डायरिया यानी दस्‍त, पेट में संक्रमण से होने वाली एक समस्‍या है। ये समस्‍या यदि एक सप्‍ताह से अधिक समय तक बनी रहती है तो ये गंभीर हो सकती है। ऐसी स्थिति में तुरंत एक्‍सपर्ट की सलाह लें।  

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बार-बार दस्‍त का लगना पेट में संक्रमण होने के हैं संकेत, एक्‍सपर्ट से जानें कारण, लक्षण और उपचार

डायरिया यानी दस्‍त, पेट में संक्रमण से होने वाली एक समस्‍या है। ये समस्‍या यदि एक सप्‍ताह से अधिक समय तक बनी रहती है तो ये गंभीर हो सकती है। ऐसी स्थिति में तुरंत एक्‍सपर्ट की सलाह लें।  

Atul Modi
Written by: Atul ModiPublished at: Jun 05, 2019Updated at: Jun 05, 2019
बार-बार दस्‍त का लगना पेट में संक्रमण होने के हैं संकेत, एक्‍सपर्ट से जानें कारण, लक्षण और उपचार

डायरिया यानी दस्त आमतौर पर थोड़े समय के लिए होता है। यह समस्‍या कुछ दिनों से अधिक नहीं रहता है। आंतों के संक्रमण से उल्टी और पतले मल का लगातार उत्सर्जन होने लगता है, और शरीर में पानी की कमी हो जाती है, कमज़ोरी हो सकती है। इसी स्थिति को डायरिया कहते हैं। लेकिन, जब दस्त हफ्तों तक रहता है, तो यह आमतौर पर इशारा करता है कि आपको कोई और समस्‍या है। यदि आपको हफ्तों या उससे अधिक समय तक दस्त होते हैं, तो आपको आंत संबंधी समस्‍या, सूजन या अन्‍य आंत्र विकार हो सकते हैं। यदि डायरिया की समस्‍या थोड़े दिन तक रहती है तो घबराने की जरूरत नहीं है।

डायरिया से जुड़े कुछ सवालों और उनके जवाब के बारे डॉक्टर गौरव जैन (सीनियर कंसलटेंट इंटरनल मेडिसिन, धर्मशिला नारायण सुपर स्पेशेलिटी अस्पताल) हमें विस्‍तार से बता रहे हैं। 

डायरिया के लक्षण क्या हैं? 

  • बार-बार दस्त लगना 
  • उल्टी आना
  • पेट में दर्द
  • पेट में मरोड़ 
  • मल के साथ रक्‍त आना
  • दिन में सामान्य अवधि के बजाय 4 बार या उससे ज़्यादा बार पतला मल त्‍याग करना 
  • इस प्रकार की स्थिति 24 घंटे से ज़्यादा रहना, चक्कर आना, थकान व कमज़ोरी।

डायरिया के कारण क्या हैं? 

डायरिया का होना अधिकतर हमारे शरीर की संक्रमण से लड़ने की शक्ति पर निर्भर करता है। रोटावायरस, नोरोवायरस इसके दो आम कारण हैं। इसके अलावा दूषित, बासी बचे खाने के कारण, शरीर में पानी की कमी के कारण, पाचन शक्ति कमज़ोर होना आदि।

डायरिया से बचाव कैसे करें? 

  • साफ पानी का सेवन करें।
  • साफ सुथरा भोजन लें।
  • तला भूना न खाएं।

डायरिया का इलाज क्या है?  

डॉक्‍टर डायरिया का इलाज उसकी गंभीरता और प्रकार के हिसाब से करते हैं और दवाएं देते हैं। साथ ही स्वच्छता बनाए रखने, हल्के भोजन और शरीर में तरलता बनाए रखने की कोशिश होती है।

डायरिया में कैसा हो खानपान?

  • ठोस आहार जैसे रोटी, दाल, चावल आदि न लें।
  • पानी/ जूस पर्याप्त मात्रा में लें।
  • कम खाना खाएं।
  • फैटी मसालेदार खाना न खाएं।
  • दही, छाछ का सेवन करें।
  • आम का पना, नींबू पानी लें।
  • ओआरएस लें।

डायरिया के जोखिम क्या हैं?

डायरिया का मूल खतरा यह है कि लगातार मल आने से शरीर में पानी की कमी होती ही है साथ ही खनिज लवण भी बाहर आते हैं जिससे शरीर में पोषण की कमी हो जाती है। और यह किन्ही मामलों में गंभीर हो सकता है।

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डायरिया में क्या सावधानी बरतनी चाहिए?

  • गर्म दूध न पियें।
  • कम खाना खाना खाएं।
  • स्वच्छता का ध्यान रखें।

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