
खानपान में छोटी-छोटी गलतियां कई बार कितनी भारी पड़ सकती हैं, ये समझना हमारे लिए आसान नहीं है। कोरोना वायरस जैसी वैश्विक महामारी, जो दुनिया की सबसे बड़ी त्रासदी बनती जा रही है, का कारण रिपोर्ट्स के मुताबिक चमगादड़ का सूप है। आज करोड़ों लोग उस एक गलती की कीमत चुका रहे हैं। इसी खतरे को देखते हुए पिछले महीनों में पूरी दुनिया में खानपान को लेकर विशेष निर्देश जारी किए गए, जिसमें कहा गया कि सब्जियों और मांस को अच्छी तरह पकाकर ही खाएं। दरअसल ये बातें हम आपको इसलिए बता रहे हैं क्योंकि चीन में ही एक ताजा मामला सामने आया है, जिसमें आधी पकी हुई मछली खाना एक व्यक्ति को भारी पड़ गया।
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पेट में दर्द से शुरू हुए थे लक्षण
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन में एक युवक ने अधकच्ची मछली से बनी एक डिश खाई, जिसके कारण उसे अपना आधा लीवर गंवाना पड़ा। मरीज का नाम Mr Xie बताया जा रहा है। पूरा मामला यह है कि 55 वर्षीय इस व्यक्ति ने आधी पकी हुई मछली वाली डिश खाई थी। जिसके बाद से इसे पेट में दर्द, उल्टी, पेचिश, थकान और भूख न लगने जैसे लक्षण लगातार परेशान कर रहे थे। बिना जानकारी आधी कच्ची मछली खाने के नुकसान इस व्यक्ति को झेलना पड़ा। इन लक्षणों से यह व्यक्ति 4 महीनों से परेशान था और लगातार इलाज करवा रहा था। जब इस बीमारी को डॉक्टर्स दवाओं के द्वारा नहीं ठीक कर पाए, तो उन्होंने व्यक्ति का सीटी स्कैन किया। इस स्कैन में जो दिखा, वो देखकर डॉक्टर्स भी चौंक गए।
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कीड़ों ने खा डाला था युवक का आधा लीवर
डॉक्टर्स के मुताबिक युवक को क्लोनोरकायसिस (clonorchiasis) नाम का एक इंफेक्शन हुआ था, जिसका कारण एक पैरासाइट होता है, जिसे फ्लैटवॉर्म कहते हैं। इस इंफेक्शन के कारण Mr Xie के बाएं हिस्से के लीवर को ये पैरासाइट्स लगभग आधा खा गए थे। इसकी जगह वहां पर मवाद भरा हुआ था। डॉक्टरों ने बताया कि प्रभावित हिस्सा 19 सेन्टीमीटर लंबा, 18 सेन्टीमीटर चौड़ा और 12 सेन्टीमीटर गहरा था। इस समस्या के साथ ही मवाद के कारण लीवर की दीवारों पर छोटे-छोटे ट्यूमर उभरने लगे थे।

आधी पकी मछली खाने से खतरे में पड़ गई जान
डॉक्टरों ने युवक के लिवर में भरा हुआ मवाद निकाला जिससे ये सामान्य से लगभग आधा रह गया। 3 सप्ताह बाद जब दोबारा स्कैन किया गया तो डॉक्टरों ने पाया कि लिवर में सूजन और ट्यूमर अब भी बने हुए थे, इसलिए डॉक्टर्स ने इस युवक के लिवर के प्रभावित हिस्से को काटने का फैसला लिया। डॉक्टरों ने बताया कि उन्हें लीवर के डेड टिशूज में अनगिनत लाइट बल्ब जैसे छोटे-छोटे अंडे मिले हैं। व्यक्ति से पूछने पर जानकारी हुई की ये समस्या उसे तब से आ रही है, जबसे उसने आधी पकी हुई मछली वाली डिश खाई थी।
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लीवर में पैरासाइट्स ने दिए थे अंडे
डॉक्टर्स के मुताबिक मछली पूरी तरह पकाई नहीं गई थी, इसलिए संभव है कि व्यक्ति के शरीर में फ्लैटवॉर्म के सिस्ट चले गए हों, जिन्होंने आंतों में जाकर अंडे दिए हों और फिर लीवर तक पहुंच गए हों। अंडों की संख्या बढ़ती गई और ये पैरासाइट्स युवक के लीवर के मांस को खाकर अपना पेट भरते रहे, जिससे उसे धीरे-धीरे परेशानियां आना शुरू हो गईं।
इस व्यक्ति ने बताया कि शुरुआत में उसे कभी कोई लक्षण दिखते थे और कभी वो ठीक रहता था, जिससे वो इस तरफ ज्यादा ध्यान नहीं देता था। आपको जानकर हैरानी होगी कि ये पैरासाइट्स तेजी से बढ़ते हैं और एक दिन में 1400 से 2000 तक अंडे दे सकते हैं, जो 20 से 30 साल तक जीवित रह सकते हैं। गंभीर स्थितियों में ये पैरासाइट्स लिवर को बुरी तरह नुकसान पहुंचाते हुए बाइल डक्ट के कैंसर का कारण बन सकते हैं, जिसे कोलैंगियोकार्सिनोमा (cholangiocarcinoma) कहा जाता है।
खानपान से जुड़े जरूरी निर्देश, जिनका पालन करना चाहिए
- सभी हेल्थ एक्सपर्ट्स आधे पके भोजन खासकर जानवरों से प्राप्त भोजन को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक मानते हैं।
- सब्जियों और फलों को कच्चा खाया जा सकता है, लेकिन इसे हमेशा अच्छी तरह साफ करके और धोकर खाएं।
- बारिश के मौसम में हरी पत्तेदार सब्जियों को कच्चा खाना नुकसानदायक हो सकता है, इसलिए इसे पकाकर या बहुत अच्छी तरह साफ करके ही कच्चा खाएं।
- किसी भी स्थिति में आधा पका हुआ मांस न खाएं, क्योंकि मांस में बैक्टीरिया तेजी से फैलते हैं, जिसके कारण कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं।
- जानवरों के मांस को पकाने के बाद फ्रीज में रखकर भी नहीं खाना चाहिए, इसे हमेशा ताजा पकाकर ही खाएं।
- मछली या समुद्री जीवों को खाने से पहले जान लें कि कौन सा जीव खाने योग्य है और कौन सा नहीं, क्योंकि बहुत सारे समुद्री जीव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते हैं।
- यहां तक कि दूध और अंडा भी अगर अच्छी तरह न पकाया जाए, तो सेहत के लिए हानिकारक हो सकते हैं, क्योंकि इनमें हानिकारक बैक्टीरिया हो सकते हैं।
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