शोध में हुआ खुलासा, हवाई जहाज में वॉशरूम का इस्तेमाल हो सकता है खतरनाक

एक नए अध्ययन के अनुसार, हवाई जहाज के बाथरूम में बहुत अधिक एंटीबायोटिक-रेजिस्टेंट माइक्रोब्स होते हैं, जो गंभीर महामारी का कारण बन सकते हैं।

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariPublished at: Dec 28, 2019Updated at: Dec 28, 2019
शोध में हुआ खुलासा, हवाई जहाज में वॉशरूम का इस्तेमाल हो सकता है खतरनाक

जर्नल 'एनवायरनमेंटल साइंस एंड टेक्नोलॉजी' में प्रकाशित एक अध्ययन में दावा किया गया है कि हवाई जहाज में वॉशरूम का इस्तेमाल करना सेहत के लिए काफी हानिकारक हो सकता है। शोध में कहा गया है कि, वैज्ञानिकों ने पांच अलग-अलग जर्मन हवाई अड्डों से हवाई जहाज के सीवेज का परीक्षण किया है और पाया है कि ये कितना खतरनाक हो सकता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि सीवेज में कई अलग-अलग एंटीबायोटिक-प्रतिरोधी रोगाणुओं होते हैं, जो आस-पास के जल संयंत्रों और अस्पतालों के सीवेज के भी रोगाणुओं की संख्या बढ़ा सकते हैं। इस तरह कोई भी देश, कभी भी इस चलते किसी गंभीर बीमारी और महामारी का शिकार हो सकता है। वहीं शोध में इसके अलावा भी कई और बातें भी कही गईं हैं, जो इस ओर संकेत करती हैं कि हवाई जहाज में वॉशरूम का इस्तेमाल कैसे पर्यावरण और लोगों के स्वस्थ्य को नुकसान पहुंचा सकता है।

inside_poopinginplane

इंसानों के लिए गंभीर खतरा

जर्मनी में टेक्निस के यूनिवर्सिटेट ड्रेसडेन के माइक्रोबायोलॉजिस्ट स्टेफनी हेस की मानें तो ये अध्ययन स्पष्ट रूप से दिखाता है कि एंटीबायोटिक-रेजिस्टेंट माइक्रोब्स एक वैश्विक समस्या बनती जा रही है। वहीं  अब इंसानों और पशुओं के स्वास्थ्य के लिए इस गंभीर खतरे से निपटने के लिए एक वैश्विक प्रयास आवश्यक है। अध्ययन के अनुसार, इस स्टडी में 187 ई-कोलाई का लगभग 90% परीक्षण किया गया और वे कम से कम एक एंटीबायोटिक के प्रतिरोधी थे यानी कि  एंटीबायोटिक-रेजिस्टेंट माइक्रोब्स थे। वैज्ञानिकों ने बताया कि यह एक गंभीर समस्या है क्योंकि एंटीबायोटिक प्रतिरोधी रोगाणुओं से गंभीर संक्रमण हो सकता है, जो वास्तव में मुश्किल और घातक हो सकता है।

इसे भी पढ़ें : आईआईटी हैदराबाद ने खोजा डीएनए को स्वस्थ रखने का तरीका, कैंसर का खतरा भी होगा कम

भविष्य में बढ़ सकता है संक्रमण

वैज्ञानिकों ने कहा कि कई प्रकार के संक्रमण, जिनमें निमोनिया, गोनोरिया, स्ट्रेप थ्रोट और खाद्यजनित बीमारियां शामिल हैं, भविष्य में और खराब हो सकते हैं। सबसे खतरनाक बात ये है कि इन एंटीबायोटिक प्रतिरोधी माइक्रोब्स का इलाज करना बहुत मुश्किल हो सकता है। अध्ययन में कहा गया है कि हवाई जहाज में वॉशरूम से निकलने वाले सीवेज में गंदगी के नमूनों की जांच की गई और इसमें एंटीबायोटिक-प्रतिरोधी बैक्टीरिया की कुल संख्या लगभग 45% से 60% थी। इसके अलावा 2019 में, रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र ने इसे लेकर और शोध किया था, जो यूएसए में हर साल 2.8 मिलियन एंटीबायोटिक-प्रतिरोधी संक्रमण दिखाते हैं और यह 35,000 से अधिक लोगों की मौत का कारण बनता है।

inside_microbes

इसे भी पढ़ें : गर्भावस्‍था में मां का मोटापा डाल सकता है बच्‍चे के IQ लेवल पर असर

एंटीबायोटिक दवाओं का क्यों नहीं हो रहा असर?

अध्ययन के निष्कर्ष बताते हैं कि रोगाणु वास्तव में अपने डीएनए में छोटे परिवर्तनों के कारण एंटीबायोटिक और उपचार के लिए प्रतिरोधी बन रहे हैं। ऐसे में जब वो अन्य माइक्रोब्स के साथ जाकर मिलते हैं तो ये माइक्रोब्स और तेजी से स्थानांतरित हो जाते हैं। वैज्ञानिकों ने सुझाव दिया कि हवाई जहाज के सीवेज को प्रबंधित किया जाना चाहिए और सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा उचित स्वच्छता बनाए रखने के लिए अधिक सावधानी से इलाज किया जाना चाहिए।

Read more articles on Health-News in Hindi

Disclaimer