पीठ में जकड़न की समस्या क्यों होती है? जानें इससे बचाव के लिए 5 टिप्स

पीठ में जकड़न होने के कई कारण हो सकते हैं। यहां जानें इससे बचने की टिप्स के बारे में। 

 
Kunal Mishra
Written by: Kunal MishraPublished at: Jul 07, 2021Updated at: Jul 07, 2021
पीठ में जकड़न की समस्या क्यों होती है? जानें इससे बचाव के लिए 5 टिप्स

कई बार शरीर में जकड़न होने लगती है, जो आपकी दिनचर्या को प्रभावित करने के लिए काफी है। शरीर के किसी भी हिस्से में जकड़न होने से हमें उस हिस्से में खिंचाव महसूस होता है। कई बार पीठ के साथ भी यह समस्या देखी जाती है। क्या आपकी पीठ में भी कभी जकड़न होती है? अगर हां, तो यह लेख आपके काम का हो सकता है। इस लेख के जरिए हम आपको पीठ में जकड़न होने के कुछ कारण और इससे राहत पाने के तरीकों के बारे में बताएंगे। हालांकि पीठ में जकड़न कई कारणों से हो सकती है जैसे गलत पोश्चर में उठना बैठना सोना आदि। या फिर खराब और असंतुलित जीवनशैली का पालन करना भी इसकी एक वजह हो सकती है। वहीं कई बार स्पॉन्डिलाइटिस या फिर अर्थराइटिस से ग्रस्त व्यक्तियों में भी ऐसी समस्याएं देखी जाती हैं। कई बार पीठ के जकड़न आपको बताती है कि पीठ में कुछ न कुछ स्वास्थ संबंधी समस्या पल रही है। सायटिका, हर्निया, स्लिप डिस्क आदि के कारण भी पीठ में जकड़न और साथ ही दर्द भी हो सकता है। चलिए जानते हैं पीठ में जकड़न होने के पीछे के कारण।  

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1. गलत पोस्चर (Wrong Posture)

गलत पोस्चर में बैठने पर स्कूल में भी डांट पड़ती थी। गलत पोस्चर पीठ और कमर के लिए बहुत हानिकारक होता है। अक्सर लोग गलत तरीके से खड़े होते हैं, गलत मुद्रा में बैठते हैं और गलत मुद्रा में सोते भी हैं, जिस कारण सुबह उठने पर उनकी पीठ अकड़ जाती है। कई लोग गलत तरीके से खड़े होकर सिर को नीच झुकाकर फोन भी चलाते हैं जो की रीढ़ के हड्डी के लिए बहुत नुकसानदायक होता है। ये सभी गलत पोस्चर आपके पीठ ने जकड़न लाती है। गलत पोश्चर बनाए रखने से आपको स्पॉन्डिलाइटिस की भी समस्या हो सकती है, जिससे जकड़न की समस्या लंबे समय तक भी रह सकती है। 

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2. चोट लगना (Getting Hurt)

चोट लगने के कारण जैसे कि बाथरूम में फिसल जाना, साइकिल चलाते समय गिर जाना या फिर एक्सीडेंट हो जाना आदि से भी पीठ पर बुरा असर पड़ सकता है और दर्द के साथ-साथ बुरी तरह से जकड़न भी आ जाती है। इस कारण आपका हाथ तक नहीं उठता। ऐसी चोट के कारण मसल्स टाइट हो जाती हैं और स्टिफनेस आ जाती है। हालांकि यह स्थायी नहीं है इसलिए इसमें घबराने की जरूरत नहीं है। 

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3. मांसपेशियों में खिंचाव (Hamstring Strain)

किसी भारी भरकम चीज को बिना आदत के अचानक से उठा लेने पर मांशपेशियों में खिंचाव पैदा होता है। इससे आपकी पीठ में जकड़न आ जाती है। ये जकड़न कई दिन तक रह सकती है। इसके अलावा जिम में भी वर्कआउट के दौरान भरी भरकम वेट लिफ्टिंग से भी स्पाइन पर बुरा असर पड़ सकता है। जिम ज्वाइन करने के शुरुआती दिनों में भी आदत ना होने के कारण पीठ में जकड़न आ जाती है। इसलिए प्रयास करें कि बिना आदत के भारी सामान नहीं उठाएं। 

बचाव के तरीके (Tips to Prevent)

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1. योगा और एक्सरसाइज (Yoga and Exercise)

योगा और एक्सरसाइज किसी भी समस्या से राहत पाने का रास्ता है। इसे अपनी लाइफस्टाइल का हिस्सा बनने से आपको बहुत फायदे होते हैं। योग और एक्सरसाइज का नियमित रूप से अभ्यास करने से पीठ में कभी जकड़न नहीं होती। शरीर की फ्लेक्सिबिलिटी बरकरार रहती है। इसके अलावा स्पाइन और बैक से संबंधित समस्या भी कभी नही होती। अगर आप आए दिन पीठ में जकड़न से परेशान रहते हैं तो फिजियोथेरेपी का भी सहारा ले सकते हैं। 

2. सही पोस्चर मेनटेन करें (Maintain Right Posture)

सही पोस्चर में खड़े रहने, बैठने और सोने की आदत डालने से आपकी पीठ में जकड़न की समस्या गायब हो जायेगी। गलत पोस्चर से भी अक्सर पीठ पर बहुत बुरा असर पड़ता है। खड़े रहने पर ध्यान दें कि आपकी पीठ या रीढ़ की हड्डी सीधी है। बैठते समय भी अपनी पीठ को सीधा रखे, झुकने ना दें। सोते समय भी आपको अपनी मुद्रा का खास ध्यान देना होगा। टेढ़े-मेढे तरीकों से सोने से पीठ में जकड़न के साथ-साथ सर्वाइकल की भी समस्या हो सकती है। एक ही पोजिशन में लंबे समय तक बैठने से बचें 

3. सही गद्दे पर सोए (Sleep on Right Mattress)

अगर गद्दे काफी ज़्यादा धृढ़ हो तो इससे आपके पीठ पर प्रेशर बन सकता है। अगर आपके गद्दे ज्यादा सॉफ्ट है तो आपकी पीठ अंदर को धस जाती है, जिस कारण स्पाइन अलाइनमेंट में नहीं रहती। दोनों ही केस में पीठ में जकड़न आने की संभावना होती है। इसलिए अपने वजन और स्लीपिंग पोजिशन को ध्यान में रखते हुए अपने लिए सही गद्दे चुने जो की न ज्यादा धृढ यानी हार्ड हो और न ही ज्यादा सॉफ्ट हो। इसके लिए कॉटन मैट्रेस को प्रभावी माना जाता है। 

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4. धूम्रपान से बचें (Avoid Smoking) 

पीठ की जकड़न कई बार बुरे रक्त संचालन के कारण भी होती है। इसके लिए जरूरी है कि आपका लाइफस्टाइल हेल्दी हो। इसलिए बुरी आदतें जैसे कि धूम्रपान को तुरंत छोड़ देना चाहिए। धूम्रपान करने से आपकी ब्लड वेसल्स सिकुड़ने लगती हैं, जिससे ब्लड फ्लो धीरे होने लगता है। धूम्रपान से ब्लड वेसेल्स की इलास्टिसिट कम पड़ जाती है और स्टिफ हो जाती है। ब्लड फ्लो इंप्रूव करने के लिए धूम्रपान छोड़ें इससे आपकी पीठ की जकड़न की समस्या खत्म हो जाएगी। वहीं ऐसी समस्या होने पर चिकित्सकों द्वारा भी धूम्रपान छोड़ने की सलाह दी जाती है। 

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5. शरीर में पानी की कमी न होने दें (Stay Hydrated)

शरीर में पानी की कमी होने पर स्पाइनल डिस्क में भी पानी की कमी होने लगती है। अगर स्पाइनल डिस्क को पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिलता तो बैक पेन के चांसेज बढ़ जाते हैं। इससे मांसपेशियों में खिंचाव बढ़ने लगता है। मांसपेशिया टाइट हो जाती हैं और जकड़ जाती हैं। इसलिए पीठ की जकड़न से बचने के लिए आपको पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की जरूरत होती है। फिजियोथेरेपिस्ट द्वारा भी ऐसे मामलों में हाइड्रेट रहने की सलाह दी जाती है। 

पीठ में जकड़न को लंबे समय तक पालना नुकसानदायक भी हो सकता है। लेख में दिए गए टिप्स द्वारा इससे बचाव करें। 

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