क्‍या है स्‍क्रबिंग का सही तरीका? जानें मेकअप से जुड़े ऐसे हर सवालों के जवाब

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Apr 20, 2018
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Quick Bites

  • त्‍वचा नाजुक होती है इसलिए उसकी विशेष से देखभाल करना चाहिए।
  • स्‍क्रबिंग और उत्‍पादों से जुड़े सवाल ज्‍यादा होते हैं लोगों के दिमाग में।
  • आंखों के आसपास लगाने के लिए भी बाजार में कई उत्‍पाद मिलेंगे।

सुंदर और बेदाग चेहरे की चाहत सभी की होती है, खासकर महिलाओं की। अपने चेहरे को सुंदर और खूबसूरत बनाने के लिए वे कई तरह के प्रयोग भी करती हैं। लेकिन त्‍वचा की देखभाल को लेकर जानकारी के अभाव में कई बार उसके साइड इफेक्‍ट भी हो जाते हैं।

त्‍वचा बहुत नाजुक होती है और सबसे ज्‍यादा नाजुक त्‍वचा चेहरे की होती है। यदि आपने इसकी देखरेख में कोई लापरवाही बरती तो इसका बुरा असर दिखता है जिसके परिणामस्‍वरूप आपके चेहरे पर दाग भी पड़ सकते हैं। ऐसा उस दौरान होता है जब आप गलत उत्‍पादों का चुनाव करती हैं। आइए हम आपके कुछ सवालों का जवाब देने की कोशिश करते हैं।

सौंदर्य से जुड़े सवाल और उनके जवाब

1: स्क्रबिंग की सही विधि क्या है?

स्क्रब करने का सही तरीका यह है कि आपकी त्वचा पर सहजता से दबाव डालते हुए इसे किया जाये। खासकर फेशियल त्वचा पर यह ज़्यादा ज़रूरी है क्योंकि यह ज़्यादा संवेदनशील होती है इसलिये इसको स्क्रब करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिये। ड्राइ प्रकार की त्वचा को स्पेशल केयर के साथ एक्सफॉलिएटेड किये जाने की ज़रूरत होती है। कभी भी अपने चेहरे पर सीधे स्क्रब का इस्तेमाल न करें। पहले अपने चेहरे को नम करें फिर स्क्रब की थोड़ी मात्रा लेकर इसे अपने चेहरे पर लगाने से पहले इसमें थोड़ा पानी मिलायें। इस तरह से यह स्क्रब त्वचा की तरह सौम्य हो जाता है और इसे चेहरे पर आसानी से लगाया जा सकता है। हाथों को गोलाई के अंदाज में चेहरे पर घुमायें और खासतौर से आंखों और होंठों के आसपास के हिस्से पर कठोर हाथ लगाने से बचें क्योंकि ये संवेदनशील हिस्से होते हैं। समस्याग्रस्त हिस्सों पर ज़्यादा जोर दें। स्क्रब आपकी त्वचा टोन और बनावट सुधारने में मदद करता है।

2: सनस्क्रीन चुनने से पहले किन बातों का ध्‍यान रखें?

ऐसी सनस्क्रीन चुनें जो अल्ट्रावायलेट ए (यूवीए) और अल्ट्रावायलेट बी (यूवीबी) दोनों तरह की सूरज की किरणों से सुरक्षा देती हो। पन्द्रह या इससे ज़्यादा का सन प्रोटेक्शन फैक्टर (एसपीएफ) चुना जाना चाहिये। ऐसे लोग वॉटरप्रूफ सनस्क्रीन का चुनाव कर सकते हैं जिनको बाहर जाने पर अधिक पसीना आता है या स्विमिंग करनी हो। आपकी त्वचा प्रकार के अनुसार ऑयली प्रकार त्वचा के लिये वॉटर बेस्ड सनस्क्रीन और ड्राइ प्रकार त्वचा के लिये क्रीम बेस्ड सनस्क्रीन चुनें। संवेदनशील त्वचा के लिये हाइपोएलर्जिक सनस्क्रीन का चयन करें।

3: आंखों के आसपास लगाने के लिये किसी खास क्रीम का प्रयोग करना चाहिये?

हां, खासकर यदि आपकी आंखों की आसपास की त्वचा पहले से ही एजिंग के संकेत प्रदर्शित करने लगी हो। इस एरिया की त्वचा पतली होती है और असर डालने वाले कारकों जैसे तनाव, पर्यावरणीय कारण और एजिंग की वजहों से इसमें बदलाव ज़्यादा आसानी से होते हैं। डार्क सर्किल्स] पफ्फीनेस और रिंकल्स जैसी समस्याओं का समाधान कर सकने वाला कोई सौम्य फार्मूला बहुत मददगार साबित होता है।

4: क्या बाहर नहीं होने पर भी मुझे सनस्क्रीन की ज़रूरत हो सकती है?

हां, यूवीए किरणें ग्लास विंडोज से पार निकल जाती हैं और आपकी त्वचा टैन कर सकती हैं। याद रखें सूरज की किरणें बहुत स्ट्रांग होती हैं और बर्फ या रेत पर से बाउंस होने के बावजूद टैनिंग की वजह बन सकती हैं। यहां तक कि बादलों से भरे दिन में भी सूरज की किरणें बादलों को भेद सकती हैं और टैनिंग की वजह बन सकती हैं।

5: मैं त्वचा पिगमेंटेशन की रोकथाम कैसे कर सकती हूं?

त्वचा पिगमेंटेशन के कारणों में सन डैमेज, हार्मोनल डिसऑडर्स से लेकर आनुवंशिक कारण तक को शामिल किया जा सकता है। ज़्यादातर मामलों में सन एक्सपोजर त्वचा पिगमेंटेशन की वजह बनती है जिसका सामना रोकथाम के उपाय के तौर पर रोजाना पन्द्रह या इससे अधिक एसपीएफ की सनस्क्रीन से किया जा सकता है। पीक टाईमिंग के दौरान सन एक्सपोजर से बचें। प्रेगनेंसी और मेनोपॉज के दौरान हार्मोनल डिसऑडर्स के कारण होने वाला पिगमेंटेशन अपने आप एक वक्त बाद सही हो जाता है जब शरीर द्वारा संतुलन फिर से बना लिया जाता है। त्वचा के साथ होने वाली दुर्घटनाओं जैसे चोट लगना और पिम्पल्स खींचने के कारण होने वाला पिगमेंटेशन ट्रीट करना कठिन होता है जिसमें कॉस्मेटिक प्रक्रियाओं की ज़रूरत हो सकती है।

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ब्यूटी के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1: क्या मैं कंसीलर के रूप में फाउंडेशन को दोहरा सकती हूं?
फाउंडेशन अपने घनत्व में हल्के होते हैं जिससे ये चेहरे पर आसानी से लगाये जा सकते हैं जबकि कंसीलर गाढे होते हैं ताकि दोषों को बेहतर छिपाया जा सके। फाउंडेशन की बोतल के मुंह के नजदीक फाउंडेशन के छोटे थक्के बन जाते हैं जो अपनी बनावट में गाढे होते हैं इनको कंसीलर के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है जब आपके पास कंसीलर मौजूद नहीं हो।

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2: फाउंडेशन लगाने का सही तरीका क्या है?
इसे लगाने से पहले चेहरे को साफ और माइश्चराईज़ करना सही होता है। अपने चेहरे के विभिन्न हिस्सों पर फाउंडेशन को डॉट्स की तरह लगायें और खासकर प्रॉब्लम एरिया (असमान त्वचा टोन) पर अच्छी तरह लगायें। नेचुरल लुक के लिये "ब्लेंडिंग" करना ज़रूरी है अपनी अंगुलियों या स्पंज से चेहरे पर अंदर से बाहर की ओर हल्के से मसाज शुरू करें।

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