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चुकंदर दिन में किस समय और कैसे खाना चाहिए? डायटीश‍ियन से जानें चुकंदर से जुड़े 5 सवालों के जवाब

चुकंदर का सेवन करने से पहले उससे जुड़े जरूरी सवालों के जवाब जान लें 

चुकंदर में व‍िटाम‍िन की भरपूर मात्रा होती है, चुकंदर फाइबर, व‍िटाम‍िन बी, सी, पोटैश‍ियम, आयरन, मैग्‍न‍िश‍ियम से भरपूर होता है। चुकंदर बीपी कंट्रोल करने में भी मदद करता है, इससे एनीम‍िया की समस्‍या भी दूर होती है। चुकंदर से जुड़े कई सवाल हैं ज‍िनके जवाब आपको जान लेने चाह‍िए। इस लेख में हम चुकंदर से जुड़े सवालों के जवाब पर चर्चा करेंगे जैसे चुकंदर का सेवन कब करना चाह‍िए, चुकंदर का सेवन करने के क‍ितने तरीके हैं, चुकंदर कब आया जाता है आद‍ि। इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने लखनऊ के वेलनेस डाइट क्‍लीन‍िक की डाइटीश‍ियन डॉ स्‍म‍िता सिंह से बात की।

beetroot juice

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1. क‍िन तरीकों से करें चुकंदर का सेवन? (How to consume beetroot)

  • आप चुकंदर को घ‍िसकर रायता बना सकते हैं या दही में डालकर खा सकते हैं, ये एक हेल्‍दी ड‍िश होगी। 
  • चुकंदर का हेल्‍दी सलाद खाना एक अच्‍छा व‍िकल्‍प है, आप इसमें दूसरी सब्‍ज‍ियां भी एड करके खा सकते हैं।
  • आप चुकंदर का जूस पी सकते हैं, चुकंदर का जूस सुबह के वक्‍त पीना ज्‍यादा फायदेमंद होगा। 
  • आप चुकंदर की चटनी बनाकर खा सकते हैं, इसके अलावा आप चुकंदर के पराठे भी तैयार कर सकते हैं।
  • कई लोग चुकंदर की ट‍िक्‍की या कबाब भी खा सकते हैं, आप इसे शैलो फ्रॉय करके खा सकते हैं। 

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2. आपको क‍ितना चुकंदर खाना चाह‍िए? (How much beetroot you can consume)

आप एक द‍िन में दो चुकंदर खा सकते हैं पर इससे ज्‍यादा चुकंदर खाने से आपके पेट में दर्द हो सकता है क्‍योंकि इसमें फाइबर की ज्‍यादा मात्रा पाई जाती है। ज्‍यादा चुकंदर खा लेने से दस्‍त या पेट से जुड़ी समस्‍या हो सकती है। अगर 100 ग्राम चुकंदर की बात करें तो उसमें करीब 7 ग्राम शुगर होती है, अगर आप दो से ज्‍यादा चुकंदर एक द‍िन में खा लेंगे तो ब्‍लड शुगर लेवल अचानक से बढ़ जाएगा इसल‍िए शुगर के मरीजों को तो इसका सेवन कम से कम ही करना चाह‍िए।

3. चुकंदर को कब खाएं? (When to eat beetroot)

आप चुकंदर कभी भी खा सकते हैं, आप इसे जूस के रूप में सुबह नाश्‍ते में सेवन कर सकते हैं वहीं दोपहर में चुकंदर का पराठा या सलाद बनाकर खा सकते हैं वहीं रात में चुकंदर-गाजर का सूप पीना भी एक हेल्‍दी ऑप्‍शन होगा, कोई एक समय चुनना हो तो सुबह के समय चुकंदर का सेवन करें क्‍योंक‍ि इसमें मौजूद फाइबर पेट को ठीक रखने का काम करते हैं।

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4. ज्‍यादा चुकंदर खा लेने से क्‍या होगा? (Side effects of eating too many beetroots)

beetroot salad

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चुकंदर में आयरन, कॉपर, मैग्‍न‍िश‍ियम मौजूद होता है, ज‍िसका ज्‍यादा सेवन साइड इफेक्‍ट का रूप ले लेता है, चुकंदर का ज्‍यादा सेवन करने से सेहत ब‍िगड़ सकती हैद्व आप इसका ज्‍यादा सेवन कर लेंगे तो न‍िम्‍न समस्‍याएं हो सकती हैं- 

  • चुकंदर में ऑक्‍सलेट और बीटेन की मात्रा ज्‍यादा होती है ज‍िसका ज्‍यादा सेवन करने से क‍िडनी में पथरी की समस्‍या हो सकती है।
  • चुकंदर को ज्यादा खा लेने के कारण कई लोगों को एलर्जी या खुजली की समस्‍या होती है, अगर आपको इसे खाने के बाद रैशेज नजर आएं तो इस्‍तेमाल तुरंत रोक दें।
  • अगर आप ज्‍यादा चुकंदर खा लेंगे तो आपको लो ब्‍लड प्रेशर की समस्‍या हो सकती है क्‍योंक‍ि ये आपका ब्‍लड प्रेशर लेवल डाउन कर देता है। 
  • ज‍िन लोगों को डायब‍िटीज है उन्‍हें चुकंदर का सेवन ब‍िल्‍कुल नहीं करना चाह‍िए, चुकंदर का सेवन करने से ग्‍लाइसेमि‍क इंडेक्‍स बढ़ जाता है ज‍िससे हाई ब्‍लड शुगर की समस्‍या हो सकती है। 

5. चुकंदर का सेवन करने से रोग प्रत‍िरोधक क्षमता बढ़ती है? (Does beetroot boosts immunity)

हां चुकंदर का सेवन करने से शरीर की रोग प्रत‍िरोधक क्षमता बढ़ती है। इसमें एंटी-ऑक्‍सीडेंट, कैल्‍श‍ियम, म‍िनरल, मैग्‍न‍िश‍ियम, सोड‍ियम, क्‍लोरीन, आयोडीन और बाक‍ि जरूरी म‍िनरल मौजूद होते हैं ज‍िससे रोग प्रत‍िरोधक क्षमता बढ़ती है। 

आप बाजार से ताजे चुकंदर लेकर ही उनका सेवन करें, पुराने चुकंदर का स्‍वाद फ्रेश के मुकाबले उतना अच्‍छा नहीं होता है। 

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jan 17, 2022 00:00 IST

    Published By : Yashaswi Mathur

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