Parighasana/Gate Pose: 'परिघासन' को करने से सेहत को होते हैं ये 6 फायदे, जानें इसे करने की विधि

परिघासन (Prighasana/Gate pose) को करने से सेहत को कई तरीकों से फायदा पहुंचता है। जानते हैं इस आसन को करने की विधि और फायदे

Garima Garg
Written by: Garima GargPublished at: May 10, 2021Updated at: May 10, 2021
Parighasana/Gate Pose: 'परिघासन' को करने से सेहत को होते हैं ये 6 फायदे, जानें इसे करने की विधि

आसनों को अपनी दिनचर्या में जोड़ना एक अच्छा निर्णय है। पर हमें यह पता होना चाहिए कि कौन सा आसन हमें क्या लाभ दे सकता है। आज हम बात कर रहे हैं परिघासन (Prighasana/Gate pose) की। परिघासन शरीर की मांसपेशियों को ना केवल तंदुरुस्त बनाता है बल्कि सांस संबंधी समस्या, रीढ़ की हड्डी आदि में लचीलापन भी लाता है। आज का हमारा लेख इसी विषय पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि आप कैसे परिघासन को करने से अपनी सेहत को आराम पहुंचा सकते हैं। साथ ही हम परिघासन को करने की विधि (Steps of Prighasana/Gate pose), इससे मिलने वाले फायदे (Benefits of Prighasana/Gate pose) और इसे करने के दौरान बरतने वाली सावधानियों के बारे में भी जानेंगे। पढ़ते हैं आगे...

 

परिघासन करने की विधि (steps of parighasana/gate pose)

सबसे पहले जमीन पर योगा मैट बिछाएं और उस पर घुटनों के बल खड़े हो जाएं। अब अपने दोनों घुटनों के बीच में थोड़ी दूरी बनाएं और बाएं पैर को बाई ओर ले जाएं। आपका पैर पूरा खुला होना चाहिए। पैर का तलवा जमीन पर होना चाहिए। इस दौरान लंबी गहरी सांस लेते रहें और अपने बाएं हाथ को बाएं पैर पर रखें। इस दौरान गहरी लंबी सांस लेते रहें और छोड़ते रहें। अपने दाएं हाथ को ऊपर उठाएं और बाएं ओर लेकर जाएं। आपका सर और शरीर का हिस्सा दाएं और झुका होना चाहिए। जैसा की ऊपर तस्वीर में बताया गया है। इसी अवस्था में तकरीबन 30 से 40 सेकेंड तक रहें। आप अपनी क्षमता के अनुसार भी अपना समय निर्धारित कर सकते हैं। और इस दौरान लंबी गहरी सांस लेते रहे। अब पुरानी स्थिति में आने के लिए अपने दाएं हाथ को सीधा करें और बाएं पैर के घुटने को मोड़ लें और दोनों घुटनों को पास ले आएं। यही प्रक्रिया दूसरे पैर से भी दोहराएं।

इस आसन को करते वक्त बरतने वाली सावधानी

1 - बता दें, जिन लोगों को घुटने की समस्या हो या जोड़ों में दर्द हो तो वह इस योग को ना करें।

2 - जिन लोगों के कूल्हों में कोई गंभीर चोट आई है तो वे भी इस आसन को करने से बचें।

3 - अगर किसी का कंधा क्षतिग्रस्त है या हाथों की नसों में दर्द है तो जरूरी नहीं कि वे अपने हाथ को ऊपर उठाएं वह अपने हाथ को कमर पर भी रख सकता है और इस योग को कर सकते हैं।

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परिघासन को करने से मिलने वाले फायदे (benefits of parighasana gate pose)

इस आसन को करने से सेहत को अनेक फायदे होते हैं- 

1 - सांस संबंधित समस्याएं दूर हो जाती हैं।

2 - इस आसन को करने से पाचन तंदुरुस्त रहता है और पेट की मांसपेशियों को मजबूती मिलती है।

3 - इस आसन को करने से शरीर में रक्त प्रवाह सुचारू रूप से होता है।

4 - इस आसन को करने से उंगलियों से लेकर कोल्हों तक की मांसपेशियों में खिंचाव होता है।

5 - इस आसन को करने से रीढ़ की हड्डी में लचीलापन और मांसपेशियां मजबूत होती हैं।

6 - इस आसन को करने से गर्दन की मांसपेशियों पर भी खिंचाव आता है।

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नोट - ऊपर बताए गए बिंदुओं से पता चलता है कि परिघासन को करने से सेहत को कई तरीकों से फायदा पहुंचता है। लेकिन अगर आप जमीन पर अपने घुटने या योग मैप पर अपने घुटने नहीं रख पा रहे हैं तो आप नीचे कंबल का भी प्रयोग कर सकते हैं। इससे आपके घुटनों पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ेगा। साथ ही अगर आपको कूल्हो, कंधों, घुटनों, पैरों आदि में गंभीर चोट लगी है तब भी इस आसन को करने से बचें। वैसे तो यह आसन आसानी से किया जा सकता है लेकिन अगर आपको किसी भी प्रकार की दिक्कत महसूस हो तो आप एक्सपर्ट की देखरेख में भी इस आसन को कर सकते हैं।

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