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क्या दोपहर के खाने के बाद सोना सही है? जानें क्या है आयुर्वेद एक्सपर्ट की राय

Sleeping After Meal Affect In Hindi: दोपहर के भोजन के बाद अक्सर लोगों को नींद आती है, जानें भोजन के बाद सोने के सेहत पर प्रभाव। 

 

Vineet Kumar
Written by: Vineet KumarPublished at: May 23, 2022Updated at: May 23, 2022
क्या दोपहर के खाने के बाद सोना सही है? जानें क्या है आयुर्वेद एक्सपर्ट की राय

अक्सर हम देखते हैं जब लोग दिन के समय खाना खाते हैं तो उन्हें काफी नींद आती है। यहां तक कि कई लोग तो भोजन के बाद बिल्कुल सुस्त हो जाते हैं और सोने के बहाने ढूंढते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है दिन में भोजन के बाद सोने से आपकी सेहत पर क्या प्रभाव पड़ते हैं (Sleeping After Meal During The Day Time Affect On Health In Hindi)? हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो दिन में सोने के प्रभाव काफी हद तक मौसम पर भी निर्भर करता है। गर्मियों की तुलना में सर्दियों के दौरान दिन के समय सोना सेहत के लिए ज्यादा नुकसानदायक होता है। इसके अलावा कई लोगों के मन में यह सवाल भी रहता है कि आखिर ऐसा क्यों होता है? आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. ऐश्वर्या संतोष (BAMS Ayurveda) की मानें तो दिन में नींद आने के लिए कई स्वास्थ्य स्थितियां भी जिम्मेदार हो सकती हैं।

अब सवाल यह है कि क्या दोपहर के भोजन के बाद सोना सही है? इस लेख में हम आपको दोपहर के भोजन के बाद सोने से सेहत पर पड़ने वाले प्रभाव (Day Time Sleeping Effect On Health In Hindi) और भोजन के कितने देर बाद सोना चाहिए (Right Time To Sleep After Meal In Hindi), इसके बारे में विस्तार से बता रहे हैं।

दोपहर के भोजन के बाद सोने से सेहत पर क्या प्रभाव पड़ते हैं? (Sleeping During Day Time After Meal Affect On Health In Hindi)

आयुर्वेद के अनुसार जब आप दिन के समय सोते हैं तो इससे शरीर में स्निग्धा गुण (Unctuous Quality) बढ़ता है, जो कफ दोष का गुण है। इसलिए यह हमारे शरीर में कफ दोष को बढ़ाने में योगदान देता है। खाना खाने के बाद (पाचन के पहले भाग के दौरान) हमारे शरीर में स्वाभाविक रूप से कफ दोष अधिक होता है। ऐसे में दिन के समय दोबारा सोने से कफ दोष नष्ट हो जाता है। जिसके कारण पेट संबंधी समस्याएं जैसे अपच, कब्ज, पेट फूलना, पेट में गैस और सूजन का सामना करना पड़ता है।

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दिन में कौन सो सकता है? (Who Can Sleep In Day Time In Hindi)

डॉ. ऐश्वर्या की मानें तो जो लोग पढ़ाई या गाना गाने के बाद थक जाते हैं, भारी शारीरिक गतिविधियां करते हैं, लंबी यात्रा के बाद,  वृद्ध लोग और बच्चे, कम वजन वाले और कुपोषित शरीर वाले लोग दिन में सो सकते हैं।

डॉ. ऐश्वर्या के अनुसार गर्मी ही एकमात्र ऐसा मौसम है जहां दिन के समय सोने का संकेत दिया जाता है। गर्मी के मौसम के दौरान रूक्षता (सूखापन या खुरदरापन) के कारण वात की गुणवत्ता में वृद्धि होती है। साथ ही गर्मियों में रात भी छोटी होती है। इसलिए दिन में सोने की सलाह दी जाती है।

किन लोगों को दिन में बिल्कुल भी नहीं सोना चाहिए (Who Should Not Sleep In Day Time In Hindi)

कफ प्रकृति या दुर्बलता वाले व्यक्तियों को दिन में सोने से बचना चाहिए। साथ ही जो लोग रोजाना जंक और प्रोसोस्ड फूड्स का अधिक सेवन करते हैं, जिन्हें अपच की समस्या है, मोटापे से ग्रस्त हैं- इन लोगों को दिन में सोने से बचना चाहिए।

डॉ. ऐश्वर्या के अनुसार जो लोग दिन में अस्वस्थ नींद लेते हैं वे आमतौर पर शरीर में कफ की वृद्धि से पीड़ित होते हैं। साथ ही सिरदर्द, शरीर में भारीपन, कमजोर पाचन अग्नि, क्रोनिक राइनाइटिस , नाड़ियों में रुकावट, सूजन आदि से जूझ रहे होते हैं।

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दिन में सोने का सही समय क्या है? (Right Time To Sleep During Day In Hindi)

डॉ. ऐश्वर्या के अनुसार आपको दोपहर का भोजन करने के बाद कम से कम 1 से 1.5 घंटे बाद सोना चाहिये। भोजन के बाद 100 कदम जरूर चलें और अगर आपको थकान महसूस हो रही है तो बाएं ओर करवट लेकर लेटें। या बैठने की मुद्रा में एक छोटी झपकी ले सकते हैं। बैठे हुए मुद्रा में सोने से कफ दोष इतना अधिक नहीं बढ़ेगा।

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