पार्किंसन रोग के कारण आने वाले झटकों का पता लगाने और रोकने में कारगर है नई MRI तकनीक: वैज्ञानिक

पार्किंसन रोग को एक लाइलाज बीमारी माना जाता है लेकिन इस अध्‍ययन के अनुसार  MRI स्कैन पार्किंसंस का इलाज कर सकता है।

Sheetal Bisht
Written by: Sheetal BishtPublished at: Jun 18, 2020
पार्किंसन रोग के कारण आने वाले झटकों का पता लगाने और रोकने में कारगर है नई MRI तकनीक: वैज्ञानिक

कोई भी छोटी या बड़ी बीमारी क्‍यों न हो, अगर उसका समय पर इलाज न हो, तो वह गंभीर समस्‍या पैदा कर सकती है। अब जानलेवा माना जाने वाला टयूमर या कैंसर ही क्‍यों न हो समय पर उसका इलाज संभव है लेकिन देरी किसी की जान भी ले सकती है। कैंसर के ही समान एक गंभीर बीमारी है पार्किंसन, जिसे कि एक लाइलाज बीमारी माना जाता है। जिसमें हाथों और बाहों में महसूस होने वाले झटके पार्किंसन के आम लक्षण हैं। यदि आप पार्किंसन रोगी हैं, तो यहां आपके लिए एक अच्‍छी खबर है। हाल में हुए एक अध्‍ययन में पाया गया है कि इस लाइलाज मानी जाने वाली बीमारी में MRI स्‍कैन आशाजनक परिणाम दिखाता है। पार्किंसन रोग एक तंत्रिका तंत्र विकार है, जो लाइलाज है लेकिन उचित दवा के साथ स्थिति को नियंत्रण में रखा जा सकता है।

MRI और पार्किंसन का इलाज 

हाथ या पैरों में कंपन या झटके महसूस होना पार्किंसन रोग के सबसे शुरूआती संकेत हैं। शुरुआती संकेतों को नजरअंदाज करने से स्थिति बिगड़ जाती हैं और समय बीतने के साथ समस्याएं और अधिक जटिल हो जाती हैं। हाल ही में UT साउथवेस्टर्न शोधकर्ताओं के नेतृत्व में एक नया शोध ब्रेन जर्नल में प्रकाशित किया गया था, जो बताता है कि एक नई MRI तकनीक विकसित की गई है। यह तकनीक पार्किंसन से जूझ रहे लोगों के इलाज में मदद करेगी।

इसे भी पढ़ें: धूम्रपान की लत को छोड़ना मुश्किल बनाता है आपका अकेलापन: शोध

MRI For Parkinson's Diseases

MRI तकनीक का उपयोग मस्तिष्क के एक हिस्से की बारीकी से निगरानी के लिए किया जाता है। यह तकनीक मस्तिष्क के उस भाग को लक्षित करने में भी मदद कर सकती है, जो कंपकंपी पैदा करता है और पार्किंसंस से जुड़ा होता है। यह खोज सर्जरी और साइड-इफेक्ट्स के बिना समस्या का इलाज करने में मदद कर सकती है।

इसे भी पढ़ें: डायबिटीज रोगियों के लिए फायदेमंद है कटहल, ब्‍लड शुगर को करता है कंट्रोल

डॉ. भावना आर शाह, एमडी एण्‍ड और असिस्टेंट प्रोफेसर ऑफ रेडियोलॉजी और न्यूरोलॉजिकल सर्जरी पीटर ओ'डॉनेल जूनियर ब्रेन इंस्टीट्यूट, UT साउथवेस्टर्न, डलास, टेक्सास ने इस शोध का नेतृत्व किया और कहा: "इससे रोगियों के लिए लाभ यह है कि हम मस्तिष्क संरचनाओं को लक्षित करने की तुलना में बेहतर काम कर पाएंगे और क्योंकि इससे हम गलत लक्ष्य को पूरा नहीं कर रहे हैं, इसलिए हम कम प्रतिकूल प्रभाव डालेंगे।"

Parkinson's Diseases

खोपड़ी को खोलने और सर्जरी का संचालन किए बिना, पार्किंसंन रोगी को उपचार दिया जा सकता है। हालांकि, रोगियों के इलाज के लिए इसे लागू करने से पहले इसे अभी भी पूरी तरह से जांचने की आवश्यकता है।

Read More Article On Health News In Hindi

Disclaimer