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महिलाओं में लिकोरिया की बीमारी क्यों और कैसे होती है? डॉक्टर से जानें कारण और इलाज

Causes Of Leucorrhoea In Hindi: लिकोरिया की बीमारी क्यों और कैसे होती है? आइए डॉक्टर से इसके कारण और इलाज विस्तार से जानते हैं।

Vineet Kumar
Written by: Vineet KumarUpdated at: Jan 03, 2023 19:07 IST
महिलाओं में लिकोरिया की बीमारी क्यों और कैसे होती है? डॉक्टर से जानें कारण और इलाज

Causes Of Leucorrhoea Disease In Hindi: महिलाओं को व्हाइट डिसचार्ज या सफेद पानी होना बहुत आम है। यह उनके प्राइवेट पार्ट से हानिकारक बैक्टीरिया को साफ करने का एक प्राकृतिक तरीका है। योनि से सफेद पानी आमतौर पर महिलाओं को पीरियड्स से 2-3 दिन पहले और बाद में देखने को मिलता है। यह सफेद रंग का चिपचिपा गाढ़ा तरल पदार्थ होता है, जो प्राइवेट पार्ट की सफाई करता है। लेकिन अक्सर यह देखने को मिलता है कि कुछ महिलाओं को बार-बार और बहुत अधिक मात्रा में प्राइवेट पार्ट से सफेद पानी निकलने की समस्या परेशान करती है। इस स्थिति को मेडिकल भाषा में ल्यूकोरिया या लिकोरिया कहते हैं, जिसमें महिलाओं के प्राइवेट पार्ट से सामान्य से अधिक सफेद पानी निकलता है। यह समस्या किसी भी उम्र की महिलाओं में देखने को मिल सकती है।

लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि महिलाओं में यह समस्या आखिर क्यों होती है या किन कारणों होती है? ओनलीमायहेल्थ (OnlymyHealth) की स्पेशल सीरीज 'बीमारी को समझें' में हम डॉक्टर से बातचीत करके आपको आसान भाषा में किसी बीमारी और उसके कारण समझाते हैं। लिकोरिया की बीमारी क्यों होती है और इसके कारणों के बारे में जानने के लिए हमने DY पाटिल हॉस्पिटल, पुणे के डॉ. हेमंत देशपांडे (Professor and HOD, Department of Obstetrics and Gynaecology) से बात की। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

What Causes Leucorrhoea Disease In Hindi

लिकोरिया की बीमारी क्यों होती है- What Causes Leucorrhoea Disease In Hindi

डॉ. हेमंत के अनुसार महिलाओं के प्राइवेट पार्ट से होने वाला यह डिस्चार्ज स्वाभाविक रूप से अम्लीय होता है, जो संक्रमण को रोकने और योनि को स्वस्थ रखने के लिए आवश्यक है। हालांकि, कई बार योनि का प्राकृतिक संतुलन कुछ कारणों की वजह से बाधित हो जाता है, जिससे यह डिस्चार्ज की स्थिरता, रंग और गंध में बदलाव देखने को मिल सकता है साथ ही इसकी मात्रा भी अधिक हो सकती है। यह कुछ मामलों में किसी अंतर्निहित संक्रमण या बीमारी का संकेत भी हो सकता है। मेंस्ट्रुअल चक्र के बीच में द्रव का स्राव होना सामान्य है क्योंकि यह ओव्यूलेशन का सूचक है। सफेद पानी की अधिकता या लिकोरिया के लिए कई कारक जिम्मेदार हो सकते हैं जैसे ....

  • डूश, टैम्पोन या फेमिनिन हाइजीन स्प्रे का प्रयोग
  • कुछ दवाओं जैसे कि एंटीबायोटिक्स और स्टेरॉयड का अधिक सेवन
  • बैक्टीरियल इन्फेक्शन जैसे  वेजिनोसिस, वजाइनल कैंडिडिआसिस
  • यौन संचारित संक्रमण जैसे गोनोरिया, क्लैमाइडिया, ट्राइकोमोनिएसिस, एचपीवी
  • डायबिटीज और एचआईवी पॉजिटिव होना
  • चिंता, तनाव और अवसाद जैसी मानसिक स्थितियां
  • प्राइवेट पार्ट की स्वच्छता का ध्यान ठीक से न रखना
  • शरीर के पीएच स्तर में बदलाव
  • शरीर में खून की कमी
  • यौन संबंध बनाते समय गलतियां
  • बहुत अधिक फास्टिंग
  • अनहेल्दी फूड्स का अधिक सेवन
  • गर्भपात
  • यूरिनरी ट्रैक्ट में संक्रमण
  • कमजोर इम्यूनिटी
  • यीस्ट इन्फेक्शन

लिकोरिया का इलाज कैसे होता है- Leucorrhoea Treatment In Hindi

डॉ. हेमंत की मानें तो अगर सफेद पानी की समस्या किसी मेडिकल कंडीशन के कारण है तो डॉक्टर आपको कुछ टेस्ट कराने का सुझाव दे सकता है, जिससे कि इसके कारणों का पता लगाया जा सके। उसके बाद डॉक्टर आपकी स्थिति के अनसुार उपचार का सुझाव दे सकता है। आमतौर पर डॉक्टर लिकोरिया के इलाज के लिए मेट्रोनिडाजोल, टिनिडाजोल, क्लोट्रिमेज़ोल, फेंटिकोनाजोले, क्लिंडामाइसिन जैसी दवाएं देते हैं। अगर समस्या किसी मेडिकल कंडीशन के कारण नहीं है तो कुछ घरेलू उपायों की मदद से भी इससे छुटकारा पाया जा सकता है। लेकिन इस दौरान प्राइवेट पार्ट की साफ-सफाई का खास ध्यान रखने की सलाह दी जाती है।

(With Inputs: Dr. Hemant Deshpande, Professor and HOD, Department of Obstetrics and Gynaecology, Dr. DY Patil Medical College)

All Image Source: Freepik

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