CPR Technique: हार्ट अटैक आने पर सीपीआर देने से बच सकती है जान, जानें CPR देने का सही तरीका

CPR Technique in Hindi: अगर हार्ट अटैक आने पर व्यक्ति को सीपीआर दिया जाए, तो इससे उसकी जान को बचाया जा सकता है। जानें, सीपीआर देने का सही तरीका-

Anju Rawat
Written by: Anju RawatUpdated at: Jan 23, 2023 13:42 IST
CPR Technique: हार्ट अटैक आने पर सीपीआर देने से बच सकती है जान, जानें CPR देने का सही तरीका

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Right Way to Giving CPR in Hindi: कुछ दिनों पहले चंडीगढ़ के स्वास्थ्य सचिव यशपाल गर्ग ने कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) तकनीक की मदद से एक व्यक्ति की जान बचाई थी, जिसे हार्ट अटैक आया था। हार्ट अटैक आने वाले व्यक्ति को सीपीआर देते हुए स्वास्थ्य सचिव यशपाल गर्ग की वीडियो तेजी से वायरल भी हुई थी। इस वीडियो को इंटरनेट पर खूब सराहा गया था। लेकिन उनकी इस वीडियो पर डॉक्टर्स ने आवाज उठाई है और सीपीआर करने के तरीके को गलत बताया है। डॉक्टर्स का कहना है कि स्वास्थ्य सचिव यशपाल गर्ग द्वारा दिया गया सीपीआर का तरीका गलत था और इससे उस व्यक्ति को नुकसान भी पहुंच सकता था। आपको बता दें कि सीपीआर हार्ट अटैक या दिल की धड़कन रुक जाने पर दिया जाता है। लेकिन दिल की धड़कन को वापस लाने के लिए सही तरीके से सीपीआर देना जरूरी होता है। क्योंकि अगर गलत तरीके से सीपीआर दिया जाता है, तो व्यक्ति की जान तक जा सकती है। तो चलिए, फैमिली फिजिशियंस ऑफ इंडिया के डॉक्टर रमन कुमार से विस्तार से जानते हैं सीपीआर देने के सही तरीके (Right Way to Give CPR in Hindi) के बारे में-

सीपीआर क्या है?- What is CPR in Hindi

सीपीआर यानी कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन एक जीवन रक्षक टैक्निक है। इसका उपयोग इमरजेंसी केसेज में किया जा सकता है। यानी जब किसी व्यक्ति को हार्ट अटैक आता है, या फिर उसकी दिल की धड़कन रुक जाती है, तो इन स्थितियों में सीपीआर दिया जा सकता है। सीपीआर देने से व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है। इसमें छाती को दबाना होता है और मुंह से सांस देनी होती है, जिससे दिल की धड़कन वापस लाने लगती है। साथ ही पूरे शरीर में भी रक्त का प्रवाह होने लगता है। 

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right way to give CPR

सीपीआर देने का सही तरीका- Correct Way to Give CPR in Hindi

अगर कोई व्यक्ति सांस नहीं ले पा रहा है, या उसे हार्ट अटैक या कार्डियक अरेस्ट आया है, तो इस स्थिति में सीपीआर देने से व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है। हार्ट अटैक के मरीजों के लिए सीपीआर मददगार साबित हो सकती है। लेकिन सीपीआर को सही तरीके से देना बहुत जरूरी होता है। क्योंकि जब सीपीआर सही तरीके से नहीं दिया जाता है, तो इससे व्यक्ति को नुकसान भी पहुंच सकता है और उसकी जान तक जा सकती है। सीपीआर देने का सही तरीका इस प्रकार है-

  • अगर किसी व्यक्ति को हार्ट अटैक आया है, या उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही है तो सबसे पहले उसे पीठ के बल जमीन पर लिटा दें। 
  • इसके बाद उसके गर्दन और कंधों के पास अपने घुटने टेक लें। उसके सिर को पकड़कर थोड़ा पीछे की ओर करें। इससे उसकी सांस की नली खुल जाएगी।
  • अब उसकी पल्स चेक करें। अगर पल्स लगातार गिर रही है, तो आप उसे सही तरीके से सीपीआर दे सकते हैं।  
  • सीपीआर अपने एक हाथ को दूसरे हाथ पर रखें। अब हाथों को व्यक्ति की छाती के बीच (निप्पल के पास) में रखें।
  • इसके बाद अपने हाथों से व्यक्ति की छाती के बीच में जोर से नीचे की ओर धकेलें। 
  • इसके लिए आपको प्रति मिनट 100 से 120 बार व्यक्ति की छाती को धक्का देना जारी रखना होता है। इसे ही कंप्रेशन कहा जाता है। 
  • हर बार आपको छाती को 1-2 इंच नीचे धकेलना होता है। लेकिन इसके लिए आपको ध्यान रखना है कि एक बार धक्का देने के बाद छाती को पूरी तरह से ऊपर आने देना है, इसके बाद ही दूसरा धक्का देना है।
  • इस दौरान अपनी भुजाओं और कोहनियों को बिल्कुल सीधा रखें। साथ ही अपने शरीर के वजन को छाती पर न पड़ने दें।
  • जिन लोगों ने सीपीआर देने की ट्रेनिंग ले रखी है, वे हर 30 कंप्रेशन के बाद मुंह से सांस दे सकते हैं।  
  • आपको बता दें कि सीपीआर में दबाव और आर्टिफिशियल सांस का एक अनुपात होता है। इसमें हर 30 कंप्रेशन देने के बाद 2 बार सांस दी जाती है। यानी दबाव और सांस देने का अनुपात 30:02 होता है।

सीपीआर देते समय क्या करें और क्या नहीं?- What to do or Not to do in CPR in Hindi

  • सीपीआर देते समय बहुत अधिक तेज दबाव डालने से भी बचना चाहिए। साथ ही अपने पूरे शरीर का वजन नहीं डालना चाहिए।
  • सीपीआर में नाक को उंगलियों से दबाकर बंद किया जाता है। फिर मुंह से सांस दी जाती है। इससे व्यक्ति के फेफड़ों तक ऑक्सीजन पहुंच जाता है।
  • इसके लिए सीपीआर या सांस देने वाले व्यक्ति को पहले लंबी सांस लेनी होती है, फिर मुंह से सांस देनी होती है। 
  • इस दौरान इस बात का ध्यान रखना जरूरी होता है कि सांस देते समय व्यक्ति की छाती ऊपर-नीचे हो रही है या फिर नहीं। 
  • जब व्यक्ति खुद से सांस लेने लग जाए, तो सीपीआर टैक्नीक को रोक दिया जाना चाहिए।
  • अगर आपको सीपीआर देना नहीं आता है, तो आप व्यक्ति को तुरंत नजदीकी अस्पताल में लेकर जा सकते हैं। लेकिन गलत तरीके से सीपीआर बिल्कुल न दें।

सीपीआर को बहुत ही ध्यान से देना चाहिए। क्योंकि अगर सही तरीके से सीपीआर दिया जाता है, तो इससे व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है, जबकि अगर सीपीआर गलत तरीके से दिया जाता है तो इससे व्यक्ति को नुकसान पहुंच सकता है।

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