इस खतरनाक डेंगू बुखार के बारे में जरूर जानिए

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jul 16, 2018
Quick Bites

  • मच्छर के काटने से डेंगू रक्तुस्रावी बुखार होता है।
  • यह एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से फैलता है।
  • इसके कारण दिल और दिमाग को नुकसान हो सकता है।
  • इससे बचाव के लिए जरूरी है मच्छरों से बचें।

बारिश की रिमझिम फुहारों के साथ बीमारियों की भी बरसात होने लगती है। इस मौसम में डेंगू जैसी एक जानलेवा बीमारी भी होती है जो मच्छर के काटने से होती है। डेंगू बुखार एक वायरल एडीज एजिप्टी मच्छर से फैलने वाला संक्रमण है। अगर इस बुखार में समय से इलाज ना मिले तो मरीज की हालत गंभीर हो सकती है और उसकी जान भी जा सकती है। समय से उपचार न मिलने पर डेंगू रक्तस्रावी बुखार होने लगता है। डेंगू आघात सिंड्रोम जैसी जटिलतायें पैदा हो सकती हैं जिससे फेफड़े, जिगर या दिल को नुकसान पहुंच सकता है। इस लेख में इसके बारे में जानें कुछ बातें।

इसे भी पढ़ें- डेगू आघात सिंड्रोम के बारे में जानें

 

क्या हैं कारण

डेंगू रक्तस्रावी बुखार के लिए चार विभिन्न प्रकार के डेंगू वायरस जिम्मेदार हो सकते हैं। यह मच्छर के काटने से होने वाली समस्या है। एडीज एजिप्टी मच्छर की प्रजाति से यह वायरस फैलता है। दुनियाभर में हर साल डेंगू के करोड़ों नये मामले सामने आते हैं। इसमें से कुछ ही मामले डेंगू रक्त‍स्रावी बुखार के होते हैं।

 

क्या है डेंगू रक्तस्रावी बुखार

यह डेंगू का ही एक प्रकार है। डेंगू रक्तस्रावी बुखार अगर गंभीर हो जाए तो जानलेवा भी हो सकता है। बहुत से मामलों में ये बढ़े हुए जिगर यानी इनलार्ज लीवर का कारण हो सकता है। गंभीर मामलों में ब्लड प्रेशर कम हो जाता है जिसे डेंगू आघात सिंड्रोम कहा जाता है।

क्या हैं इसके लक्षण

  • गंभीर पेट दर्द
  • नाक, मुंह, मसूड़ों या त्वचा (चोट लगी है तब) से रक्त स्राव
  • खून की या बिना खून की लगातार उल्टी होना

इसे भी पढ़ें- क्या है पीला ज्वार

  • अधिक पसीना आना
  • काला मल
  • भूख में कमी
  • थकान और कमजोरी का एहसास
  • जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द
  • रक्तचाप में अचानक गिरावट
  • सांस लेने में कठिनाई

 

निदान और उपचार

ड्रेंगू रक्तस्रावी बुखार के निदान के लिए रक्तल की जांच की जाती है और प्लेटलेट की गणना की जाती जाती है। फेफड़ों में इसके वायरस फैले हैं या नहीं, इसकी जांच के लिए सीने का एक्स-रे किया जाता है। हालांकि इसके उपचार के लिए अभी तक की किसी तरह की दवा का विकास नहीं हो पाया है। लेकिन कुछ तरीके हैं जिसके जरिये इसपर काबू पाया जा सकता है। स्वच्छ खून मरीज को चढ़ाया जाता है, शरीर में ब्लड ऑक्सी‍जन को सामान्य बनाने के लिए ऑक्सीजन थेरेपी का सहारा लिया जाता है।

इसे भी पढ़ें- दोबारा डेंगू होने पर ये करें

 


बचाव और अन्य बातें

इसके कारण दिमागी बीमारियां हो सकती हैं, लीवर को नुकसान हो सकता है। यह बीमारी न हो इसके लिए पूरी कोशिश करें कि मच्छर आपको न काटने पाये। मच्छरदानी में सोयें, पूरे कपड़े पहनें, मच्छर अवरोधी क्रीम लगायें। इस मौसम में अधिक यात्रा करने से बचें।


डेंगू रक्तस्रावी बुखार यानी हेमरेजिक डेंगू के कई दूसरे नाम भी हैं – डेंगू शॉक सिंड्रोम, फिलिपाइन हेमरेजिक फीवर, थाई हेमरेजिक फीवर, सिंगापुर हेमरेजिक फीवर।

 

Read more articles on dengue in hindi.

Loading...
Is it Helpful Article?YES2 Votes 3707 Views 0 Comment
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK