शरीर में अंदरूनी सूजन (इंफ्लेमेशन) को कम करने में मदद करेंगी रोजाना की ये 5 आदतें

इंफ्लेमेशन आपके स्‍वास्‍थ्‍य पर नकारात्‍मक प्रभाव डालती है, इसलिए आइए यहां हम आपको कुछ आदतों के साथ इंफ्लेमेशन को कम करने के तरीके बताते हैं।

Sheetal Bisht
Written by: Sheetal BishtPublished at: Nov 15, 2020Updated at: Nov 15, 2020
शरीर में अंदरूनी सूजन (इंफ्लेमेशन) को कम करने में मदद करेंगी रोजाना की ये 5 आदतें

इंफ्लेमेशन या सूजन होना एक आम बात है, क्‍योंकि यह एक प्राकृतिक प्रकिया है। यह आपके शरीर को एक संकेत है कि आपके स्‍वास्‍थ्‍य में कुछ गड़बड़ी है। देखा जाए, तो इंफ्लेमेशन दो तरह की होती है, एक जिसे बाहरी सूजन कहा जा सकता है और दूसरी अंदरूनी सूजन। यह दोनों तरह की सूजन या इंफ्लेमेशन अलग-अलग हैं। बाहरी सूजन किसी संक्रमण या कीड़े-मकोड़े के काटने से होती है, जबकि अंदरूनी सूजन आपकी जीवनशैली की आदतों और आपके खानपान से हो सकती है। यदि यह इंफ्लेमेशन लंबे समय तक रहती है, तो यह क्रोनिक इंफ्लेमेशन का रूप ले लेती है। क्रोनिक इंफ्लेमेशन आपको कई बीमारियों का शिकार बना सकती है। इसलिए आइए यहां इस लेख में जानें कि कैसे आप अपनी कुछ आदतों के साथ इंफ्लेमेशन को कम कर सकते हैं।

इंफ्लेमेशन को कम करने के लिए अपनाएं ये आदतें

inflammation and sleep

पर्याप्त नींद लें

एक स्‍वस्‍थ शरीर के लिए र्प्‍याप्‍त नींद लेना बेहद जरूरी होता है। यदि आप एक अच्‍छी गुणवत्‍ता वाली नींद लेते हैं, तो इससे आप खुद को कई बीमारियों से दूर रख सकते हैं। जब इंफ्लेमेशन की बात आती है, तो ऐसी स्थिति में भी आपकी नींद इंफ्लेमेशन को कम करने और बढ़ाने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाती है। एक शोध में पाया गया है कि बेहतर नींद आपके तनाव और इंफ्लेमेशन को कम करने में मददगार साबित हो सकती है।

इसे भी पढ़ें: शरीर में इंफ्लेमेशन (अंदरूनी सूजन) का कारण बनती हैं ये 5 चीजें, जानलेवा बीमारियों से बचना है तो कम करें सेवन

रोज 30 मिनट की एक्‍सरसाइज करें  

यदि आप हर दिन 30 मिनट की एक्‍सरसाइज करते हैं, तो यह आपको शरीर की अंदरूनी सूजन को कम करने में मदद कर सकता है। एक्‍सरसाइज आपको बाहरी और अंदरूनी रूप से फिट रहने में मदद कर सकती है। रोजाना एक्‍सरसाइज न केवल इंफ्लेमेशन को कम करने में सहायक है, बल्कि अन्‍य कई बीमारियों के खतरे को दूर रखने में भी मददगार है।

हल्‍दी रखेगी आपको हेल्‍दी

हल्‍दी, जिसे कि गोल्‍डन मसाले के नाम से भी जाना जाता है। हल्‍दी कई औषधीय गुणों से भरपूर है, जिसकी वजह से यह आपकी सेहत के लिए कई फायदों से भरपूर है। इसमें एंटी इंफ्लामेटरी और एंटी बैक्‍टीरियल गुण होते हैं, जिसकी वजह से यह इंफ्लेमेशन को कम करने में मददगार होती है। इसलिए आप हल्‍दी को अपनी डाइट में नियमित रूप से शामिल करें। आप खाने में हल्‍दी को जोड़ने के साथ हल्‍दी वाला दूध और हल्‍दी वाली चाय के रूप में इसे डाइट में शामिल कर सकते हैं।

inflammation and diet

हरी साग-सब्जियों का करें सेवन

यदि आप हरी साग-सब्जियों को अपनी डाइट में शामिल करते हैं, तो इससे आपके शरीर को सभी आवश्‍यक पोषक तत्‍व मिलते हैं। हरी सब्जियां पोषक तत्‍वों का पावर हाउस मानी जाती हैं। यह आपको वजन घटाने, एनीमिया की समस्‍या से निपटने और यहां तक कि इंफ्लेमेशन को दूर करने में मददगार हो सकती हैं। आप हरी पत्‍तेदार सब्‍जियों का सलाद, सब्‍जी या फिर स्‍मूदी के रूप में सेवन कर सकते हैं।

इसे भी पढ़ें: जानें इन्फ्लेमेशन (Inflammation) क्या है और क्यों माना जाता है खतरनाक, साथ ही एंटी-इंफ्लेमेट्री डाइट

ड्रिंकिंग और स्‍मोकिंग को कहें ना

ड्रिंकिंग और स्‍मोकिंग करने की आदत आपको कई बीमारियों का शिकार बना सकती है। इतना ही नहीं, स्‍मोकिंग और ड्रिंकिंग करने की आदत इंफ्लेमेशन को बढ़ाने का एक मुख्‍य कारण हो सकते हैं। इसलिए आप कोशिश करें कि आप अपनी इन दोनों ही आदतों को छोड़ दें। आपकी यह आदतें आपके लिए कई गंभीर स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं के खतरे को बढ़ा सकती हैं।

इस प्रकार स्‍वस्‍थ खानपान और जीवनशैली एक स्‍वस्‍थ शरीर की कुंजी हैं। यदि कोई व्‍यक्ति किसी बीमारी से ग्रस्‍त भी होता है, तो एक हेल्‍दी लाइफस्‍टाइल की मदद से उसकी बीमारी को दूर करने में मदद मिल सकती है।

Read More Article On Home Remedies In Hindi

Disclaimer