Fri Sep 11, 2026 | 09:03 PM IST

5 तरह के होते हैं कोकोनट ऑयल, जानें किस इस्तेमाल के लिए कौन सा नारियल तेल है बेस्ट

कोकोनट ऑयल की 5 अलग-अलग वैराइटी होती है, जानते हैं इसके बारे में 

कभी न कभी तो आपने नार‍ियल के तेल का इस्‍तेम‍ाल क‍िया ही होगा। इसके गुणों के कारण लगभग हर घर में आपको नार‍ियल का तेल देखने को म‍िल जाता है। नार‍ियल के तेल में कई ऐसे गुण हैं जो हमारी सेहत, त्‍वचा और बालों को हेल्‍दी रखने में मदद करते हैं। नार‍ियल के तेल में एंटी-माइक्रोब‍ियल प्रॉपर्टी होती है ज‍िससे आपकी स्‍क‍िन में बैक्‍टीर‍िया या इंफेक्‍शन होने का खतरा टल जाता है। नार‍ियल का तेल एंटी-फंगल होता है, ये आपको फंगल इंफेक्‍शन से हर सीजन में बचा सकता है, इसमें एंटी-ऑक्‍सीडेंट्स गुण भी होते हैं जो स्‍क‍िन को हाइड्रेट रखने का काम करता है। नार‍ियल तेल में फैटी एस‍िड्स की अच्‍छी मात्रा होती है इसल‍िए ये आपकी स्‍क‍िन को हेल्‍दी रखता है। नार‍ियल के तेल भी कई प्रकार का होता है और हर प्रकार के अपने अलग फायदे उसके साथ जुड़े हैं। इस लेख में हम नार‍ियल के तेल के प्रकार और उसके गुणों के बारे में चर्चा करेंगे।

coconut oil uses

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1. रिफाइंड कोकोनट ऑयल (Refined coconut oil)

र‍िफाइंड कोकोनट ऑयल वो तेल है ज‍िसे सूखे और पुराने नार‍ियल से न‍िकाला जाता है। इस तेल में कई प्र‍िजर्वेट‍िव का इस्‍तेमाल क‍िया जाता है। इस तेल को न‍िकालने में लंबा प्रोसेस लगता है।

2. वर्जिन कोकोनट ऑयल (Virgin coconut oil)

वर्जि‍न कोकोनट ऑयल को अनर‍िफाइंड ऑयल के नाम से भी जाना जाता है। ये तेल पूरी तरह से शुद्ध तेल होता है, इसे नारियल ते पेड़ से तोड़कर, तेल को 3 द‍िन के अंदर ही न‍िकाल ल‍िया जाता है। ये तेल बाल और स्‍क‍िन दोनों के ल‍िए फायदेमंद माना जाता है।

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3. ऑर्गैनिक (Organic coconut oil)

जब तेल को उस नार‍ियल से न‍िकाला जाता है जो नैचुरल तरीके से उगता है तो उस प्रोसेस  से न‍िकाले गए तेल को ऑर्गेन‍िक ऑयल के नाम से जाना जाता है, इस तेल को न‍िकालने के ल‍िए क‍िसी नार‍ियल में कैम‍िकल का इस्‍तेमाल नहीं क‍िया जाता है।

4. नॉन-ऑर्गैनिक (Non-organic coconut oil)

जब नार‍ियल तेल को न‍िकालने के ल‍िए बड़ी संख्‍या में नार‍ियल का इस्‍तेमाल क‍िया जाता है तो जो तेल बनता है उसे हम नॉन-ऑर्गेन‍िक ऑयल के नाम से जानते हैं। इस प्रोसेस में उन नार‍ियल का इस्‍तेमाल क‍िया जाता है ज‍िन्‍हें खासतौर पर तेल न‍िकालने के ल‍िए उगाया जाता है। नार‍ियल उगाने के ल‍िए केम‍िकल्‍स और पेस्‍ट‍िसाइड्स का भी इस्‍तेमाल होता है तो ये हमारी के ल‍िए फायदेमंद ऑप्‍शन नहीं है।

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5. कोल्ड और एक्‍सपेलर प्रेस्ड (Cold and Expeller pressed coconut oil)

coconut oil benefits

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कोल्‍ड और एक्‍सपेलर प्रेस्‍ड तेल न‍िकालने की एक तरह की तकनीक है। जब ढेर सारा तेल न‍िकाला जाता है तो उसे एक्‍सपेलर प्रेस्‍ड तेल के नाम से जाना जाता है, इसमें हाई प्रेशर और गर्मी का सहारा ल‍िया जाता है और इस प्रोसेस के चलते तेल अपने गुण खो देता है, इस तेल का इस्‍तेमाल स्‍क‍िन के ल‍िए नहीं क‍िया जा सकता। वहीं दूसरी तरह एक और तकनीक है ज‍िसे कोल्‍ड प्रेस्‍ट ऑयल के नाम से जाना जाता है, इस तकनीक से न‍िकाला गया तेल अच्‍छी क्‍वॉल‍िटी का होता है, इस प्रोसेसे से तेल की कम मात्रा न‍िकलती है इसल‍िए तेल मेहंगा होता है पर ये सबसे बेहतर गुणवत्‍ता का तेल माना जाता है।

कौनसा नारियल तेल बेस्‍ट है?

अगर आप सबसे बेस्‍ट नार‍ियल तेल को चुनना चाहते हैं तो आप वर्जि‍न कोकोनट ऑयल का इस्‍तेमाल कर सकते हैं, इसके अलावा आप कोल्‍ड प्रेस्‍ड कोकोनट ऑयल का भी इस्‍तेमाल कर सकते हैं। नार‍ियल तेल को आप बालों के कंडीशनर में, स्‍क्रबिंग में, मॉइश्‍चराइजर, ल‍िप बॉम के रूप में इस्‍तेमाल कर सकते हैं।

कुछ लोगों को नार‍ियल के तेल से भी इंफेक्‍शन हो सकता है, नार‍ियल तेल का इस्‍तेमाल ज्‍यादा करने से स्‍कि‍न पोर्स ब्‍लॉक हो जाते हैं, इससे प‍िंपल्‍स की समस्‍या हो सकती है इसल‍िए स्‍क‍िन टाइप के मुताबिक ही तेल चुनें।

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Dec 24, 2021 00:00 IST

    Published By : Yashaswi Mathur

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