बहुत काम का है बेहया का पौधा, इन 6 समस्याओं में कर सकते हैं बेहया के पौधे का इस्तेमाल

बेहया का पौधा खाली जगहों और सड़क के किनारे अक्सर अपने आप ही उग आता है। लेकिन इसमें ढेर सारे औषधीय गुण होते हैं।

Kunal Mishra
Written by: Kunal MishraPublished at: Apr 27, 2021Updated at: Apr 27, 2021
बहुत काम का है बेहया का पौधा, इन 6 समस्याओं में कर सकते हैं बेहया के पौधे का इस्तेमाल

बेहया एक किस्म का पौधा है, जिसे अलग-अलग जगह पर अलग-अलग नाम से जाना जाता है। बेहया को स्थानीय भाषा में बेशर्म के नाम से भी जाना जाता है। बेहया भारत में बड़ी ही आसानी से हर जगह देखा जा सकता है। इस पौधे में बहुत सुंदर गुलाबी रंग के फूल खिलते हैं। यह पौधा अक्सर सड़कों के किनारे, खाली जगह पर, नदी, तालाब, नहर आदि के किनारे अपने आप ही उग जाते हैं। इनकी खासियत होती है कि यह कठिन से कठिन परिस्थिति में भी जिंदा रहते हैं। यह पौधा कभी सूखता या मरता नहीं है। इसलिए इसे बेशर्म कहा जाता है। कम पानी या कम धूप में भी यह मुरझाते नहीं। अगर बेहया पौधे की टहनियों को तोड़कर कहीं भी फेंक दिया जाए तो ये वहीं खुद ही उगने लगता है। ये कही भी किसी भी हाल में उग जाता है। इसे पानी में भी उगाया का सकता है। यह पौधा पानी में सड़ता नहीं है। जंगली जानवर भी इस पौधे को नहीं खाते क्योंकि यह एक ज़हरीला पौधा होता है। बेहया के ज़हर के कारण इंसान भी इसे खा नहीं सकता। इसका उपयोग केवल बाहरी रूप (External Use) से किया जाता है अंदरूनी रूप (Internal Uses) से नहीं। बेहया की पत्तियां, टेहनियां और दूध को प्राचीन समय से ही लोग कई स्वास्थ्य समस्याएं ठीक करने में इस्तेमाल करते चले आ रहे हैं। बेहया से कीटनाशक भी बनाया जाता है, जिसके छिड़काव से फसलों पर लगने वाले कीटो का नाश होता है। बेहया का इस्तेमाल कम लोग करते हैं। गांव में तो आज भी लोग इस पौधे का प्रयोग कर पुराने घाव भरते हैं, लेकिन शहरों में इसके बारे में बहुत कम लोग जानते है। 

wound

1. घाव ठीक करने में मददगार (Heels Wound)

बेहया में एंटीबैक्टीरियल एंटीमाइक्रोबियल और एंटीऑक्सिडेंट्स गण पाए जाते हैं। इसलिए बेहया पौधे का इस्तेमाल घाव भरने में अधिक किया जाता है। इसकी पत्तियों पर तेल लगाकर हल्का गर्म कर चोट या घाव पर लगाने से घाव जदली भर जाते है। माना जाता है कि पुराने घाव भरने में भी बेहया काफी कामगर होता है। 

इसे भी पढ़ें - Safed Musali: सफेद मूसली के उपयोग से सेहत को होते हैं ये 6 फायदे, जानें इसके नुकसान भी

2. दर्द से दिलाए राहत (Releif From Pain)

यह दर्द भी कम करता है। ऐसा माना जाता है कि इसकी पत्तियां पट्टी के रूप में लगाने से सारा दर्द खींच लेती है और आपको दर्द से राहत दिलाती है। इसमें दर्द को कम करने वाले गुण मौजूद होते हैं। इस पौधे का इस्तेमाल आपकी पुरानी चोट से हो रहे दर्द को भी कम करने की क्षमता रखता है। इसलिए चोट लगने पर चिकित्सक के पास नहीं जाना चाहते तो यह पौधा आपकी मदद कर सकता है। 

inflammation

3. सूजन कम करता है (Reduces Inflammation)

बेहया के पौधे में सूजन रोधी गुण यानि एंटी इंफ्लामेटरी गुण पाए जाते हैं। इसकी पत्तियों को गर्म करके सूजी हुई त्वचा पर लगाने से सूजन ठीक हो जाती है। बेहया की पत्तियों से बने लेप को सूजी त्वचा पर लगाने से भी सूजन काम होती है। यह सूजन को 3 से 4 घंटे में ही ठीक करने लगता है। इस तरीके से पुरानी से पुरानी सूजन भी ठीक की का सकती है। सूजन को कम करने के लिए प्राचीन समय से इस पौधे को काफी लाभकारी माना जाता है। 

4. जहर को कम करता है (Reduces Poison)

बेहया की टहनियों और पत्तों को तोड़ने पर एक प्रकार का दूध निकलता है। इस दूध को कटी हुई त्वचा पर लगाने से खून निकलना बंद हो जाता है। इसके अलावा ऐसा भी कहा जाता है बिच्छू के डंक मारने पर यदि यह दूध लगाया जाए तो इससे धीरे-धीरे ज़हर का असर कम होने लगता है। यही नहीं बेहया के पत्तो का लेप भी बिच्छू के डंक पर लगाकर ज़हर के असर को रोका जा सकता है। 

इसे भी पढ़ें - पिठवन के जड़ और पत्ते हैं औषधीय गुणों से भरपूर, जानें इस पौधे के फायदे और नुकसान

5. दांतों के लिए अच्छा (Beneficial for Teeths)

बेहया से दांतों के रोगों को भी ठीक किया जाता है। पायरिया भी दांतों से जुड़ी एक समस्या है। यह मसूड़ों को भी प्रभावित करता है। इससे दांतो की जड़ें कमज़ोर होने लगती हैं। यह जबड़ों की हड्डी को कमज़ोर करने लगता है। मात्र बेहया की टहनी से दातून करने से इस रोग को ठीक किया जा सकता। इससे दातून करने से दांत में कीड़े भी नहीं लगते। या फिर आप इससे उपरी तौर पर भी दांतों पर रगड़ सकते हैं। 

skin

6. चर्म रोग के लिए फायदेमंद (Treats Skin Problems)

बेहया को चर्म रोग ठीक करने में भी प्रयोग किया जाता है। इसके एंटीफंगल गुण चर्म रोग को ठीक करने में सक्षम होते हैं। इसके लिए इस पौधे की जड़ को उखाड़कर और सुखाकर पीस लें और उसमें कपूर और कोकड़े का तेल मिलाकर प्रभावित त्वचा पर लगाएं। इससे विटिलिगो जैसे चर्म रोग भी ठीक हो सकते है और तो और  बेहाया दाद को भी ठीक करने में बहुत लाभदायक माना जाता है। इसके पत्ते त्वचा संबंधी अन्य कई विकारों में भी काम आते हैं।

बेहया का पौधा आपके लिए बहुत लाभदायक है। ध्यान रहे इसे खाना नहीं है। केवल उपरी तौर पर ही इसका सेवन आपको लाभ देता है। इसे खाने पर कई नुकसान भी हो सकते हैं। एक बार चिकित्सक की सलाह जरूर लें। 

Read more Articles on Ayurveda in Hindi

Disclaimer