बच्चों में एक्सरसाइज की कमी के कारण बढ़ता है इन 4 स्थितियों का खतरा, जानें क्यों है एक्सरसाइज जरूरी

अगर आप भी अपने बच्चों में एक्सरसाइज और शारीरिक गतिविधियों को देख रहे हैं तो एक्सपर्ट से जान लें ये कैसे है आपके बच्चे के लिए खतरनाक। 

Vishal Singh
Written by: Vishal SinghUpdated at: Dec 09, 2020 12:19 IST
बच्चों में एक्सरसाइज की कमी के कारण बढ़ता है इन 4 स्थितियों का खतरा, जानें क्यों है एक्सरसाइज जरूरी

एक्सरसाइज खुद को फिट रखने के लिए एक बेहतरीन विकल्प है, जिसकी मदद से हम कई बीमारियों को भी दूर रख सकते हैं। बड़े हो या बच्चे हर किसी के लिए एक्सरसाइज काफी जरूरी होती है, लेकिन जो बच्चे एक्सरसाइज करने में आलस दिखाते हैं या फिर वो किसी भी शारीरिक गतिविधियों में शामिल नहीं होना चाहते तो इसके कारण उन्हें कई स्वास्थ्य बीमारियों का खतरा बढ़ने लगता है। बच्चों को नियमित रूप से एक्सरसाइज, शारीरिक गतिविधियां या खेल-कूद जैसी चीजों में शामिल रहना चाहिए, इसके लिए उनके माता-पिता को अपने बच्चों को ये बात समझानी चाहिए। आप अपने बच्चों को समझाएं कि जब आप शारीरिक गतिविधियां या एक्सरसाइज में शामिल रहते हैं तो इससे आप लंबे समय तक स्वस्थ रह सकते हैं और कई बीमारियों के खतरे से बाहर रहते हैं। इसके अलावा आपके लिए ये जानना जरूरी है कि जो बच्चें हमेशा एक्सरसाइज से दूर रहते हैं उन्हें मोटापे के साथ किन बीमारियों का खतरा रहता है। इस विषय पर हमने बात की पारस अस्पताल , गुरुग्राम में पीडियाट्रिक्स और नियोनेटोलॉजी, मदर एंड चाइल्ड यूनिट के एचओडी, डॉक्टर मनीष मनन से।

डॉक्टर मनन बताते हैं कि जब बच्चे एक्सरसाइज और फिजिकल एक्टिविटी से दूर रहते हैं तो इसका सबसे पहले असर दिखता है उनके वजन पर। बच्चे एक्सरसाइज या फिजिकल एक्टिविटी से दूर रहने पर धीरे-धीरे मोटापे का शिकार हो रहे होते हैं, जिस कारण एक समय पर वो ओवरवेट दिखाई देने लगते हैं। एक्सरसाइज की कमी न सिर्फ आपके मोटापे या वजन पर बुरा प्रभाव डालती है बल्कि ये आपके पूर्ण स्वास्थ्य जिसमें आपका शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य भी प्रभावित होता है। जिसके कारण आप कई गंभीर बीमारियों को न्योता देते हैं और नजरअंदाज करने पर एक गंभीर स्थिति में जाने लगते हैं। 

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एक्सरसाइज की कमी से किन स्थितियों का होता है खतरा

मोटापा

ये तो आप जानते ही हैं कि मोटापा या बढ़ते वजन से आजकल कितने लोग परेशान हैं और हर कोई अपने वजन को कम करने की कोशिश करता है रहता है। इसका मुख्य कारण यही होता है कि आप एक्सरसाइज और किसी भी तरह की फिजिकल एक्टिविटी से दूर रहते हैं। ऐसे ही जब आपका बच्चा एक्सरसाइज या बाहर खेल-कूद से दूर रहता है तो इससे आपके बच्चे का वजन धीरे-धीरे बढ़ने लगता है, जो एक समय पर मोटापे का शिकार बनाता है। इसके बजाए आजकल ज्यादातर बच्चे घर बैठे-बैठे या खाना खाने के बाद घंटों टीवी और कंप्यूटर के सामने बैठे रहते हैं। जबकि ये आदतें बच्चे के विकास के लिए खराब हैं। बच्चों के लिए शारीरिक गतिविधि का मतलब है कि वो दूसरे बच्चों के साथ खेले-कूदे या घूमें। जबकि आजकल बहुत बच्चे घर पर ही वीडियो गेम और लैपटॉप पर गेम खेलने का शौक रखते हैं। वहीं, जब आपका बच्चा बाहर खेलता है या एक्टिव रहता है तो वो मोटापे जैसी अन्य स्वास्थ्य स्थितियों के खतरे से हमेशा दूर रहता है और खुद को लंबे सयम तक फिट रख सकता है।

डॉक्टर मनान का कहना है कि बदलते माहौल और तकनीक में हो रहे बदलावों ने लोगों की जीवनशैली में काफी बदलाव किया है। एक समय था जब माताओं को एक खेल से घर वापस आने के लिए बच्चों को बुलाना पड़ता था। आज पैरेंट्स को अपने बच्चों को टेलीविजन सेट, प्ले स्टेशन या आईपैड और मोबाइल के सामने से उठने और खेलने के लिए जबरदस्ती उठना पड़ता है। 

हृदय रोग

एक्सरसाइज न करने या शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण सिर्फ आपके वजन पर इसका बुरा असर नहीं होता बल्कि कई स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा भी इससे बढ़ता है। अक्सर जो बच्चे घर में बैठकर खेलना पसंद करते हैं और एक्सरसाइज से दूर रहते हैं उन बच्चों में हृदय रोग का खतरा भी बढ़ता है। इससे बच्चे का दिल कम एक्टिव रहने के साथ अच्छी तरह से विकसित होने में रुकने लगता है। यही वजह है कि आजकल हृदय रोग की समस्या भी आम हो गई है। 

टाइप-2 डायबिटीज

डायबिटीज भी हृदय रोग की तरह एक आम समस्या है जिसके लिए आपकी जीवनशैली कैसी है इसका असर आपके स्वास्थ्य पर पड़ता है। जब आपका बच्चा शारीरिक गतिविधियों से दूर रहता है और खुद को खेल कूद से भी दूर रखता है तो ऐसे में एक समय पर वो टाइप-2 डायबिटीज का शिकार भी हो सकते हैं। शारीरिक गतिविधि रक्त शर्करा (ग्लूकोज), वजन और रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करती है और अच्छा कोलेस्ट्रॉल और कम खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने में मदद करती है। इसके साथ ही जब आपका बच्चा पर्याप्त शारीरिक गतिविधि करता है तो इससे वो अपने हृदय रोग के खतरे को कई गुना तक कम करने के साथ तंत्रिका क्षति के जोखिम को भी कम करने में मदद कर सकता है। 

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कैंसर 

कैंसर कितनी खतरनाक बीमारी है ये तो आप सभी जानते होंगे, इस बीमारी में अगर आप लापरवाही बरततें हैं तो इससे आपकी जान भी जा सकती है। क्योंकि ज्यादातर मामलों में कैंसर के लक्षण बहुत देर में पता चलते हैं जब तक मरीज की स्थिति गंभीर हो जाती है। वैसे तो कैंसर कई प्रकार के हैं और इनके कारण भी अलग-अलग हो सकते हैं। ऐसे एक्सरसाइज और शारीरिक गतविधियों की कमी के कारण भी आप खुद को कैंसर के खतरे में डालते हैं। वहीं, जब आपका बच्चा भी शारीरिक गतिविधियों से दूर रहता है तो ऐसे में उसे एक समय पर कैंसर का खतरा भी बढ़ सकता है। अगर आप अपने बच्चे को रोजाना एक्सरसाइज करने और शारीरिक गतिविधियों में शामिल करने के लिए जोर देते हैं तो वो मूत्राशय, स्तन, गर्भाशय, अन्नप्रणाली, गुर्दे, फेफड़े और पेट के कैंसर के खतरे समेत कई कैंसर के खतरे को कम करने का काम करता है। 

बच्चों के लिए एक्सरसाइज क्यों जरूरी है?

हड्डियों और मांसपेशियां होती है मजबूत

बच्चों के लिए एक्सरसाइज वैसे तो पूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर करने के लिए जानी जाती है, लेकिन ये हड्डियों और मांसपेशियों को अच्छी तरह से मजबूत बनाने में भी काफी मददगार होती है। जो लोग अक्सर ये सोचते हैं कि सिर्फ डाइट को बेहतर बनाने से आप अपने बच्चों की हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत बना सकते हैं तो आपको ये जानना भी जरूरी है कि हेल्दी डाइट के साथ एक्सरसाइज और शारीरिक गतिविधियां भी जरूरी है। इसकी मदद से आपके बच्चे की हड्डियां और मांसपेशियां ज्यादा मजबूत हो सकती है। 

कई बीमारियों के खतरे होते हैं दूर

एक्सपर्ट के मुताबिक, एक्सरसाइज और शारीरिक गतिविधियां कई गंभीर बीमारियों को दूर करने का काम करती हैं, जिसके कारण आपका बच्चा लंबे समय तक स्वस्थ रह सकता है। आपको बता दें कि नियमित रूप से एक्सरसाइज करने से हृदय रोग, डायबिटीज, मोटापा, कैंसर और अन्य बीमारियों का खतरा कम होता है। 

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मानसिक स्वास्थ्य भी होता है बेहतर

एक्सरसाइज न केवल आपके बच्चे को शारीरिक रूप से स्वस्थ और मजबूत बनाती है बल्कि ये आपके बच्चे के मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाती है। जी हां, नियमित रूप से एक्सरसाइज करने पर आपका बच्चा कम से कम तनाव के साथ रहता है और मानसिक क्षमता को बढ़ाता है। डॉक्टर मनन के मुताबिक, जो बच्चे अक्सर एक्सरसाइज से पीछे रहते हैं या शारीरिक गतिविधियों को नजरअंदाज करते हैं उन बच्चों में तनाव और अवसाद की स्थिति भी नजर आती है। जिसके इलाज के लिए डॉक्टर हमेशा बच्चों को एक्सरसाइज और खेल कूद की सलाह देते हैं। 

(इस लेख में दी गई जानकारी पारस अस्पताल , गुरुग्राम में पीडियाट्रिक्स और नियोनेटोलॉजी, मदर एंड चाइल्ड यूनिट के एचओडी, डॉक्टर मनीष मनन से बातचीत पर निर्भर है)।

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