माता-पिता इन 9 तरीकों से सिखाएं अपने बच्चों को स्कूल में कैसे करें अपनी सुरक्षा

स्कूल में बच्चों के आसपास उनके माता-पिता मौजूद नहीं होते हैं। ऐसे में बच्चों को अपनी स्वयं की रक्षा करनी आनी चाहिए। जानें कुछ तरीके..

Garima Garg
Written by: Garima GargPublished at: Sep 20, 2021
माता-पिता इन 9 तरीकों से सिखाएं अपने बच्चों को स्कूल में कैसे करें अपनी सुरक्षा

बच्चे बेहद मासूम और भोले होते हैं, ऐसे में वे जल्दी दूसरों की बात मान लेते हैं। इस उम्र में ज्यादा समझदारी ना होने के कारण वे खुद को अपने आसपास मौजूद गलत चीजों या दुर्घटनाओं से नहीं बचा पाते हैं। कई जगहें ऐसी होती हैं जहां बच्चों के आसपास उनके माता-पिता उन्हें सपोर्ट के लिए मौजूद नहीं होते हैं। ऐसे में माता-पिता की जिम्मेदारी होती है कि वे उन्हें सिखाएं कि वे खुद को कैसे सुरक्षित रखें। ऐसी ही एक जगह होती है कि स्कूल, जहां माता-पिता नहीं होता हैं। ऐसे में जिम्मेदारी माता-पिता की है माता-पिता को अपने बच्चों को समझाना चाहिए कि स्कूल में अपनी सुरक्षा स्वयं कैसे करनी है। आज का हमारा लेख इसी विषय पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि बच्चे अपने स्कूल में कैसे सुरक्षा कर सकते हैं। साथ ही माता पिता अफने बच्चों को कैसे सहयोग दे सकते हैं। इसके लिए हमने गेटवे ऑफ हीलिंग साइकोथेरेपिस्ट डॉ. चांदनी (Dr. Chandni Tugnait, M.D (A.M.) Psychotherapist, Lifestyle Coach & Healer) से भी बात की है। पढ़ते हैं आगे...

 

1 - स्कूल से बाहर ना निकलें

सबसे पहले बच्चों को यह समझाएं कि स्कूल से किसी भी काम के लिए बाहर ना निकलें और अगर वे बाहर जा भी रहे हैं तो अपने साथ स्कूल के किसी कर्मचारी या अध्यापक को बता कर जाएं। बच्चों को ये भी समझाएं कि बिना बताए स्कूल से बाहर जाने पर आप को न केवल स्कूल से निकाला जा सकता है बल्कि ऐसा करने से आप किसी दुर्घटना के शिकार भी हो सकते हैं।

2 - अनजान व्यक्ति से ना करें बात

बच्चों को बताएं कि स्कूल में अध्यापक, दोस्तों और कर्मचारियों के अलावा कुछ ऐसे लोग भी मिल सकते हैं जो आपके लिए अनजान हैं। ऐसे में उन लोगों से दूरी बनाए रखें और अगर वह बात करने की कोशिश करें तो उनका ज्यादा मनोरंजन ना करें। बच्चों को यह भी समझाएं कि अनजान व्यक्ति आपको नुकसान भी पहुंचा सकता है।

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3 - जब स्कूल से जुड़ा कोई सदस्य करे परेशान

कभी-कभी बच्चे स्कूल में काम करने वाले सदस्यों से ही परेशान हो जाते हैं। ऐसे में उन्हें समझाएं कि इस प्रकार की परिस्थिति आने पर बच्चे तुरंत माता-पिता को बताएं। वहीं अगर किसी की बातों से आपको ठेस पहुंची है तब भी माता-पिता को उसके बारे में बताएं। साथ में हल के बारे में भी बताएं। माता-पिता ध्यान दें जब बच्चा इस प्रकार की कोई शिकायत आपके पास लेकर आए तो उसकी बातों को अच्छे से सुनें और उस पर तुरंत एक्शन लें।

4 - स्कूल में देर तक ना बैठना

कुछ बच्चों की आदत होती है कि वे स्कूल खत्म होने के बाद भी अपने दोस्तों के साथ खाली क्लास रूम में बैठकर बातें करते हैं या उनके साथ खेलते हैं। उन्हें समझाएं कि ऐसा करना गलत है। समय पर स्कूल जाएं और समय पर स्कूल से आना बेहद जरूरी है। साथ ही बच्चों को कहें कि सुबह के समय भी स्कूल में सबसे पहले जाकर ना बैठें। अपने टाइम पर ही स्कूल पहुंचे।

5 - बच्चों को बनाएं निडर

बच्चों को निडर बनाना जरूरी है। ऐसे में माता-पिता उन्हें ऐसी कहानियां सुनाएं, जिससे उनके अंदर पर डर खत्म हो जाए और बच्चों का आत्मविश्वास मजबूत हो। इससे अलग आप अपने अनुभव को भी बच्चों के साथ शेयर कर सकते हैं। उन्हें समझाएं कि यदि कोई व्यक्ति आपके साथ गलत व्यवहार कर रहा है तो खुद के लिए खड़ा होना बेहद जरूरी है।

6 - घर की बातों को ना करें शेयर

अकसर बच्चे दोस्तों से बात करने के लिए नए-नए टॉपिक को चुनते हैं लेकिन अपने बच्चों को समझाएं कि स्कूल में किसी भी व्यक्ति या दोस्त के साथ अपने घर की बात साझा ना करें। खासकर पैसों से जुड़ी बातें किसी को भी ना बताए। नहीं तो पैसों से जुड़ी जानकारी सुनकर कोई भी व्यक्ति आपको लालच में आकर हानि पहुंचा सकता है।

7 - सीनियर्स पर भी पाएं काबू

अपने बच्चे को समझाएं कि यदि कोई मनमानी करें या आप पर अपने विचारों को थोपे तो उसकी हर बात मानने की जरूरत नहीं है और आपके बात ना मानने पर यदि वह बच्चा आपको हानि पहुंचाए तो ऐसे में तुरंत टीचर से जाकर कहें। यदि टीचर आपके बात नहीं सुन रहा है तो घर पर आकर हमें बताएं।

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8 -  इधर उधर ना घूमें

स्कूल में कई ऐसी जगह होती है जैसे खेलकूद का हॉल, साइंस लैब, लाइब्रेरी, आर्ट रूम, जहां बच्चे को जाना पसंद है। लेकिन जब ऐसे रूम खाली हो तो उस दौरान बच्चों को वहां नहीं जाना चाहिए। इस बारे में माता-पिता अपने बच्चों को समझाएं। साथ ही ये बताएं कि जब उससे संबंधित पीरियड हो तभी ऐसी जगह पर जाएं। खाली समय में इन जगहों पर जाकर अकेले ना बैठें।

9 - चिल्लाना भी है जरूरी

कुछ बच्चे बेहद शर्मीले या नाजुक स्वभाव के होते हैं। ऐसे में माता-पिता इन बच्चों से कहें कि यदि अपने आसपास कुछ नकारात्मक लगे या खतरा लगे तो ऐसे समय में चिल्लाने से ना शर्माएं क्योंकि हो सकता है कि आपके चिल्लाने पर आपके आसपास का खतरा खुद ही दूर हो जाए और आपकी मदद के लिए कोई आपके पास आ जाए।

नोट - ऊपर बताए गए बिंदुओं से पता चलता है कि बच्चों को स्कूल में अपनी खुद की सुरक्षा करनी आनी चाहिए। ऐसे में माता-पिता अपने बच्चों को कुछ जरूरी टिप्स के बारे में बता सकते हैं जिससे बच्चे स्वयं की रक्षा कर सके।

इस लेख में फोटोज़ FREEPIK से ली गई हैं। 

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