त्वचा पर धब्बे जैसे निशान हो सकते हैं 'टीनिया वर्सीकलर' इंफेक्शन का संकेत, जानें इसके कारण, लक्षण और इलाज

टीनिया वर्सीकलर एक फंगस इंफेक्शन है, जो आमतौर पर मानसून में काफी ज्यादा अटैक करता है। चलिए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से-

Kishori Mishra
Written by: Kishori MishraUpdated at: Sep 14, 2021 10:51 IST
त्वचा पर धब्बे जैसे निशान हो सकते हैं 'टीनिया वर्सीकलर' इंफेक्शन का संकेत, जानें इसके कारण, लक्षण और इलाज

सेहुआ यानि टीनिया वर्सीकलर इंफेक्शन एक आम फंगल इंफेक्शन की तरह होता है। इससे ग्रसित व्यक्ति के स्किन पर फीके रंग के लाल और सफेद धब्बे होने लगते हैं। यह फंगस स्किन का रंग काफी ज्यादा खराब कर देता है। इससे ग्रसित व्यक्ति के कंधे, छाती और पीठ छोटे-छोटे फीके धब्बे नजर आने लगते हैं। सेहुआ को कई लोग सिहुली भी कहते हैं। कुछ लोगों को यह समस्या हर साल मानसून के सीजन में बढ़ जाती है। युवाओं और टीनएजर में सिहुली की समस्या सबसे ज्यादा होती है। सिहुली का अगर समय पर इलाज न कराया गया, तो यह धीरे-धीरे आपके चेहरे को भी प्रभावित कर सकता है। इसलिए सिहुला के लक्षण नजर आने पर इसका इलाज तुरंत कराना जरूरी होता है।

क्या कहती हैं एक्सपर्ट?

नोएडा स्थित सुरभि हॉस्पिटल की स्किन स्पेशलिस्ट डॉक्टर साजिया जईदी का कहना है कि मानसनू में टीनिया वेर्सीकलर की समस्या काफी आम बात है। कुछ लोगों को यह समस्या काफी लंबे समय तक रहती है। वहीं, कुछ लोगों को यह समस्या कुछ ही दिनों के लिए होती है। शुरुआत में इसका इलाज करा लिया जाए, तो इस फंगल इंफेक्शन को 1-2 सप्ताह में खत्म किया जा सकता है। लेकिन अगर आप इस समस्या को नजरअंदाज करते हैं, तो इसका इलाज करने में अधिक समय लग सकता है।   

सेहुआ के लक्षण (Symptoms of Tinea Versicolor)

स्किन पर मौजूद दाग-धब्बों से आप इस समस्या का अंदाजा लगा सकते हैं। जो कुछ इस तरह हो सकते हैं

  • स्किन पर फीके और भद्दे दाग होना।
  • बाजू, छाती या फिर पीठ पर अधिक दाग नजर आना।
  • त्वचा का रंग धीरे-धीरे गहरा और फीका दिखना।
  • गुलाबी, लाल और हल्के भूरे रंग के दाग होना।
  • कुछ मामलों में सिहुली की वजह से स्किन पर खुजली हो सकती है।
  • स्किन से नहाते वक्त पपड़ी निकलना।
  • कम नमी वाले वातावरण में दाग न दिखना।

किन कारणों से होती है सिहुली की समस्या? (Tinea Versicolor Causes)

फंगस इंफेक्शन की वजह से मुख्य रूप से सिहुली की समस्या होती है। यह फंगस हर व्यक्ति के शरीर पर मौजूद होता है, लेकिन इससे कोई नुकसान नहीं होता है। डॉक्टर बताती हैं कि यह फंगस तब ही व्यक्ति के स्किन को प्रभावित करता है, जब इसकी संख्या बढ़ जाती है। खासतौर पर बरसात के दिनों में इसका अटैक बढ़ सकता है। लेकिन कुछ मामलों में गर्मी के सीजन में अधिक पसीना निकलने के कारण भी हो सकता है। इसके अलावा कुछ अन्य कारणों से भी यह परेशानी हो सकती है। जैसे-

  • ऑयली स्किन 
  • गर्म और नमी वातावरण
  • शरीर के हार्मोंस में बदलाव
  • इम्यूनिटी कमजोर होना।

सेहुआ का कैसे किया जाता है इलाज? (Treatment of Tinea Versicolor)

डॉक्टर बताती हैं कि शुरुआत में सेहुआ का इलाज काफी आसानी से किया जा सकता है। लेकिन अगर यह परेशानी पूरे स्किन पर फैल गई है, तो इसके इलाज में काफी वक्त लग सकता है। टीनिया वर्सीकलर इंफेक्शन को दूर करने के लिए डॉक्टर कुछ इस तरह आपका इलाज कर सकते हैं। -

  • साबुन में बदलाव (कुछ मेडिकेड साबुन लगाने की सलाह)
  • मेडिकेड क्रीम, शैंपू और लोशन लगाने की सलाह, जो डॉक्टर द्वारा स्वयं लिखा जाता है।
  • इसके अलावा अगर समस्या काफी ज्यादा बढ़ जाती है, तो डॉक्टर कुछ दवाइयां भी लेने की सलाह दे सकते हैं। 

कब कराएं सिहुली का इलाज?

अगर आपकी छाती, पीठ, कंधे और बाहों के रंग में बदलाव नजर आए, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। यह समस्या बढ़ने पर आपका चेहरा भी खराब हो सकता है। 

इलाज के दौरान रखने वाली सावधानी

  • टीनिया वर्सीकलर से प्रभावित हिस्से को धूल और मिट्टी से बचाकर रखें। 
  • सूर्य की किरणों में जाने से पहले प्रभावित हिस्से को अच्छे से ढकें। 
  • डॉक्टर द्वारा दी गई दवाइयों को समय से लें और क्रीम और लोशन का इस्तेमाल बताए गए निर्देशानुसार करेँ। 
  • बाहर निकलने से पहले सनस्क्रीन लोशन लगाना न भूलें।
  • अपने स्किन को हमेशा साफ करें। 
  • बार-बार प्रभावित हिस्से को धोएं।

टीनिया वर्सीकलर इंफेक्शन ठीक होने में कितना लगता है समय?

अगर समस्या ज्यादा गंभीर न हो, तो सिहुली को ठीक होने में करीब 15 दिन से 1 महीना लग सकता है। वहीं, अगर समस्या काफी ज्यादा बढ़ गई है, तो इसे ठीक होने में और अधिक वक्त लग सकता है। इससे घबराएं नहीं, डॉक्टर से संपर्क करें। डॉक्टर आपको सिहुली ठीक करने के लिए उचित दवाई दे सकते हैं।

टीनिया वर्सीकलर का घरेलू इलाज (home Remedies for Tinea Versicolor)

हल्दी और सरसो तेल का लेप

हल्दी के इस्तेमाल से टीनिया वर्सीकलर का इलाज संभव है। दरअसल, हल्दी में एंटी-फंगस गुण मौजूद होता है, जो फंगस इंफेक्शन की समस्याओं को जल्द ही ठीक करने में कारगर होता है। सिहुली की वजह से स्किन पर हुए दाग-धब्बों को दूर करने के लिए आप हल्दी और सरसों तेल का लेप लगाएं। इसके लिए 1 चम्मच हल्दी पाउडर लें। अब इसमें थोड़ा सा सरसों तेल डालकर लेप तैयार करें। अब इस लेप को अपने प्रभावित हिस्से पर लगाएं। इससे सिहुली की परेशानी कुछ ही समय में ठीक हो सकती है।

पत्तागोभी का रस

सिहुली की परेशानी को दूर करने के लिए पत्तागोभी के रस का इस्तेमाल करें। इसके लिए पत्तागोभी के पत्तों को अच्छे से पीस लें। अब इसमें से रस निकालकर इसे प्रभावित हिस्से पर लगाएं। इससे सिहुली की परेशानी दूर होगी।

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शहद और चंदन का लेप

सिहुली की समस्या से निजात पाने के लिए आप घरेलू नुस्खों का सहारा ले सकते हैं। इन नुस्खों में शहद आपके लिए काफी गुणकारी हो सता है। शहद में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी फंगल गुण मौजूद होता है, जो फंगल इंफेक्शन से आपकी सुरक्षा कर सकता है। शहद को स्किन बहुत ही जल्द अवशोषित कर लेता है, जिससे स्किन के दाग-धब्बे दूर हो सकते हैं। शहद का इस्तेमाल करने के लिए इसमें थोड़ा सा हल्दी, चंदन और चावल का पाउडर मिक्स करें। अब इस लेप को अपने प्रभावित हिस्से पर लगाएं। इससे सिहुली की परेशानी दूर हो सकती है।   

ध्यान रखें कि सिहुली एक आम फंगस इंफेक्शन है। इसका इलाज संभव है। इसलिए अगर आपको इसके लक्षण दिखे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। ताकि समय पर जल्दी से आपका इलाज किया जा सके।

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