स्लीप डिसऑर्डर (नींद से जुड़ी समस्या) होने पर दिखते हैं ये 6 लक्षण, जानें इसके कारण और इलाज

अगर आप रात में ठीक तरह से सो नहीं पाते तो आप स्लीपिंग डिसऑर्डर का शिकार हो सकते हैं? जानें इसके लक्षणों के बारे में।

Monika Agarwal
अन्य़ बीमारियांWritten by: Monika AgarwalPublished at: May 22, 2022Updated at: May 22, 2022
स्लीप डिसऑर्डर (नींद से जुड़ी समस्या) होने पर दिखते हैं ये 6 लक्षण, जानें इसके कारण और इलाज

स्लीप डिसऑर्डर ऐसी स्थिति होती है जिसमें आपका सोने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। यह आपकी शारीरिक और मानसिक सेहत को भी प्रभावित कर सकती है। आर्टेमिस हॉस्पिटल अग्रिम इंस्टीट्यूट आफ न्यूरोसाइंसेज के चीफ ऑफ न्यूरोलॉजी एंड को चीफ स्ट्रोक डॉक्टर सुमित सिंह के अनुसार स्लीपिंग डिसऑर्डर के बहुत से कारण जैसे एंजायटी, स्ट्रेस या बहुत सी शारीरिक स्थितियां जैसे डायबिटीज मोटापा हाई ब्लड प्रेशर हो सकते हैं। इससे आपको अन्य स्वास्थ्य से जुड़ी बीमारियां होने का रिस्क बढ़ जाता है। इसलिए स्लीप डिसऑर्डर को समय से ठीक करना बेहद जरूरी होता है। इसके कुछ लक्षण होते हैं जिनके द्वारा इन डिसऑर्डर का पता किया जा सकता है। स्लीप डिसऑर्डर मुख्यतः चार तरह के होते हैं जो इस प्रकार हैं-

इनसोम्निया: इस स्थिति में आपको सोने या पूरी रात सोते रहने में दिक्कत महसूस हो सकती है।

स्लीप एप्निया: इस स्थिति में सोने के दौरान आपको सांस लेते समय अलग पैटर्न देखने को मिल सकते हैं।

रिस्टलेस लेग सिंड्रोम: यह नींद में कुछ मूवमेंट करने की स्थिति है। जब आप सोने की कोशिश करते हैं तो आपको पैर हिलाने की जरूरत महसूस होती है।

नारकोलेप्सी: इस स्थिति में आपको दिन में सोने का मन करता है और आप अचानक से सो जाते हैं।

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स्लीप डिसऑर्डर के लक्षण

  • इस स्थिति में बहुत से लक्षण देखने को मिल सकते हैं जैसे आपको रात में सोने में कठिनाई महसूस होगी लेकिन आप दिन में आसानी से सो जायेंगे। 
  • कई बार कुछ लोग किसी भी समय सो सकते हैं जैसे ड्राइविंग करते समय। 
  • कुछ अन्य लक्षणों में सोते समय असमान्य ढंग से सांस लेना या गतिविधि करना आदि शामिल है। 
  • आपकी स्लीप साइकिल काफी अनियमित हो सकती है और सोते समय काफी अजीब अजीब हरकत जो पहले नहीं देखने को मिलती थी, भी महसूस हो सकती हैं।
  • इसके अलावा आप रोज रात में आधे घंटे से ज्यादा सोने में लगा देते हैं, आप रात में काफी बार बीच बीच में उठते हैं और फिर आपको दुबारा सोने में बहुत परेशानी होती है। 
  • आपको सोते समय काफी चोकिंग, खरांटे मारना, सांस न ले पाना जैसी स्थिति का सामना करना पड़ता है।
sleep disorder problem

स्लीप डिसऑर्डर के कारण

  • इसके काफी अलग अलग कारण हो सकते हैं जैसे : कुछ अन्य शारीरिक स्थितियां जैसे दिल की बीमारी, फेफड़ों की बीमारी, नर्व डिसऑर्डर और दर्द होना।
  • मानसिक स्थिति का सही न होना या मेंटल डिसऑर्डर जैसे डिप्रेशन और बहुत ज्यादा चिंता रहना।
  • किसी प्रकार की दवाइयों का सेवन करना।
  • जेनेटिक।

कुछ अन्य फैक्टर जो रात में अच्छी नींद न आने का कारण बन सकते हैं : 

  • जब रात को सोने के समय कैफ़ीन या शराब का सेवन कर लिया हो।
  • सोने का शेड्यूल नियमित न हो जैसे कई बार आपको रात की शिफ्ट करनी पड़ रही हो तो कई बार आप और कामों में उलझ जाते है।
  • उम्र बढ़ने के कारण भी रात में नींद आना काफी कठिन हो जाता है। बुढ़ापे में लोग कुछ न करने के कारण या ज्यादा आराम करते रहने के कारण उन्हें नींद आने में कठिनाई हो सकती है।

स्लीप डिसऑर्डर का पहचान कैसे हो सकती है?

आपके डॉक्टर आपकी निम्न गतिविधियों को चेक करके इस स्थिति का अंदाजा लगा सकते हैं : 

  • ब्रेन वेव में बदलाव
  • आंखों की गतिविधियां
  • ब्लड प्रेशर
  • ब्रीदिंग रेट
  • हार्ट रेट

स्लीप डिसऑर्डर के इलाज के तरीके

  • अगर आपका लाइफस्टाइल खराब है तो सबसे पहले उसमें बदलाव करें और हेल्दी डाइट लेने से शुरुआत करें।
  • आप कॉग्निटिव बिहेवियर थेरेपी भी ट्राई कर सकते हैं।
  • सुबह सुबह ब्राइट लाइट थेरेपी भी ले सकते हैं।
  • कुछ दवाइयां जिन को केवल डॉक्टर की सलाह पर ले सकते हैं।

स्लीप डिसऑर्डर आपके सारे स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है। अपने शेड्यूल में बदलाव कर और लाइफस्टाइल को हेल्दी बना कर आप स्लीप डिसऑर्डर की परेशानी से छुटकारा पा सकते हैं।

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