फ्रेंच फ्राइज़ या स्वीट पोटेटो फ्राइज़ में से कौन सी है ज्‍यादा फायदेमंद, जानिए फायदे और नुकसान

Sweet Potato Fries vs. French Fries: स्वीट पोटेटो फ्राइज , आलू फ्राइज से ज्यादा स्वस्थ माना जाता है। आखिर क्यों। आइए जानते हैं।

सम्‍पादकीय विभाग
स्वस्थ आहारWritten by: सम्‍पादकीय विभागPublished at: Jun 22, 2020
फ्रेंच फ्राइज़ या स्वीट पोटेटो फ्राइज़ में से कौन सी है ज्‍यादा फायदेमंद, जानिए फायदे और नुकसान

अक्सर हम आलू से बनी हुई चीजों को बहुत चाव से खाते हैं। जबकि हमें यह मालूम होता है कि ये हमारी सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद नही है। यही नहीं आलू से बने फ्रेंच फ्राइज तो अधिकांश सभी के फेवरेट हैं। लेकिन दोनों तरह कि फ्राइज में अंतर क्या है देखते हैं।

पोषक तत्व

आम तौर पर स्वीट पोटेटो फ्राइज में ज्यादा कैलोरिज व फैट पाया जाता है। इन में 150 व 125  कैलोरी क्रमशः पाई जाती हैं।

  • फ्रेंच फ्राइज में सोडियम 282 mg व स्वीट पोटेटो फ्राइज में 170 mg होता है।
  • फ्रेंच फ्राइज में प्रोटीन 2 gm व स्वीट पोटेटो फ्राइज में 1 gm होता है। 
  • फ्रेंच फ्राइज व स्वीट पोटेटो फ्राइज में फाइबर 2  व 3 gm क्रमशः होता है। 
  • दोनो में पोटाशियम की मात्रा RDI का 7% व 5% होती है। 
  • विटामिन-ए की मात्रा फ्रेंच फ्राइज में 0% व 41% स्वीट पोटेटोज में होती है।   

fries

इन पोषक तत्‍वों की मात्रा देख कर तो लगता है कि ज्यादातर पोषण स्वीट पोटेटोज फ्राइज में होता है। जबकि फ्रेंच फ्राइज कम हेल्दी होती है। हालांकि यह ज्यादा तर बनाने के ढंग व खाने की मात्रा पर भी निर्भर करता है क्योंकि यह जाहिर है कि यदि आप ज्यादा मात्रा में कोई चीज खाएंगे तो उस के तत्त्व भी ज्यादा ही मिलेंगे और यदि आप नमक फ्रेंच फ्राइज में ज्यादा डालेंगे तो सोडियम भी उसी में ज्यादा होगा। 

हानिकारक तत्व 

दोनों में एक्रिलामाइड, हानिकारक केमिकल होता है। यह 2002 में कई खाद्य पदार्थों में पाया गया था। जिन में फ्रेंच फ्राइज भी शामिल थे। यह ज्यादातर उन खाद्य पदार्थों में पाया जाता है जो फ्राई करने के बाद बेक की जाती हैं जैसे कि फ्रेंच फ्राइज। इसी तत्त्व के कारण ही स्वीट पोटेटो फ्राई का रंग ब्राउन होता है।

इस के ज्यादा उपभोग से मनुष्यों में कैंसर की बीमारी होने का खतरा होता है। एक्रिलामाइड केमिकल कैंसर का एक कारण हो सकता है परंतु अभी तक यह प्रमाणित नही हुआ है। फ्राइज में एक्रिलामाइड की मात्रा कम करने के लिए विभिन्न प्रकार की रणनीतियों का प्रयोग किया जा सकता है ।जैसे कि फ्राइज में एडिटिव का प्रयोग करना। हालांकि ऐसा करना कानून की नजर में जरूरी नहीं है। 

आप फ्राइज में एक्रिलामाइड की मात्रा कम करने के लिए फ्राइज को बेक करके बहुत ही कम मात्रा में तल सकते हैं। 

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खाने पर हानियां 

फ्रेंच फ्राइज, स्वीट पोटेटो फ्राइज से थोडी सी ज्यादा हानिकारक होती हैं। इस का मतलब यह बिलकुल भी नहीं है कि स्वीट पोटेटो फ्राइज सेहत के लिए हेल्दी हैं। ऐसा बिलकुल भी नहीं है। बल्कि अधिक मात्रा में फ्राइज का सेवन चाहे वह फ्रेंच फ्राइज हों या स्वीट पोटेटो फ्राइज़ सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं। 

1. लगातार ज्यादा मात्रा में फ्राइज खाने से मोटापा बढ़ता है। 

2. यदि आप कम मात्रा में भी फ्रेंच फ्राइज का सेवन रोज करते हैं तो आप को इस की आदत पड़ जाएगी व आप रोज़ इसे खाना चालू कर देंगे। ऐसा सेहत के लिए ठीक नहीं है। खास कर बच्चों के लिए।

3. डाइबिटीज के मरीज़ों के लिए भी फ्राइज खाना अच्छा नहीं है। इन को खाने से डाइबिटीज बढ़ सकती है। 

4. हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए भी फ्राइज खाना एक अकलमंद आइडिया नही है। इन में सोडियम पाया जाता है जो कि आप के ब्लड प्रेशर को पहले से और अधिक बढ़ा सकता है।

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Monika Agarwal

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