडोर गेम बच्चे की स्वस्थ दिनचर्या का एक महत्वपूर्ण भाग होता है। इससे बच्चे अच्छा अनुभव करते हैं और उन्हें भूख भी समय से लगती है। आइए आउटडोक गेम्स के ऐसे ही कुछ फायदों के बारे में जानते है ताकि पेरेंट्स बच्चों को इसके लिए उत्साहित कर सकें। 

बच्चों के लिए आउटडोर एक्टिविटी के फायदे 

1. नई चीजें सीखने का मौका

आउटडोर गेम खेलने से बच्चों में सीखने की क्षमता की विकास होता है। इससे वह गिर कर खुद उठना और गलती होने पर माफ कर देना जैसी जीवन की कई महत्वपूर्ण बातें सीखते हैं। बाहर खेलने से उनकी स्किल्स में सुधार होता है। उनमें किसी भी परेशानी या दिक्कत को हल करने की समझ आती है। साथ ही उन्हें एक-दूसरे बच्चों से नई-नई जानकारियां और दिलचस्प बातें भी सुनने को मिलती है। अनुभव के आधार पर और चीजों को देखकर, सुनकर बच्चे अधिक सीखते हैं। इसलिए बच्चों को बाहर खेलने जरूर ले जाएं। 

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2. शारीरिक और मानसिक विकास के लिए फायदेमंद

ये बात तो हम सभी जानते हैं कि खेलने से बच्चों को बेहतर शारीरिक और मानसिक विकास होता है। आउटडोर गेम्स खेलने से उनकी मांसपेशियां और हड्डियां मजबूत होती हैं, इम्युनिटी मजबूत होती है। इसके अलावा सही समय पर खाने और सोने से उनमें डायबिटीज, हार्ट प्रॉब्लम और मोटापे का खतरा भी कम हो सकता है। ताजी धूप और हवा से उनके शरीर में विटामिन डी और शुद्ध हवा फेफड़ों तक पहुंचती है। इसलिए बच्चों को गैजेट्स से दूर नेचर के करीब ले जाएं। 

3. क्रिएटिविटी बढ़ाने में मददगार

घर पर बैठे-बैठे मोबाइल गेम्स खेलने से बच्चे की किसी तरह की क्रिएटिविटी का विकास नहीं होता है लेकिन बाहर जाकर खेलने से बच्चे कई चीजें खुद से बनाना सीखते हैं, जिससे उनकी इमेजिनेशन स्किल्स बढ़ती है। आपने कई बार देखा होगा कि बच्चे मिट्टी के बीच कभी घरोंदा बनाते हैं, तो कभी मूर्तियां, ऐसे में यह उनकी इमेजिनेशन पॉवर को बढ़ाता है। 

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4. सोशल स्किल में सुधार

बच्चे जब बाहर खेलने जाते हैं, तो एक-दूसरे से अपनी बातें कहते हैं। अपने दूसरे दोस्त की बातें सुनते भी हैं। वे घर के लोगों की तुलना में अपने दोस्तों से अधिक बातें करते हैं। ऐसे में उन्हें दूसरों के साथ घुलने-मिलने का मौका मिलता है और वह अपनी बात बेहतर ढंग से कहना सीख पाते हैं, जो शायद घर में उतने अच्छे ढंग से नहीं हो पाता है। दोस्तों के साथ खेलने से उनकी सोशल और कम्युनिकेशन स्किल बेहतर होने लगती है। 

5. मोटर स्किल में सुधार

कई बार आपने घर में मोबाइल खेलने वाले बच्चों को उतना एक्टिव और फुर्तीला नहीं देखा होगा, जितना बाहर खेलने वाले बच्चे होते हैं। ऐसे बच्चे बाहर खेलने के बाद पेरेंट्स के घर के कामों में भी हाथ बटांते हैं और हमेशा खुश भी रहते हैं क्योंकि वह अपनी दिनचर्या  में चुस्ती-फुर्ती, कोआर्डिनेशन और बैलेंस करना बेहतर तरीके सीख लेते हैं। 

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6. प्रकृति की ओर झुकाव

प्रकृति में ऐसे गुण है कि जो भी इसके पास जाता है। यह उसे शांति और अपनेपन का एहसास करती है। ऐसे में बाहर खेलने के दौरान बच्चे नेचर के करीब रहते हैं और इनसे कई चीजें भी सीखते हैं। ऐसे बच्चे छोटी-मोटी बातों पर परेशान नहीं होते हैं।

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