लो ब्लड प्रेशर वाले मरीजों के लिए बहुत लाभदायक है मेडिटेशन, जानें करने के तरीके

लो ब्लड प्रेशर में मेडिटेशन करने से शरीर को काफी लाभ मिलता है। साथ ही आप शांति और तनावमुक्त अनुभव करते हैं। 

Dipti Kumari
Written by: Dipti KumariPublished at: May 11, 2022Updated at: May 11, 2022
लो ब्लड प्रेशर वाले मरीजों के लिए बहुत लाभदायक है मेडिटेशन, जानें करने के तरीके

ध्यान और योग से मन को काफी शांति मिलती है। साथ ही शरीर में भी काफी आराम का अनुभव होता है। लेकिन क्या आपको पता है कि मेडिटेशन और योग करने से लो ब्लड प्रेशर की समस्या को ठीक करने के लिए काफी फायदेमंद हो सकता है। यह लो ब्लड प्रेशर के कारकों को ठीक कर लो ब्लड प्रेशर को संतुलित करने में मदद करता है। धमनियों में होने वाले संकुचन, लो सोडियम लेवल और चिकित्सीय समस्याओं को ठीक करने में सहायता करता है। लो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करके आप कई अन्य बीमारियों को दूर रख सकते हैं। इससे हृदय रोग, स्ट्रोक, क्रोनिक किडनी डिजीज और अन्य बीमारियां नहीं होती है। साथ ही सिरदर्द और चक्कर आने की दिक्कत से भी मेडिटेशन से काफी लाभ मिलता है। इससे आपका मन शांत रहता है और धीरे-धीरे स्थिति ठीक होने लगती है और आप वापस पहले जैसे स्वस्थ हो सकते हैं। बस आपको मेडिटेशन शांत और खुले वातावरण में करना चाहिए और खुद को सभी तरह के विचार से मुक्त रखने की कोशिश करनी चाहिए। साथ ही इस बात का ध्यान भी रखें कि इस रूटीन को आप ठीक होने के बाद भी फॉलो करें ताकि आगे भी आपको कोई परेशानी न हो। 

लो ब्लड प्रेशर कम करने में मेडिटेशन कैसे फायदेमंद है ?

मेडिटेशन के लगातार अभ्यास से आपके मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र में काफी शांति का अनुभव होता है। यह लो ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद करता है। यह तनाव को कम करके रक्त वाहिकाओं को आराम पहुंचाता है। जिससे लो ब्लड प्रेशर को संतुलित रहता है। यह तंत्रिका तंत्र के उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करता है और शरीर में ऊर्जा का संचार करता है। इससे शरीर की सुस्ती और कमजोरी भी दूर होती है। साथ ही आप पूरे दिन फ्रेश महसूस करते हैं। इसके लिए आप सुबह उठकर खुले में 15 मिनट या आधे घंटे मेडिटेशन या सांस से संबंधित ध्यान-योग कर सकते हैं। शुरूआत में अपने मन पर बहुत अधिक जोर न डालें। इसे धीरे-धीरे आप इसे बढ़ा सकते हैं। 

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मेडिटेशन करने के तरीके 

1. विपस्सना मेडिटेशन 

इस मेडिटेशन में आपको मानसिक शांति मिलती है और आप अपने शरीर की क्रियाओं पर ध्यान देते हैं। साथ ही सांसों की गति को भी नियमित रखें। इसमें सभी तरह की भटकाने वाली चीजों को खुद से दूर रखें और मौन होकर ध्यान लगाएं। इससे मस्तिष्क को काफी शांति मिलती है। साथ ही आप खुद को भी समय दे पाते हैं और अपने बारे में समझ पाते हैं। 

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2. आध्यत्मिक ध्यान

हिंदू धर्म में इस तरह के ध्यान का उपयोग किया जाता है, जहां आप अंदरूनी ऊर्जा और ध्यान के लिए किसी देवता का ध्यान करते हैं और अपने मन में आ रहे सभी तरह के विचारों को हटाकर एक जगह भगवान में ध्यान केंद्रित करते हैं। इसे किसी शांत और पूजा स्थल पर करना चाहिए। 

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3. मंत्र ध्यान 

इस तरह के मेडिटेशन में आप मंत्रों की मदद से ध्यान लगाने की कोशिश करते हैं ताकि पूरा ध्यान मंत्र उच्चारण में रहे और मानसिक शांति का अनुभव हो। इससे आपको काफी सुकून मिल सकता है। इसे आप किसी भी शांत वातावरण में कर सकते हैं। इस समय आप एक ही ध्वनि का बार-बार उच्चारण करें। जैसे कई लोग ओम की ध्वनि निकालते हुए मेडिटेशन करते हैं। इसके अलावा आप सांसों पर भी ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। इससे भी काफी लाभ होता है। 

ध्यान करने के नियम

1. ध्यान हमेशा सुबह 4 बजे या शाम को 4 बजे करने की कोशिश करें। इस समय आपका शरीर हल्का रहता है और मन बहुत अधिक व्यस्तता का अनुभव नहीं करता है।

2. हमेशा शांत वातावरण में मेडिटेशन करें ताकि मन किसी ओर भटके न। साथ ही आरामदायक स्थिति में बैठें ताकि आप अच्छे से मेडिटेशन कर सकें। 

3. इस दौरान अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा रखने का प्रयास करें। साथ ही कंधों और गर्दन को बहुत अधिक न खींचे और आराम से बैठें। 

4. मेडिटेशन के दौरान आप आरामदायक कपड़े पहनें। 

5. अगर आपको मेडिटेशन करने में ठंड लगे तो पहले कुछ एक्सरसाइज जरूर कर लें। इससे ब्लड सर्कुलेशन अच्छा होता है। 

6. इस दौरान गहरी सांस लें और सांसों की गति को नियमित बनाए रखें। 

7. मेडिटेशन करते समय चेहरे पर एक मुस्कान जरूर रखें ताकि मन को शांति मिले। 

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