पेट में दर्द, अपच होने पर करवा सकते हैं ये 5 टेस्ट, ताकि पता चले सही वजह

Stomach Test: पेट में दर्द होना सामान्य है, लेकिन जब लंबे समय तक दर्द रहता है तो डॉक्टर कुछ टेस्ट करवाने की सलाह दे सकते हैं।

Anju Rawat
Written by: Anju RawatPublished at: Jun 25, 2022Updated at: Jun 25, 2022
पेट में दर्द, अपच होने पर करवा सकते हैं ये 5 टेस्ट, ताकि पता चले सही वजह

Tests For Stomach Problems: आजकल अधिकतर लोगों को पेट से जुड़ी तरह-तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसमें पेट में दर्द, पेट में ऐंठन, गैस, कब्ज और अपच बेहद आम है। वैसे तो खराब जीवनशैली और इनएक्टिव लाइफस्टाइल पेट की समस्याओं के आम कारण होते हैं। लेकिन अगर आपको लंबे समय तक पेट में दर्द, ऐंठन या कब्ज रहे, तो ये स्थितियां कुछ गंभीर बीमारियों के लक्षण हो सकते हैं। ऐसे में आपको स्थिति को नजरअंदाज बिल्कुल नहीं करना चाहिए। लगातार पेट की समस्याएं होने पर डॉक्टर से मिलना चाहिए, ऐसे में डॉक्टर आपको कुछ टेस्ट करवाने की सलाह दे सकते हैं।

तो चलिए फैमिली फिजिशियंस ऑफ इंडिया के डॉक्टर रमन कुमार से विस्तार से जानते हैं पेट में दर्द, अपच या गैस बनने पर कौन-कौन से टेस्ट करवाएं जा सकते हैं।

पेट के लिए कौन सा टेस्ट होता है? (Medical Tests For Stomach Problems in Hindi) 

पेट की समस्याओं का सीधा संबंध पाचन से होता है। अगर पाचन में गड़बड़ी चल रही है, तो इससे पेट से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में डॉक्टर ये टेस्ट करवाने को दे सकते हैं-

(image source: clevelandclinic.org)

1. मल का टेस्ट (Stool Test)

पाचन तंत्र के स्वास्थ्य की जांच करने के लिए मल का टेस्ट करवाने को कहा जा सकता है। इससे पेट में मौजूद अपशिष्ट उत्पादनों की जांच की जाती है.

कैलप्रोटेक्टिन टेस्ट (Calprotectin Test)

इस टेस्ट में व्यक्ति के मल का नमूना लिया जाता है. इसमें कैलप्रोटेक्टिन के स्तर की जांच की जाती है। कैलप्रोटेक्टिन एक प्रोटीन है, जो श्वेत रक्त कोशिकाओं में पाया जाता है। 

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ओक्कुलट ब्लड टेस्ट (Occult Blood Test) 

ओक्कुलट ब्लड टेस्ट के लिए भी रोगी का मल लिया जाता है। इस टेस्ट में देखा जाता है कि मल में रक्त मौजूद है या नहीं। इस टेस्ट से यह निर्धारित किया जाता है कि जीआई पथ में रक्तस्त्राव हो रहा है या नहीं। अगर जीआई पथ पर रक्तस्त्राव होता है, तो यह मलाशय या बृहदान्त्र में आंत्र कैंसर और पॉलीप्स का संकेत हो सकता है।

2. ब्रीथ टेस्ट (Breathing Tests)

पेट की स्थितियों का पता लगाना के लिए कुछ ब्रीथिंग टेस्ट भी किए जा सकते हैं।

एच. पाइलोरी टेस्ट (HPylori Test)

एच. पाइलोरी एक जीवाणु है और पेट में अल्सर पैदा करता है। इस टेस्ट में रोगी को पहले C13-यूरिया नामक एक छोटा सा कैप्सूल दिया जाता है। अगर एच. पाइलोरी पेट में मौजूद होता है, तो यह इस कैप्सूल के साथ प्रतिक्रिया करता है और सांस के जरिए इसका पता लगाया जा सकता है। इस टेस्ट में तकरीबन 30 मिनट का समय लगता है। इस टेस्ट में मरीजों को टेस्ट से कुछ देर पहले खाने की मनाही होती है।

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हाइड्रोजन और मीथेन सांस टेस्ट (Hydrogen Methane Breath Test)

लैक्टोज असहिष्णुता और छोटी आंतों के जीवाणु अतिवृद्धि दोनों का पता लगाने के लिए हाइड्रोजन सांस टेस्ट किया जा सकता है। इन दोनों टेस्ट में रोगी को 14 घंटे का उपवास करना होता है। लैक्टोज असहिष्णुता के बारे में पता लगाने के लिए व्यक्ति को उच्च-लैक्टोज सामग्री के साथ पेय दिया जाता है और 2 घंटे के अंतरोज में एक उपकरण से सांस लेने को कहा जाता है। इससे हाइड्रोजन की उच्च मात्रा अपचित शर्करा का संकेत दे सकती है, जैसे लैक्टोज असहिष्णुता। इसके अलावा इससे मीथेन के स्तर को भी मापा जा सकता है।

शरीर में हाइड्रोजन और मीथेन का उच्च स्तर इस बात का संकेत होता है, कि छोटी आंत में बैक्टीरिया है। 

अगर आपको भी ये सभी समस्याएं रहती हैं, तो आपको डॉक्टर से जरूर कंसल्ट करना चाहिए। क्योंकि लंबे समय तक पेट में दर्द होना, अपच और कब्ज बनना गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकता है। ये कुछ टेस्ट हैं, जिनकी मदद से पेट और पाचन से संबंधित टेस्ट का पता लगाया जा सकता है। इसके अलावा भी कई ऐसे टेस्ट हैं, जिन्हें कराने की सलाह डॉक्टर दे सकते हैं।

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