थायराइड में मुलेठी के फायदे : जानें थायराइड रोग की परेशानियों को कैसे दूर करती है मुलेठी

mulethi for thyroid : थायराइड में मुलेठी का सेवन करना बेहद फायदेमंद होता है। मुलेठी में थायराइड को कंट्रोल करने के गुण होते हैं। जानें सेवन का तरीका-

Anju Rawat
Written by: Anju RawatPublished at: Nov 16, 2021Updated at: Nov 16, 2021
थायराइड में मुलेठी के फायदे : जानें थायराइड रोग की परेशानियों को कैसे दूर करती है मुलेठी

क्या थायराइड के मरीज मुलेठी (mulethi in thyroid) का सेवन कर सकते हैं? थायराइड में मुलेठी कितनी फायदेमंद है? थायराइड पुरुषों और महिलाओं दोनों को होने वाली एक समस्या है। लेकिन अधिकतर महिलाएं इस बीमारी का सामना करती हैं। थायराइड होने पर शरीर में कई तरह की समस्याएं होने लगती हैं। थायराइड की वजह से कमजोरी, थकान, अनियमित मासिक धर्म, डिप्रेशन, सांस फूलना जैसी दिक्कतें शुरू हो जाती हैं। इतना ही नहीं थाइराइड की वजह से मोटापा और पतलेपन की समस्या भी होती है। थायराइड में हॉर्मोन का बैलेंस बिगड़ जाता है।  

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दरअसल, थायराइड गले में सामने की तरफ स्थित एक ग्रंथि है, जो थायराइड हॉर्मोन बनाती है। थायराइड होने पर थायराइड ग्रंथि या तो बहुत अधिक हॉर्मोन का उत्पादन करती है या फिर बहुत कम। इसे थायराइड की समस्या या बीमारी कहा जाता है। जब अधिक हॉर्मोन का उत्पादन होता है, तो इसे हाइपरथायरायडिज्म (hyperthyroidism) कहते हैं। वही जब बहुत कम हॉर्मोन का उत्पादम होता है, तो इसे हाइपोथायरायडिज्म (hypothyroidism) कहा जाता है। थायराइड हॉर्मोन को कंट्रोल में रखने के लिए रोजाना दवाई खाना बहुत जरूरी होता है, लेकिन आप चाहें तो अपने थायराइड को कंट्रोल में रखने के लिए आयुर्वेदिक उपाय भी आजमा सकते हैं। मुलेठी थायराइड को नियंत्रण में रखने के लिए एक बेहद कारगर और फायदेमंद आयुर्वेदिक उपाय है। मुलेठी स्वाद में मीठी होती है। इसका टुकड़ा चूसने से खांसी, गले में खराश या कंठ रोगों की तमाम समस्याओं से राहत मिल सकती है। जानें थायराइड में कैसे फायदेमं है मुलेठी का सेवन-

मुलेठी में मौजूद पोषक तत्व (Nutrients in mulethi)

  • कैल्शियम  (calcium)
  • ग्लिसराइजिक एसिड (glycyrrhizic acid) 
  • एंटी ऑक्सिडेंट  (anti oxidants)
  • एंटीबायोटिक (antibiotic)
  • प्रोटीन (protein)

थायराइड रोगियों के लिए कैसे फायदेमंद है मुलेठी? (How mulethi beneficial for thyroid patients?)

गलत खानपान या अनहेल्दी इटिंग हैबिट्स, शारीरिक सक्रियता की कमी यानी इनएक्टिव लाइफस्टाइल और तनावपूर्ण जीवन जीने वाले लोगों में थायराइड की समस्या (thyroid problem) अधिक देखने को मिलती है। आयुर्वेद के अनुसार जब किसी व्यक्ति के शरीर में वात, पित्त और कफ दोष असंतुलित हो जाता है, तो इस स्थिति में थायराइड के लक्षण नजर आते हैं। थायराइड होने पर वजन बढ़ना, कमजोरी, थकान और गर्दन के आसपास सूजन जैसे लक्षण देखने को मिलते हैं। इस स्थिति में मुलेठी का सेवन फायदेमंद हो सकता है। थायराइड के रोगियों के लिए मुलेठी का सेवन करना काफी कारगर होता है। मुलेठी में मौजूद कैल्शियम और प्रोटीन मांसपेशियों को मजबूत बनाते हैं, शारीरिक कमजोरी को दूर करते हैं। थायराइड रोगी मुलेठी के सेवन से इसके लक्षणों में कमी कर सकते हैं। 

मुलेठी गले के लिए बेहद फायदेमंद होता है। इसमें थायराइड को कंट्रोल (how to control thyroid in hindi) करने के गुण पाए जाते हैं। मुलेठी थायराइड हॉर्मोन को नियंत्रण में रखने के साथ ही थायराइड कैंसर से भी बचाता है। दरअसल, ट्रीटरपेनोइड ग्लाइसेरीथेनिक एसिड होता है, जो थायराइड कैंसर (thyroid cancer) की कोशिकाओं को बनने से रोकता है। अगर आप नियमित रूप से मुलेठी का सेवन करेंगे, तो थायराइड को कंट्रोल में रख सकते हैं।

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कैसे करें मुलेठी का सेवन (how to consume mulethi in thyroid)

थायराइड के रोगी अपने थायराइड हॉर्मोन (thyroid hormone) को कंट्रोल में रखने, थायराइड के लक्षणों में कमी करने के लिए मुलेठी का सेवन कर सकते हैं। थायराइड रोगी मुलेठी के पाउडर (mulethi powder) को गर्म पानी में मिलाकर ले सकते हैं। आप चाहें तो मुलेठी का पानी (mulethi water) भी पी सकते हैं। नियमित रूप से मुलेठी का पानी पीने से थायराइड में होने वाली कमजोरी, थकान को दूर किया जा सकता है। इसके अलाव मुलेठी के टुकड़े को भी चबाया जा सकता है।

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अगर आप भी एलोपैथी दवाइयों के साथ ही घरेलू नुस्खों से भी अपने थायराइड हॉर्मोन को कंट्रोल में रखना चाहते हैं, तो मुलेठी का सेवन कर सकते हैं। लेकिन आपको इसका सेवन करने से पहले एक बार डॉक्टर की राय जरूर लेनी चाहिए। 

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