क्या खुद की देखभाल करना स्वार्थी होना है? जानें कैसे करें सेल्फ केयर और ये क्यों है जरूरी

क्या खुद की देखभाल करना भी गलत है? क्या सेल्फ केयर स्वार्थी होना है? चलिए जानते हैं इस बारे में-

Kishori Mishra
Written by: Kishori MishraPublished at: Jul 15, 2021Updated at: Jul 15, 2021
क्या खुद की देखभाल करना स्वार्थी होना है? जानें कैसे करें सेल्फ केयर और ये क्यों है जरूरी

ऑफिस या घर का काम ज्यादा होने पर आप क्या करते हैं? क्या वर्क लोड बढ़ने पर आप काम करना बंद कर देते हैं? हम में से अधिकतर लोगों का जबाव होगा न, बल्कि अपने काम को एक्स्ट्रा समय देते हैं। दिन रात जागकर अपने काम को पूरा करते हैं। बचपन से ही हमें यही सिखाया गया है कि हर काम को समय पर पूरा करना चाहिए। इसके अलावा हमें यह भी सिखाया जाता है कि हमें अपने से पहले दूसरों के बारे में सोचना चाहिए। हमारे बड़े-बुजुर्गों द्वारा दी गई ये सीख शायद गलत न हो, लेकिन क्या अपने लिए समय निकालना और कभी-कभी खुद की केयर करना स्वार्थी बनना हो जाता है? अगर आपका जबाव है हां, तो आप गलत हैं क्योंकि खुद के बारे में सोचना स्वार्थी बनना नहीं, बल्कि सेल्फ केयर होता है, जो स्वस्थ शरीर और दिमाग के लिए बेहद जरूरी है।

हमेशा काम और काम के बीच में फंसे रहने से न हम खुद खुश हो पाते हैं और न हम किसी और को खुश कर पाते हैं। इसलिए जब काम खत्म हो जाए, तो कुछ पल खुद के साथ गुजारिए। सप्ताह में अपने लिए एक ऐसा दिन निकालिए, जिसमें सिर्फ आप अपने लिए करें और अपने बारे में सोचें। अगर आप ये सोच रही हैं कि ऐसा करने से लोग आपको स्वार्थी समझने लगेंगे, तो दूसरों का न सोचिए। अपना सोचिए कि आपके लिए क्या जरूरी है। क्योंकि यह स्वार्थ नहीं होता बल्कि सेल्फ केयर होती है। स्वस्थ शरीर और मानसिक विकास के लिए सेल्फ केयर बहुत ही जरूरी है। आज हम आपको इस लेख में कुछ ऐसे टिप्स देने जा रहे हैं, जिससे आप आसान तरीकों से सेल्फ केयर कर सकते हैं। चलिए जानते हैं इस बारे में-

"लोग क्या सोचेंगे" ये सोचना करें बंद

लोग क्या सोचेंगे, ये सोचना आज से ही बंद कर दें। अगर आप अपने बारे में नहीं सोचेंगे, तो शायद कोई दूसरा भी आपके बारे में नहीं सोचेगा। इसलिए पहले खुद के बारे में सोचे। जो व्यक्ति अपने लिए सोच सकता है, वह दूसरों के लिए भी। इसलिए खुद को स्वार्थी न समझें। सेल्फ केयर मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत ही जरूरी होता है। इससे आप खुद के साथ-साथ दूसरों की केयर भी अच्छे से करेंगे। इसलिए अपने लिए सोचते वक्त ये न सोचें कि दूसरे क्या सोचेंगे। आपको जो अच्छा लगे या आपका मन करे, वो करें। 

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अच्छा और हेल्दी खाएं

कभी-कभी काम के चलते लोग खाना-पीना छोड़े देते हैं। काम के चलते खानपान पर ध्यान न देने से आपका शरीर कमजोर होता है और आपके शरीर को एनर्जी नहीं मिलती है। इसका असर आपके काम पर भी पड़ता है। इसलिए खुद पर अत्याचार न करें और काम को शुरू करने से पहले कुछ हेल्दी खाएं। हेल्दी खाने से आपके शरीर को उर्जा मिलता है और आप काम भी सही तरीके से करते हैं।

शरीर को रखें एक्टिव

काम के दौरान अपने शरीर को एक्टिव रखें। अगर आपका काम एक ही जगह पर बैठकर करने वाला है, तो बीच-बीच में उठकर अपने हाथ-पैरों को हिलाएं। इसके अलावा सुबह एक्सरसाइज करें। डांस क्लास ज्वॉइन करे, जिम जाएं या फिर कोई अन्य क्रिएटिविटी क्लास ज्वॉइन करें, जो आपको पसंद हो। दूसरों की सोचकर कभी भी खुद की ख्वाहिशों को दफनाएं नहीं। इससे आगे आपको ही तकलीफ होगी। इसलिए खुद से प्यार रखना सीखें और अपनी इच्छाओं को पूरा करें।

जीवन को हर हाल में करें एंजॉय

अगर आप मानसिक रूप से बीमार नहीं पड़ना चाहते हैं, तो अपने लाइफ को इंजॉय करना सीखें। इससे न सिर्फ आप खुद खुश होंगे, बल्कि आप अपने काम को अच्छी तरह से संभाल भी पाएंगे। इसके लिए अपनी सुविधानुसार सप्ताह या 15 दिन पर अपने लिए ऐसा दिन निकाले, जिस दिन आप खुलकर एंजॉय करें। इस दिन अपनी पसंदीदा चीजें खाएं और बनाएं। अच्छा पहनें और अच्छा गाना सुनें। अगर डांस करना पसंद है, तो डांस करें, शॉपिंग करें। इस तरह जीवन जीने का तरीका आपके काम करने के ढंग को बदल सकता है। ये चीजें स्वार्थी बनना नहीं है, बल्कि सेल्फ केयर है। जिसे हर किसी को करने की जरूरत है।

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शरीर को दें रेस्ट

शरीर को पर्याप्त रेस्ट देना बहुत ही जरूरी है। इस बात से सभी अच्छे से वाकिफ होंगे। अगर आप अपने शरीर को पर्याप्त रूप से रेस्ट नहीं देते हैं, तो वजन बढ़ने का रिस्क होता है। इतना ही नहीं, इससे आपके विचार भी प्रभावित होते हैं। जिसका असर आपके काम पर भी पड़ सकता है। इसलिए अपने काम को सही तरीके से करने के लिए अपने शरीर को रेस्ट दें। यदि आप हर चीज परफेक्ट तरीके से करना चाह रहे हैं, तो आपके लिए रेस्ट बेहद जरूरी है। इसलिए हर काम में हैरान और परेशान होने की जरूरत नहीं है, बल्कि आपको थोड़ा रेस्ट करने की जरूरत है।

वर्तमान में जिएं, कल क्या होगा किसने देखा है?

कई लोग आज से ज्यादा कल (फ्यूचर) को लेकर परेशान होते हैं। खासतौर पर महिलाएं, अपने आज से ज्यादा कल का सोचकर परेशान रहती हैं। इसका असर उनके मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। इसलिए कल की न सोचकर आज में जिएं। क्योंकि कल किसी ने भी नहीं देखा है। आप जो भी सोचकर रखते हैं, उसका विपरीत भी हो सकता है या फिर उससे कहीं ज्यादा अच्छा भी। इसलिए कल के बारे में सोचने से अच्छा है आज (वर्तमान) में जिएं और रिलैक्स रहें। इससे आप खुद भी खुश हो पाएंगे और दूसरों को भी खुश रखेंगे।

ध्यान रखें कि सेल्फ केयर आपको खुद के लिए करना है, दूसरों को दिखाने के लिए नहीं। इसलिए सबसे पहले खुश रहना सीखें। अगर आपको कुछ नहीं आता है, तो धीरे-धीरे उस चीज को सीखें और अपनी लाइफ को बेहतर करें।  

Image Credit - Pixabay

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