राइट साइडेड हार्ट फेलियर क्या है? डॉक्टर से जानें इसके कारण और लक्षण

राइट साइडेड हार्ट फेलियर हार्ट की एक जटिल समस्या है। यहां डॉक्टर से जानें इसके बारे में।  

 
Kunal Mishra
Written by: Kunal MishraPublished at: Jul 13, 2021Updated at: Jul 13, 2021
राइट साइडेड हार्ट फेलियर क्या है? डॉक्टर से जानें इसके कारण और लक्षण

बेहतर स्वास्थ्य के लिए हदय का स्वस्थ रहना भी काफी जरूरी है, लेकिन आजकल के खराब लाइफस्टाइल और असंतुलित खान-पान के कारण हृदय रोगियों की संख्या दिन ब दिन बढ़ती ही जा रही है। खासकर हृदय रोग युवाओं को ज्यादा प्रभावित कर रहा है। हार्ट फेलियर के मामले भी पहले की अपेक्षा बढ़ गए हैं। हार्ट फेलियर उस स्थिति को कहा जाता है जब हार्ट शरीर के दूसरे हिस्सों में ठीक तरह से रक्त नहीं पहुंचा पाता है। हार्ट फेलियर भी कई प्रकार से होता है, जैसे कंजेस्टिव हार्ट फेलियर, लेफ्ट साइडेड हार्ट फेलियर, सिस्टोलिक हार्ट फेलियर आदि। आज हम बात कर रहे हैं राइट साइडेड हार्ट फेलियर की। क्या आपने कभी इसके बारे में सुना है? दरअसल, राइट साइडेड हार्ट फेलियर वह स्थिति है जब हार्ट फेफड़ों तक रक्त पहुंचाने में असमर्थ हो जाता है। इसे पलमनरी हार्ट डिजीज के नाम से भी जाना जाता है। इसी विषय पर अधिक जानकारी लेने के लिए हमने पुणे के हेल्दी हार्ट क्लीनिक के सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर केदार कुलकर्णी (Dr. Kedar Kulkarni, Senior Cardiologist, Healthy Heart Clinic, Pune) से बातचीत की। चलिए जानते हैं इसके बारे में। 

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क्या है राइट साइडेड हार्ट फेलियर (What Is Right Sided Heart Failure)

डॉक्टर केदार कुलकर्णी ने बताया कि राइट साइडेड हार्ट फेलियर वह स्थिति है जब हार्ट आपके फेफड़ों तक ब्लड पहुंचाने में असमर्थ हो जाते हैं। हालांकि ऐसा कई कारणों से हो सकता है, लेकिन इस समस्या में मुख्य रूप से लेफ्ट साइडेड हार्ट फेलियर या फिर फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों को जिम्मेदार माना जाता है। इसमें फेफड़ों की ओर जाने वाली धमनियों में खून जाता है, जो फेफड़ों में जाकर प्यूरीफाई होता है। राइट साइडेड हार्ट फेलियर की स्थिति में नसों में थक्का बनने लगता है, जो हार्ट की ओर आने के बाद फेफड़ों तक जाता है, इस समस्या को पल्मोनरी एंबॉलिज्म कहा जाता है। पल्मोनरी एंबॉलिज्म के कारण भी ऐसी समस्याएं हो सकती हैं। 

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राइट साइडेड हार्ट फेलियर के कारण (Causes of Right Sided Heart Failure)

1. हाई ब्लड प्रेशर (High Blood Pressure)

डॉ. केदार कुलकर्णी ने बताया कि अक्सर दिल की बीमारियों की शुरुआत हाई ब्लड प्रेशर से होती है। राइट साइडेड हार्ट फेलियर भी हाई ब्लड प्रेशर के कारण हो सकता है। इस स्थिति में आपका ब्लड प्रेशर जितना हाई होगा आपका दिल उतना ही धीरे और धमनियां सख्त होकर काम करती हैं। इससे आपकी हार्ट की मसल्स में कई बार कमजोरी भी आ सकती है।

2. फेफड़ों की बीमारी (Lung Disease)

राइट साइडेड हार्ट फेलियर मुख्य रूप से आपके फेफड़ों से संबंधित होता है। फेफड़ों की पुरानी समस्याओं के चलते भी आपको यह समस्या हो सकती है। डॉ. केदार ने बताया कि यदि किसी को कई सालों से अस्थमा या फिर ब्रॉंकाइटिस की समस्या है या फिर किसी समस्या के चलते फेफड़े डैमेज हो चुके हों तो ऐसे लोगों में भी राइट साइडेड हार्ट फेलियर होने की आशंका रहती है।

3. लेफ्ट साइडेड हार्ट फेलियर (Left Sided Heart Failure)

लेफ्ट साइडेड हार्ट फेलियर भी राइट साइडेड हार्ट फेलियर की ही तरह है। यह दोनों एक दूसरे को क्षति पहुंचा सकते हैं। यदि व्यक्ति के लेफ्ट साइड हार्ट में समस्या है तो यह उसके राइट साइडेड हार्ट फेलियर का भी कारण बन सकता है। इस समस्या में आपका सेंट्रल वीनस प्रेशर बढ़ता है। यह प्रेशर आमतौर पर 8 से 12 होता है, लेकिन इस समस्या में यह 20 से 200 वीनस तक भी पहुंच सकता है।

4. अरिथमिया (Arrhythmia)

अरिथमिया हार्ट की एक जटिल समस्या है। इसमें आपके हृदय की गति काफी तेज हो जाती है या फिर धीमी हो जाती है। इसे सामान्य भाषा में अनियंत्रित हार्टबीट कहा जाता है। अगर लंबे समय तक इसका इलाज नहीं कराया जाए तो यह आपको राइट साइडेड हार्ट फेलियर की ओर भी ले जा सकता है। इसलिए अरिथमिया का इलाज समय रहते कराने की सलाह दी जाती है। 

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राइट साइडेड हार्ट फेलियर के लक्षण (Symptoms of Right Sided Heart Failure)

  • राइट साइडेड हार्ट फेलियर में आपको सांस लेने में समस्या हो सकती है या सोते समय भी सांस लेने में कठिनाई महसूस हो सकती है।
  • अगर पैर में लंबे समय तक सूजन बनी हुई है तो यह भी कई बार इस समस्या का कारण हो सकती है।
  • फेफड़े और बॉडी वॉल के बीच अगर पानी का जमाव है तो भी इसे आसानी से पहचाना जा सकता है।
  • पेट और फेफड़ों में पानी का जमना।
  • अचानक वजन बढ़ना या फिर भूख में कमी आ जाना भी इसका कारण हो सकते हैं।
  • हर समय थकान और घबराहट महसूस करना भी राइट साइडेड हार्ट फेलियर का लक्षण हो सकता है।
  • लिवर कंजेशन या फिर लिवर सिरोसिस होने पर भी इसे आसानी से पहचाना जा सकता है। 

उपचार (Treatment)

राइट साइडेड हार्ट फेलियर के उपचार में सबसे पहले इस समस्या के कारण तक पहुंचना होता है और पहले उसका इलाज करना होता है। अगर यह बीमारी पल्मोनरी एंबॉलिज्म के कारण हुई है तो पहले मरीज को खून पतला करने की दवाइयां दी जाती हैं। पल्मोनरी प्रेशर कम करने के लिए इसमें इडियोपैथिक पल्मोनरी हाइपरटेंशन का उपचार किया जाता है। इनके अलांवा कई दवाओं के सेवन की भी सलाह दी जाती है।

यह लेख चिकित्सक द्वारा प्रमाणित है। इस लेख में दिए गए लक्षणों से आप राइट साइडेड हार्ट फेलियर का पता लगा सकते हैं। किसी भी दवा का सेवन करने से पहले चिकित्सक की सलाह जरूर लें। 

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