प्रदूषित हवा में सांस लेने से हो सकता है टॉन्सिलाइटिस, जानें इसके लक्षण और बचाव

बढ़ते प्रदूषण के कारण गले में दर्द और खराश की शिकायत हो सकती है। आपको बता दें कि यह टॉन्सिलाइटिस का भी लक्षण हो सकता है। आइए जानते हैं इसके बारे में -

Kishori Mishra
Written by: Kishori MishraPublished at: Nov 11, 2020
प्रदूषित हवा में सांस लेने से हो सकता है टॉन्सिलाइटिस, जानें इसके लक्षण और बचाव

देश में वायु प्रदूषण का स्तर दिनों-दिन बढ़ता जा रहा है। मौसम में बदलाव के साथ-साथ हवा की गुणवत्ता में काफी गिरावट आई है। बढ़ते प्रदूषण के कारण इसका असर हमारी सेहत पर पड़ रहा है। इन दिनों सांस लेने में परेशानी, गले में दर्द, खराश जैसी समस्याएं होना बहतु ही आम हो चुकी है। अगर आपको भी बढ़ते प्रदूषण के कारण गले में दर्द हो रहा है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। क्योंकि कोरोनाकाल में घर पर खुद अपना इलाज करना आपके लिए नुकसानदायी हो सकता है। 

इसके साथ ही बढ़ते प्रदूषण के कारण गले में दर्द इंफेक्शन या फिर टॉन्सिलाइटिस का कारण हो सकती है। गले में दर्द और खराश की शिकायत होना टॉन्सिलाइटिस का प्रारंभिक लक्षण है। अगर समय से पहले इस समस्या का इलाज नहीं कराया गया, तो आपकी यह समस्या काफी ज्यादा बढ़ सकती है। टॉन्सिलाइटिस से ग्रसित लोगों को गले में दर्द के साथ-साथ बुखार की भी समस्या होती है।

किसे कहते हैं टॉन्सिलाइटिस?

हमारे मुंह के अंदर गले के दोनो ओर एक अंग होता है, इस अंग को टॉन्सिल्स कहता है। यह टॉन्सिल्स जब वायरस और बैक्टीरिया के संपर्क में आता है, तो इस जगह सूजन हो जाती है। सूजन होने के कारण खाने-पीने में परेशानी और निगलने में कठिनाई होने लगती है। सामान्य रूप से टॉन्सिल्स का रंग हमारे जीभ के समान, हल्के गुलाबी रंग का होता है। वहीं, अगर टॉन्सिलाइटिस की समस्या होती है, तो इसका रंग सुर्ख लाल हो जाता है और इसमें हमें व्हाइट रंग के स्पॉट नजर आते हैं। टॉन्सिलाइटिस की समस्या होने पर समझ जाएं कि आपका शरीर संक्रमण की चपेट में आ चुका है।  ऐसे में फौरन डॉक्टर के पास जाएं।

क्या हैं टॉन्सिलाइटिस के लक्षण

  • गले में खराश
  • गले में दर्द
  • निगलने में परेशानी
  • हल्का-हल्का बुखार
  • कानों के आसपास दर्द
  • आवाज भारी होना
  • सिरदर्द
  • गले के आसपास सूजन की शिकायत
  • छोटे बच्चों में इसके कारण पेट दर्द और गर्दन दर्द की शिकायत होती है।

टॉन्सिलाइटिस के कारण?

  •  टॉन्सिल का सबसे प्रमुख कारण गले में वायरस और बैक्टीरिया का पहुंचना होता है। 
  • अधिकर लोगों को इंफेक्शन की वजह से यह समस्या हो सकती है। 
  • निमोनिया( Mycoplasma Pneumonia) के कारण भी यह समस्या बढ़ सकती है। 
  • फ्लू की चपेट में आने पर भी टॉन्सिलाइटिस की समस्या होती है। 
  • अधिक ठंडी चीजों के खाने से टॉन्सिलाइटिस की समस्या बढ़ती है।
  • इम्यूनिटी कमजोर होने पर भी इसकी परेशानी बढ़ सकती है। 
  • इसके अलावा बैकटीरियल टॉन्सिलाइटिस स्ट्रेप्टोकोकस योजीन (streptococcus pyogenes) के कारण यह समस्या होती है।

टॉन्सिलाइटिस के बचाव

    • गर्म पानी में अदरक और नींबू का रस मिलाकर पानी को गर्म करें। इस पानी से 30 मिनट गरारा करें। 
    • काली मिर्च और नमक के पानी से गरारा करें। इससे गले में दर्द से राहत मिलेगी।
    • अदरक का रस और शहद को गर्म करके चाटने से गले में दर्द की परेशानी दूर होती है। 

  • रात को सोते समय हल्दी वाला दूध पिएं। इससे टॉन्सिल में दर्द की शिकायत दूर होती है। 
  • पानी में 4-5 लहसुन की कलियां डालकर इसे उबालें। इस पानी से गरारा करने से आपको गले में दर्द और सूजन से राहत मिलेगी। 

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