गणित की मदद से ल्यूकीमिया का इलाज

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Feb 02, 2011
Quick Bites

  • गणित के उपयोग से रक्‍त कैंसर से हो सकता है बचाव।
  • मैरीलैंड यूनिवर्सिटी के डाक्टर ने किया है ऐसा दावा।
  • गणितीय माडल मरीज के प्रतिरोधी तंत्र को उत्प्रेरित करने का वक्‍त बताता है।
  • इससे रोगी की जान बचाने में मिल सकती है काफी मदद।

 

गणित का अध्‍ययन करना भले ही आपके लिए बहुत मुश्किल काम हो लेकिन गणितीय मॉडल से ल्‍यूकीमिया जैसी खतरनाक बीमारी का उपचार हो सकता है।

एक शोध की मानें तो गणित के मॉडल से ल्‍यूकीमिया यानी ब्‍लड कैंसर का उपचार करना संभव है। अमेरिका के शोधकर्ताओं ने इसके लिए एक गणितीय मॉडल का विकास किया है जो ब्‍लड कैंसर के उपचार के दौरान प्रयोग किया जा सकता है और इसके प्रयोग से कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी का उपचार हो सकता है।

Mathematics to Treat Leukemia


क्‍या है ल्‍यूकीमिया

ल्‍यूकीमिया कैंसर का एक प्रकार है जो खून में फैलता है। इस कैंसर के कारण खून बनने की प्रक्रिया बाधित होती है। ल्‍यू‍कीमिया ब्‍लड कैंसर का ही एक प्रकार है। इसके कारण शरीर के लिम्‍फेटिक सिस्‍टम और बोन मैरो पर भी प्रभाव पड़ता है। ल्‍यूकीमिया एक्‍यूट या क्रोनिक होता है। एक्‍यूट ल्‍यूकीमिया बच्‍चों को और क्रोनिक युवाओं को प्रभावित करता है। ल्‍यूकीमिया बोन मैरो में बनने वाले सफेद रक्‍त कणिकाओं को प्रभावित करता है।

क्‍या है गणितीय मॉडल

एक अध्ययन में कहा गया है कि गणित और दवाओं के मिले-जुले इस्तेमाल से समयबद्ध कैंसर वैक्सीन के जरिए क्रोनिक माइलोजेनस ल्यूकीमिया (सीएमएल) से पीडि़त मरीज का इलाज किया जा सकता है। यहां समय का निर्धारण मरीज की खुद की प्रतिरोधक प्रतिक्रिया पर निर्भर करता है। इसके लिए शोधकर्ताओं ने एक गणितीय मॉडल का विकास किया है।

Treat Leukemia

 

शोधकर्ताओं की मानें तो

शोधकर्ताओं के मुताबिक उनके द्वारा बनाया गया गणितीय माडल सीएमएल से पीडि़त मरीजों में ल्यूकीमिया रोधी प्रतिरोधक प्रतिक्रिया का अनुमान लगाने के काम आता है। एक मेडिकल जर्नल में प्रकाशित हुई रिपोर्ट में इस शोध से जुड़े मैरीलैंड यूनिवर्सिटी के डाक्टर डोरोन लेवी के हवाले से कहा गया है, 'अनूठे जैविक आंकड़े और गणितीय माडल की मदद से हम हर मरीज के लिए उपयुक्त उपचार का अलग-अलग तरीका खोजने में कामयाब रहे। इस माडल के जरिए मैं हजार मरीजों के लिए उन सभी के मुताबिक हजार तरह के उपचार की योजना बना सकता हूं।'

चार साल बाद मिली सफलता

चार साल तक किए अपने अध्ययन के दौरान शोधकर्ताओं ने उपचार के दौरान अलग-अलग समय में सीएमएल मरीजों की प्रतिरोधक प्रतिक्रिया और ल्यूकीमिया रोधी कोशिकाओं की गतिविधियों से संबंधित आंकड़े जुटाए। डाक्टर लेवी कहते हैं, 'हमारे आंकड़े बताते हैं कि सिर्फ दवाओं की वजह से ही ल्यूकीमिया में कमी नहीं आई बल्कि यह मरीज के नैसर्गिक प्रतिरोधी प्रभाव का भी असर था।' लेवी कहते हैं कि गणितीय माडल ठीक वक्त पर बता देता है कि अब मरीज के प्रतिरोधी तंत्र को उत्प्रेरित करने की जरूरत है।


अब ब्‍लड कैंसर के उपचार के दौरान इस गणितीय मॉडल का प्रयोग होगा और इस प्रक्रिया से ब्‍लड कैंसर के उपचार में आसानी होगी।

 

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