अर्थराइटिस के पुराने दर्द से राहत दिला सकती है 'एक्यूपंक्चर थेरेपी', जानें इलाज का तरीका और फायदे

एक्यूपंक्चर पद्धति लोग तब ही अपनाते हैं, जब दर्द हद से गुजरने लगता है। दर्द से निजात दिलाने वाले तमाम तरह के इंजेक्शन-दवाइयां फेल हो जाती हैं। 

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariPublished at: Feb 18, 2020Updated at: Feb 18, 2020
अर्थराइटिस के पुराने दर्द से राहत दिला सकती है 'एक्यूपंक्चर थेरेपी', जानें इलाज का तरीका और फायदे

एक्यूपंक्चर (Acupuncture)पारंपरिक चीनी चिकित्सा का एक रूप है। इसका उद्देश्य शरीर में ऊर्जा या एनर्जी के असंतुलन को ठीक करना है। ऐसा करने के लिए, चिकित्सक शरीर के 14 प्रमुख ऊर्जा-ले जाने वाले चैनलों, या विलयकर्ताओं को प्रोत्साहित करने के लिए स्टेनलेस स्टील की सुइयों का उपयोग करते हैं। एक्यूपंक्चर आपके शरीर द्वारा बनाए जाने वाले प्राकृतिक दर्द की मात्रा को बढ़ाकर दर्द को रोक सकता है, जिसे एंडोर्फिन कहा जाता है। दरअसल शरीर के विभिन्न अंगों में खास बिंदु होते हैं। एक्यूपंक्चरिस्ट बाल के समान पतली पिनों को इन्हीं बिंदुओं में चुभाते हैं। अनुभवी डॉंक्टर इस प्रक्रिया को इतनी कुशलता के साथ करते हैं कि मरीज को जरा भी दर्द नहीं होता। सुई चुभोने की इस प्रक्रिया को शरीर में ऊर्जा के संतुलन से जोड़ कर देखा जाता है। एक्यूपंक्चर पद्धति से शरीर के न्यूरो ट्रांसमीटर संतुलित होते हैं। इसी के साथ ये हार्मोन लेवल और रोग प्रतिरोधक सिस्टम भी सही रखता है।

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ऐसे में आप आपको घुटने या शरीर के किसी भी अंग में पूरानी बीमारी है, तो एक्यूपंक्चर पद्धति इसके इलाज में मदद कर सकती है। यहां तक की पुराने ऑस्टियोआर्थराइटिस (OA) पुराने घुटने के दर्द के सबसे सामान्य कारणों में से एक है। यह दर्द, सूजन और मांसपेशियों के कठोरता का कारण बनता है, जिससे फ्लेक्स और आपके घुटने का विस्तार करना मुश्किल हो जाता है।देश भर में, डॉक्टर पुरानी दर्द के लिए, विशेष रूप से ओपिओइड की दवा देने से बचने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में शोध से पता चलता है कि एक्यूपंक्चर रोगी के लिए बहुत कम जोखिम के साथ एक सफल और किफायती इलाज का तरीका हो सकता है।वास्तव में, चिकित्सकों के लिए राष्ट्रीय दिशानिर्देशों में पुराने ऑस्टियोआर्थराइटिस से घुटने के दर्द के लिए अनुशंसित उपचार में से एक एक्यूपंक्चर है।

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एक्यूपंक्चर से किन स्थितियों में मदद मिल सकती है?

पुराने दर्द के लिए एक्यूपंक्चर उपचार का हिस्सा हो सकता है, जैसे:

  • गठिया (अर्थराइटिस)
  • पीठ के निचले हिस्से
  • गर्दन या मांसपेशियों में दर्द

पर बिना डॉक्टर को दिखाए आपको किसी पुरानी या गंभीर बीमारी के इलाज के लिए एक्यूपंक्चर पर निर्भर नहीं होना चाहिए। एक्यूपंक्चर आपकी स्थिति में सुधार करने का सबसे अच्छा तरीका नहीं हो सकता है। या यह आपके लिए ठीक हो सकता है, लेकिन यह अन्य चिकित्सा देखभाल, जैसे भौतिक चिकित्सा या दवा को रिप्लेस नहीं करता है।

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अर्थराइटिस में एक्यूपंक्चर के दौरान क्या होता है।

    • -एक्यूपंक्चर चिकित्सक पहले तो आपके दर्द वाली हड्डियों और ज्वाइंट्स की जांच करता है। साइट में बहुत पतली सुई टैप करने से पहले उसने प्रत्येक क्षेत्र में चूभा कर देखा जाता है। आपको कितनी सुइयां लगाई जाएंगी, वे कहां लगाई जाएंगी और वे कितनी गहराई तक डाली जाएंगी, यह सभी आपके विशेष मामले पर निर्भर करता है।
    • -सुइयों को एक जगह पर कई मिनट से एक घंटे तक रहने दिया जाता है। एक्यूपंक्चर चिकित्सक प्रभाव को तीव्र करने के लिए उन्हें समायोजित, गर्म या विद्युत रूप से सक्रिय कर सकता है। अगर वो बिजली का उपयोग कर रहे हैं, तो आप कुछ झुनझुनी महसूस कर सकते हैं। यह हल्का होना चाहिएृ और आप किसी भी समय इसे बंद करने के लिए अपने एक्यूपंक्चर चिकित्सक से पूछ सकते हैं।
    • - वहीं असर के हिसाब से या बीमारी कितनी पूरानी है, इस हिसाब से डॉक्टर आपको एक से अधिक सत्र लेने की आवश्यकता बता सकता है।

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एक्यूपंक्चर अर्थराइटिस में सुरक्षित है?

जी हां, सुई डालने पर आपको हल्की चुभन महसूस हो सकती है, लेकिन यह एक शॉट के दौरान आपको महसूस होने वाली चुभन से बहुत कम है, क्योंकि सुई बहुत पतली होती है। सुइयों को अंदर डालने के बाद आपको भारीपन, सुन्नता, झुनझुनी या हल्की खराश महसूस हो सकती है। वहीं कई बार बीमारियों की गंभीरता पर ये निर्भर करत है। इसके साथ ही अगर ये डिस्पोजेबल सुइयों के साथ किया जाए है, तो जटिलताओं की संभावना बहुत कम हो जाती हैं।

एक्यूपंक्चर के फायदे

  • -यह दर्द को कम करने का एक दवा-मुक्त तरीका है। 
  • -आप इसके आदी नहीं हो सकते जैसे की लोग अर्थराइटिस की दवाईयों के आदि हो जाते हैं।
  • - एक्यूपंक्चर चिकित्सक तुरंत देख सकता है कि आप पर इसकी प्रतिक्रिया कैसी हो रही है। 
  • - डॉक्टर असर के हिसाब से इलाज के तरीकों में आवश्यकतानुसार बदलाव भी कर सकते हैं। 
  • -वास्तव में इससे व्यक्ति को आराम महसूस होता है क्योंकि एक्यूपंक्चर बहुत शांत प्रक्रिया है।
Source: WebMd.com

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