थकान से भी हो सकता है आपको सिरदर्द, जानें प्रकार और सावधानियां

सिरदर्द का मतलब सिर के एक या एक से अधिक हिस्सों में दर्द होना है। इसके साथ ही गर्दन के पिछले भाग में हल्के से लेकर तेज दर्द का एहसास होने से भी सिरदर्द हो सकता है। 

Jitendra Gupta
Written by: Jitendra GuptaPublished at: Apr 29, 2015Updated at: Jun 06, 2019
थकान से भी हो सकता है आपको सिरदर्द, जानें प्रकार और सावधानियां

इस भागदौड़ भरी जिंदगी और खराब खानपान के कारण किसी को भी सिरदर्द होना स्वाभाविक है। सिरदर्द का मतलब सिर के एक या एक से अधिक हिस्सों में दर्द होना है। इसके साथ ही गर्दन के पिछले भाग में हल्के से लेकर तेज दर्द का एहसास होने से भी सिरदर्द हो सकता है। सिर दर्द के कई कारण होते हैं, हालांकि ज़्यादातर सिरदर्द किसी गंभीर बीमारी की वजह से नहीं होता हालांकि दवाइयों और जीवनशैली में बदलाव कर सिरदर्द से निजात पाई जा सकती है।

आमतौर पर नींद पूरी न होने, दांतों में दर्द होने, थकान होने, गलत दवाई लेने, चश्मे का नंबर बढ़ने, मौसम बदलने पर सिरदर्द हो सकता है। सिर दर्द एक प्रकार का नहीं होता, इसके अनेक प्रकार होते हैं। हम आपको सिरदर्द के प्रकारों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके जरिए आप जान सकते हैं कि आप किस सिरदर्द से पीड़ित हैं। 

तनाव से सिरदर्द

तनाव से होने वाला सिरदर्द सामान्य प्रकार का होता है। ये मांसपेशियों में सिकुड़न के कारण होता है। ये सिरदर्द लंबे समय तक तनाव के रहने के कारण होता है। तनाव से पैदा हुआ सिरदर्द अक्सर धीमा और स्थिर होता है। 90 प्रतिशत सिरदर्द इसी कारण होते हैं और आमतौर पर खुद ही ठीक हो जाते हैं। इसके अतिरिक्त रोजाना होने वाला सिरदर्द भावनात्मक तनाव, थकान व शोरगुल से भी हो सकता है। वैसे तो ऐसा दर्द सिर में कहीं भी हो सकता है, परन्तु गर्दन या दोनों कनपटियों में यह दर्द तेज होता है।

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माइग्रेन से सिरदर्द

माइग्रेन ऐसा सिरदर्द है जो अधिकतर आनुवंशिक होता है। यह सिरदर्द हर किसी में अलग-अलग होता है। माइग्रेन सिर के आधे हिस्से में और बहुत तेज होने वाला सिरदर्द है। इस सिरदर्द में कई बार जी मिचलाना, उल्टी होना, रोशनी के प्रति संवेदनशीलता, दृष्टि-दोष, सुस्ती, बुखार और ठंड भी लगती है। माइग्रेन से कई बार धीरे-धीरे और कई बार तेज होने लगता है। इसका कारण किसी भोज्य पदार्थ से एलर्जी भी हो सकता है।

साइनस सिरदर्द

साइनस सिरदर्द तब होता है जब आपके साइनस  में संक्रमण हो जाता है और उसमें जलन होने लगती है। साइनस में सिरदर्द तेज और कई बार लगातार होता रहता है। यह अधिकतर सुबह शुरू होता है। साइनस के कारण सिरदर्द में आंखों में, गाल में और सिर के अगले हिस्से में दबाव और दर्द होता और साथ ही इसमें नीचे झुकने पर दर्द बहुत तेज होता है। इसमें ऊपरी दांत में दर्द, बुखार, ठंड लगना, चेहरे पर सूजन आदि की समस्या भी आ जाती है।

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ऐसें बरतें सावधानियां

अगर आप को इन दर्दो से निजात पाना है तो तनाव कम करें, नींद पूरी लेने का प्रयास करें, लेकिन फिर भी सिरदर्द की समस्या लगातार बनी रहे तो डॉक्टर के पास जानें में बिल्‍कुल भी देर न करें क्योंकि आपकी थोड़ी-सी लापरवाही से समस्‍या बढ सकती है। 50 प्रतिशत लोग डॉक्टर के पास जाने की बजाय खुद ही अपने सिरदर्द का इलाज करने लगते है लेकिन सिरदर्द के लिए उचित इलाज की जरूरत है।

कई बार सिरदर्द की वजह आपका खानपान भी हो सकता है जिसपर आप कभी गौर नहीं करते। लेकिन अगर आप अपने रुटीन और डाइट पर थोड़ा गौर करें तो आप सिर्फ उनपर नियंत्रण से ही अक्सर होने वाले सिरदर्द से छुटकारा पा सकते हैं।

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