पब्लिक वाशरूम में पेशाब करते वक्त लगता है डर और आती है शर्म तो आप हैं इस सिंड्रोम के शिकार, पढ़ें लेख

सार्वजनिक शौचालयों में पेशाब करते वक्त अगर आपको भी डर लगता है तो आप इस विकार से ग्रस्त हैं, पूरी जानकारी के लिए पढ़ें लेख।

Jitendra Gupta
Written by: Jitendra GuptaPublished at: Feb 11, 2020Updated at: Feb 11, 2020
पब्लिक वाशरूम में पेशाब करते वक्त लगता है डर और आती है शर्म तो आप हैं इस सिंड्रोम के शिकार, पढ़ें लेख

क्या आपको अक्सर सार्वजनिक शौचालयों का प्रयोग करते हुए डर लगता है? अगर इसका जवाब हां है तो यकीन मानिए आप अकेले नहीं है। दुनियाभर में लाखों लोग विकल्प के रूप में भी सार्वजनिक शौचालयों का प्रयोग नहीं करते हैं। कुछ लोगों के लिए सार्वजनकि शौचालय में पेशाब करना शारीरिक रूप से अंसभव है। इन लोगों में से अधिकतर पुरुष एक सामाजिक चिंता सिंड्रोम (social anxiety syndrome) से जूझ रहे होते हैं। इस सिंड्रोम को बैशफुल ब्लैडर सिंड्रोम (बीबीएस), शाय ब्लैडर या फिर ब्लैडर शाइनेस भी कहते हैं। अकेले अमेरिका में बीबीएस से करीब दो करोड़ लोग पीड़ित हैं। ये विकार हल्के से लेकर गंभीर तक हो सकता है। 

peeing

क्या है शाय ब्लैडर सिंड्रोम?

चिंता मांसपेशियों में तनाव पैदा कर सकती है, जिसके कारण मांसपेशियों को आराम मिलना मुश्किल हो जाता है। और जब आप पेशाब करने जाते हैं तो आपको कुछ अवरोधनी (sphincter) मांसपेशियों को आराम देने की जरूरत होती है। जब आपको बच्चे के रूप में शौच करने के लिए ट्रेनड किया जाता है तो आप इन मांसपेशियों को तब तक तनाव की स्थिति में रखते हैं जब तक आप पेशाब नहीं करना चाहते हैं।  कुछ लोगों में खासकर जब वे शौचालयों में होते हैं तो उनमें संकोच की भावना जाग उठती है। इसके कारण भी उनमें मांसपेशियां  को आराम देने की क्षमता प्रभावित होती है। 

वे लोग जो शाय ब्लैडर सिंड्रोम से पीड़ित होते हैं उन्हें शौचालयों में पेशाब करते समय तब परेशानी होती है जब कोई या तो उनके बगल में खड़ा हो या फिर उन्हें लगातार देख रहा हो। पुरुषों के लिए हल्के बीबीएस के मामले में जब कोई उन्हें देख रहा होता है तब उन्हें पेशाब करने में परेशानी होती है।

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हालांकि अगर कोई व्यक्ति गंभीर रूप से बीबीएस विकार से पीड़ित है तो उसे बाथरूम में अकेले होकर ही सही से पेशाब आएगा। कुछ मामलों में बाथरूम की महक, शोर और अन्य प्रकार की परेशानियां दिक्कतें पैदा करती हैं। इस समस्या से निजात पाने के लिए लोगों को साइकोथेरेपी या हिपनोसिस की मदद लेनी चाहिए।

fear during pee

कैसे बढ़ती है शाय ब्लैडर सिंड्रोम की स्थिति

वाशरूम में आप बहुत कम लोगों को जानते हों, जिसके कारण आपके भीतर असहजता की भावना बढ़ती हो।

वाशरूम में अन्य लोग आपके कितनी करीब खड़े हैं। क्या वे आपको देख रहे हैं? क्या वह आपको सुन रहे हैं? जब लोग आपको देख रहे हों, सुन रहे हों या फिर आपको जज कर रहे हों तो आपमें संकोच की भावना जाग उठती है। 

चिंतित होना, डरा हुआ होना या फिर किसी चीज को लेकर निराश होना और जल्दी पेशाब करने की भावना के कारण भी आपमें शाय ब्लैडर सिंड्रोम की स्थिति पैदा होती है।

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उपचार

इस स्थिति का उपचार आसानी से किया जा सकता है। सार्वजनिक शौचालय का प्रयोग करते वक्त आपको किसी प्रकार की परेशानी हो रही है तो अपने डॉक्टर से बात करिए। कुछ अध्ययनों में सामने आया है कि संज्ञानात्मक व्यवहार थेरेपी (cognitive behavioural therapy) हर पांच में से चार बीबीएस से पीड़ित लोगों के लक्षणों में सुधार करने की क्षमता रखती है। इस स्थिति से निपटने के लिए आराम की तकनीक का अक्सर प्रयोग किया जाता है।

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