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वजन कंट्रोल करने के लिए फायदेमंद है रिवर्स डाइटिंग, एक्सपर्ट से जानें इसके बारे में

Reverse Dieting For Weight Management: शरीर के वजन को कंट्रोल रखने के रिवर्स डाइटिंग काफी ट्रेंड में है, एक्सपर्ट से जानें इसके बारे में।

Vineet Kumar
Written by: Vineet KumarPublished at: Jun 18, 2022Updated at: Jun 18, 2022
वजन कंट्रोल करने के लिए फायदेमंद है रिवर्स डाइटिंग, एक्सपर्ट से जानें इसके बारे में

हम सभी चाहते हैं कि हम फिट रहें और अपने बॉडी शेप को बनाए रखें। इसके लिए अपने शरीर के वजन को कंट्रोल में रखना बहुत जरूरी होता है। शरीर के वजन को नियंत्रण में रखने या मोटापा कम करने के लिए लोग तरह-तरह की एक्सरसाइज और डाइट फॉलो करते हैं। जिससे कुछ समय तक तो काफी अच्छे परिणाम देखने को मिलते हैं लेकिन एक समय आने पर परिणाम दिखना बंद हो जाते हैं या प्रोग्रेस रुक जाती है। फिर कम से कम कैलोरी खाने पर भी आपका वजन कम नहीं होता है। इस स्थिति से निपटने के लिए लोग रिवर्स डाइट का सहारा लेते हैं। रिवर्स डाइटिंग इन दिनों काफी ट्रेंड में है। लेकिन काफी लोगों को इसके बारे में बहुत कम जानकारी है। रिवर्स डाइट क्या है और यह वजन कंट्रोल करने में कैसे फायदेमंद है? यह जानने के लिए हमने क्लीनिकल न्यूट्रिशनिस्ट, डाइटीशियन और सर्टिफाइड डायबिटीज एजुकेटर गरिमा गोयल से बात की। इस लेख में हम आपको इसके बारे में विस्तार से बता रहे हैं।

Reverse Dieting In Hindi

रिवर्स डाइटिंग क्या है और वजन कंट्रोल करने में कैसे फायदेमंद है (Reverse Dieting Meaning In Hindi Benefits For Weight Management)

रिवर्स डाइटिंग क्या है (Reverse Dieting Meaning In Hindi)

डायटीशियन गरिमा की मानें तो रिवर्स डाइट वेट लॉस प्लेट्यू (Plateau)  को रिवर्स या उलटने के लिए एक ट्रिक या तरीका है। रिवर्स डाइटिंग वेट लॉस में प्लेट्यू (Plateau) तोड़ने के लिए की जाती है। इसका मतलब यह है कि जब कोई व्यक्ति वजन कम कर रहा होता है और खाना कम खाता है या लो फैट डाइट को बहुत लंबे समय से फॉलो कर रहा होता है तो इस स्थिति में उसका वजन स्थिर या स्टेबल हो जाता है और वजन कम होना बंद हो जाता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आपकी बॉडी डेफिसिट (Deficit) में चली जाती है, जिससे शरीर में कोई परिणाम देखने को नहीं मिलते हैं। तो इस स्थित का हल होता है रिवर्स डाइट या उल्टी डाइट। इस डाइट में उलटा किया जाता है। उदाहरण के लिए जैसे अगर किसी व्यक्ति को पहले बहुत कम खाना दिया जा रहा था तो उसे रिवर्स डाइट में ज्यादा खाना दिया जाता है, जैसे अगर उसे पहले दिन में 800-900 कैलोरी दी जा रही थी तो अब उसे 1500-1600 कैलोरी का सेवन करना होगा। उसको खाना ज्यादा खिलाया जाता है, जिससे कि उसका मेटाबॉलिज्म तेज हो। साथ ही इतने लंबे समय से डाइट कर-करके उसका जो प्लेट्यू बन गया है वो टूट जाए। इसलिए हम रिवर्स डाइट करते हैं।

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Reverse Dieting In Hindi

वजन कंट्रोल करने में कैसे फायदेमंद है रिवर्स डाइटिंग (Reverse Dieting Benefits For Weight Management In Hindi)

डायटीशियन गरिमा के अनुसार रिवर्स डाइट को फॉलो करने से मेटाबॉलिज्म तेज होता है। जब आपका मेटाबॉलिज्म अच्छी तरह काम करता है तो यह तेजी से कैलोरी बर्न करने में मदद करता है। यह शरीर में जमा जिद्दी को कम करने में मदद करता है। साथ जब आपके पास एक तेज और मजबूत मेटाबॉलिज्म होता है, तो आप सामान्य शारीरिक गतिविधियां करने के दौरान भी फैट बर्न करते हैं, जैसे दिन भर के सामान्य कामकाज और पैदल चलना आदि। आप जितनी ज्यादा शारीरिक गतिविधियां करेंगे आपका वजन उतना ही तेजी से कम होगा।

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इसके अलावा आपका मेटाबॉलिज्म शरीर में हार्मोन्स के संतुलन के लिए भी जरूरी है। यह आपकी भूख को नियंत्रित करने में भी अहम भूमिका निभाता है। क्योंकि यह आपके शरीर में लेप्टिन हार्मोन के उत्पादन को बढ़ावा देता है, जो आपकी भूख को नियंत्रित करने के लिए जिम्मेदार होता है। अगर शरीर में लेप्टिन का स्तर कम रहता है तो आपको भूख अधिक लगती है और आप अधिक कैलोरी का सेवन करते हैं, जो वजन बढ़ाने में योगदान देता है। रिवर्स डाइटिंग से आपके मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करने और वजन कंट्रोल रखने में मदद मिलती है।

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रिवर्स डाइटिंग कैसे फॉलो करें (How To Do Reverse Dieting In Hindi)

रिवर्स डाइटिंग को फॉलो करना बहुत आसान है। आपको बस अपने पिछले डाइट के पैटर्न को समझने की जरूरत है। अगर आप अपनी पिछली डाइट में कैलोरी का सेवन कम कर रहे थे तो आपको इसे बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करना होगा। लेकिन आपको एक साथ ऐसा नहीं करना है आपको धीरे-धीरे कैलोरी की मात्रा बढ़ानी है। आप 1-2 सप्ताह में ही इसके परिणाम नोटिस कर पाएंगे। हालांकि आपको जल्दी बहुत ज्यादा परिणाम देखने को नहीं मिलेंगे। आपको 4-5 हफ्ते रिवर्स डाइट को फॉलो करना होगा। लेकिन अगर इस दौरान आपका वजन बढ़ रहा है तो इसका अर्थ है कि आप ज्यादा कैलोरी का सेवन कर रहे हैं। इस स्थिति में आपको कुछ कैलोरी कम करने की जरूरत है। लेकिन ध्यान रहे कैलोरी की मात्रा बढ़ाने के लिए आपको अनहेल्दी फूड्स का सेवन नहीं करना है।

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(With Inputs: Dietitian Garima Goyal, MS, RD, CDE, Founder- Dt. Garima Diet Clinic , Ludhiana, Punjab)

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