बच्‍चों में टाइफाइड के कारण और लक्षण

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Dec 29, 2015
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Quick Bites

  • साल्मोनेला टाइफी बैक्टीरिया के कारण होता है टाइफाइड। 
  • दूषित पानी एवं भोजन के कारण फैलता है ये बुखार।
  • एक सप्ताह बाद रोग के लक्षण नजर आने लगते हैं।
  • बच्चों को दो साल की उम्र के बाद नियमुत टीका लगवायें।

बच्‍चों में टाइफाइड को एक खतरनाक बुखार के रूप में जाना जाता है, इस बुखार का कारण 'साल्मोनेला टाइफी' नामक बैक्टीरिया का संक्रमण होता है। यह दूषित पानी एवं भोजन से फैलने वाला रोग है। टाइफायड दो साल के बच्‍चों से लेकर बड़ों तक में हो जाता है। इस बीमारी में तेज बुखार आता है, जो कई दिनों तक बना रहता है। यह बुखार कम-ज्यादा होता रहता है, लेकिन सामान्य नहीं होता। आइये बच्चों में टाइफाइड के कारण और लक्षणों के बारें में जाने। 

  • टाइफायड ऐसे स्थानों में अधिक पाया जाता है जहां हाथ धोने की परंपरा कम पायी जाती है तथा जहां पानी, मलवाहक गंदगी से प्रदूषित होता है।इस बीमारी से ग्रस्त बच्‍चा जब मल त्याग करता है, तो ये बैक्टीरिया वहॉ से पानी में मिल जाते हैं, और फिर मक्खियों द्वारा खाद्य पदार्थों पर आ जाते है और स्वस्थ बच्‍चे को रोग का शिकार बना देते हैं। शौच के बाद जब संक्रमित बच्‍चे हाथ ठीक से नही धोते और भोजन को छू देते है।

 

  • साल्मोनेला टाइफी बैक्टीरिया केवल मानव में छोटी आंत में पाए जाते हैं। ये मल के साथ निकल जाते हैं। जब मक्खियॉ मल पर बैठती हैं तो बैक्टीरिया इनके पॉव में चिपक जाते हैं और जब यही मक्खियॉ खाद्य पदार्थों पर बैठती हैं, तो वहॉ ये बैक्टीरिया छूट जाते हैं। इस खाद्य पदार्थ को खाने से बच्‍चे इस बीमारी की चपेट में आ जाते है।

[इसे भी पढ़े : बच्‍चों में सामान्‍य स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍या]

  • बच्‍चों में टाइफाइड का इन्फेक्शन होने के एक सप्ताह बाद रोग के लक्षण नजर आने लगते हैं। बच्‍चों में टाइफाइड की शुरुआत में-  कमजोरी, सिर दर्द, बेचैनी, तेज बुखार व तेज खॉसी, बुखार 103 डिग्री से 104 डिग्री फैरेनहाइट तक बना रहता है। कपकंपी के साथ ठंड लगना, पेट में दर्द, पेट फूलना, भूख कम लगना, कब्ज,  छाती व पेट पर हलके गुलाबी रंग के दाने आदि लक्षण नजर आते है।

 

  • यह बहुत ही ज़रूरी है कि आपका बच्चा साफ पानी का इस्तेमाल करे। पानी सदैव छानकर (फिल्टर द्वारा) उबालकर ठंडा किया हुआ पिएं और पिलाएं। ध्यान रखें कि आपका बच्चा हमेशा घर से पानी की बोतल ले जाये।

 

  • भोजन को मक्‍खी-मच्‍छर से दूर रखें। विशेषतः बाहर का खाना जिस पर मक्‍खी-मच्‍छर हो उसे ना खाएं। बच्चे को घर से बना हुआ स्नैक्स दें।

 

  • बच्चे को खाने से पहले और बाथरूम का प्रयोग करने के बाद डिसिन्फेक्टेंट साबुन से हाथ साफ करने की सलाह दें। ध्यान रखें कि आप भी खाना बनाने से पूर्व अपने हाथ साबुन से धोएं।

 

  • रसोईघर और खाने के बर्तनों को अच्छी तरह से साफ करें। स्कूल के लिए लंच पैक करते समय ध्यान रखें कि बच्‍चों का टिफिन साफ हो।

[इसे भी पढ़े : टाइफाइड बुखार से बचाव के लिए घरेलू इलाज]

 

 

इसके अलावा बच्‍चों में टाइफाइड की इस बीमारी पर काबू पाने के लिए प्रभावी और दुष्प्रभाव रहित टीका उपलब्ध है। बच्चे को 2 साल की उम्र के पश्चात् यह टीका कभी भी लगाया जा सकता है। टीके का प्रभाव 3 साल तक रहता है। हर तीन साल में टीका वापस लगवाना पड़ता है।

 

 

 

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