जानें क्‍यों सर पर लगी चोट हो सकती है जानलेवा

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Mar 24, 2017
Quick Bites

  • हेड इंजरी का सीधा कनेक्शन ब्रेन स्टेम एरिया से है।
  • ये एरिया अन्य भागों की तुलना में ज्यादा संवेदनशील है।
  • हेड इंजरी के अगले 13 सालों में हो सकती है मौत।

मोहन लगातार अपने सर दर्द को नजरअंदाज कर रहा था। लेकिन अब उसे पता चला है कि उसे ब्रेन ट्यूमर हो गया है। ये ब्रेन ट्यूमर दो साल पहले सर पर लगी चोट का परिणाम थी। वर्तमान में मोहन को ऑपरेशन कराना है और कई तरह की एहतियात बरतनी है। मोहन की तरह अगर आपने भी सर पर लगी चोट को नजरअंदाज कर दिया है तो इस शोध पर एक सरसरी नजर डालें।

केस-कंट्रोल स्टडी के अनुसार हेड इंजरी के बाद अगले 13 सालों तक उसका खतरा बना रहता है। ग्लासगो के अस्पताल में हेड इंजरी के लिए एडमिट हुए युवाओं में से 40 प्रतिशत से अधिक युवाओं की 13 साल बाद मौत हो गई।

इसे भी पढ़ेंः सिर की चोट से बचाएगा यह डिवाइस

हेड इंजरी

स्वस्थ लोग जीतें है अधिक

शोध में 602 पुरुष और 155 महिलाओं को शामिल किया गया जिनकी औसत उम्र 43 थी। इन लोगों को शामिल करने के बाद इन्हें कुछ सालों तक फॉलो किया गया। इन कुछ सालों में और शोध के अंत में 305 लोगों की मौत हो गई। ये लोग हेड इंजरी के शिकार थे। वहीं हॉस्पीटलाइज होने वाले 215 लोगों की मौत होती है जबकि स्वस्थ लोगों में केवल 135 लोगों की मौत होती है।

इसे भी पढ़ेंः सर में चोट के बारे में जानें

 

ब्रेन स्टेम एरिया है संवेदनशील

हेड इंजरी का सीधा कनेक्शन ब्रेन स्टेम एरिया से होता है जो शरीर के अन्य भागों की तुलना में ज्यादा संवेदनशील होता है। बकौल रॉकलैंड हॉस्पिटल के डायरेक्टर (न्यूरो सर्जरी) डॉं. आशीष श्रीवास्तव, सिर के किसी भी हिस्से में लगी कोई भी चोट खतरनाक होती है, लेकिन ब्रेन स्टेम एरिया ज्यादा संवेदनशील होता है, क्योंकि शरीर की सभी नसों का संपर्क यहीं से होता है। इसलिए ब्रेन स्टेम एरिया को नुकसान होने से मौत की संभावना अधिक हो जाती है।
कई बार तो बिना बाहरी चोट के भी ब्रेन में गहरी इंजरी हो जाती है। ऐसी स्थिति में बाहर से घाव दिखाई नहीं देता, लेकिन मस्तिष्क को नुकसान हो सकता है।

 

क्या करें

  • सर पर चोट लगने को कभी भी हल्के में ना लें। सिर पर लगी किसी भी प्रकार की चोट में तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।
  • एक बार सीटी स्कैन करा लें तो बेहतर है।

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Read more articles on Healthy living in Hindi.

Loading...
Is it Helpful Article?YES4 Votes 4698 Views 0 Comment
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर
I have read the Privacy Policy and the Terms and Conditions. I provide my consent for my data to be processed for the purposes as described and receive communications for service related information.
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK