Tue Oct 27, 2026 | 02:47 AM IST

Expert

खसखस, सफेद तिल और मिश्री के क्या फायदे हैं? क्यों ये 3 फूड कॉम्बिनेशन हैं कारगर

खसखस, सफेद तिल और मिश्री, तीनों ही आयुर्वेदिक गुणों से भरपूर हैं और जब आप इनका सेवन एक साथ करते हैं तो आपकी सेहत में कई प्रकार के फायदे देखने को मिल सकते हैं। आइए, जानते हैं इस बारे में एक्सपर्ट से।
खसखस, सफेद तिल और मिश्री के क्या फायदे हैं? क्यों ये 3 फूड कॉम्बिनेशन हैं कारगरखसखस, सफेद तिल और मिश्री के क्या फायदे हैं? क्यों ये 3 फूड कॉम्बिनेशन हैं कारगर

खसखस, सफेद तिल और मिश्री का संयोजन एक प्राचीन और लोकप्रिय फूड कॉम्बिनेशन है जो स्वास्थ्य के लिए कई लाभ प्रदान करता है। खसखस में मैग्नीशियम, कैल्शियम और एंटीऑक्सिडेंट्स होते हैं जो नींद की गुणवत्ता सुधारने, तनाव कम करने और हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। सफेद तिल भी कैल्शियम का अच्छा स्रोत है और इससे हड्डियों का विकास होता है, साथ ही यह त्वचा और बालों के लिए लाभकारी होता है। मिश्री प्राकृतिक मिठास प्रदान करती है और पाचन में सहायक होती है। मिलकर ये तीनों तत्व शरीर को ऊर्जा देते हैं, हृदय स्वास्थ्य में सुधार करते हैं और व्यापक पोषण प्रदान करते हैं कैसे? आइए, प्रिया पालीवाल, चीफ डाइटिशियन, श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टिट्यूट दिल्ली से।

खसखस, सफेद तिल और मिश्री के फायदे-Khaskhas safed til aur mishri ke fayde

प्रिया पालीवाल बताती हैं कि इस कॉम्बिनेशन का सेवन बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के लिए फायदेमंद है, खासकर सर्दियों में शरीर को ताकत और गर्माहट देने के लिए। यह मिश्रण स्वस्थ स्नैक के तौर पर या दूध के साथ लिया जा सकता है। खसखस, सफेद तिल और मिश्री का मेल पोषण, ऊर्जा और स्वाद को संतुलित करता है, इसलिए यह एक कारगर और स्वास्थ्यवर्धक विकल्प माना जाता है।

इसे भी पढ़ें: 1 दिन में कितना खसखस खाना चाहिए? एक्सपर्ट से जान लें इसकी सही मात्रा

खसखस के फायदे

-खसखस कैल्शियम, मैग्नीशियम और जिंक जैसे खनिजों का अच्छा स्रोत है। ये तीनों ही हड्डियों को हेल्दी रखने के साथ इम्यून सिस्टम को बढ़ावा देने के लिए जरूरी हैं।
-खसखस में फाइबर होता है इसलिए जिन लोगों को कब्ज की समस्या है या जिनका पेट सही नहीं रहता है उनके लिए इन बीजों का सेवन फायदेमंद हो सकता है।
-खसखस का उपयोग इसके शांत प्रभाव के लिए किया जाता रहा है। ये पेट को ठंडा करने के साथ पित्त की समस्या को कम करने में मदद कर सकता है।

mishrimishri

सफेद तिल के फायदे

तिल कैल्शियम, मैग्नीशियम और हेल्दी फैट से भरपूर होते हैं। कैल्शियम की मात्रा हड्डियों के स्वास्थ्य को बढ़ावा देती है और इन्हें मजबूती प्रदान करती है। साथ ही तिल में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं जो कि आपको सेहत से जुड़ी कई समस्याओं से बचाव में मदद कर सकते हैं।

इसे भी पढ़ें: क्या प्रेग्नेंसी में खस का पानी पीना सुरक्षित है? जानें डॉक्टर से

मिश्री के फायदे

मिश्री एक नेचुरल स्वीटनर के रूप में उपयोग किया जाता है। माना जाता है कि सीमित मात्रा में इसका पाचन संबंधी लाभ होता है। सुखदायक गुणों के लिए पारंपरिक उपचारों में इसका उपयोग किया जाता है। इससे पित्त की समस्या में कमी आती है और पाचन क्रिया सही रहता है।

तो आप दूध में मिलाकर इन तीनों का सेवन कर सकते हैं और सेहत से जुड़ी समस्याओं से बच सकते हैं। अगर आपको पेट से जुड़ी दिक्कत है या कब्ज की समस्या रहती है तो सुबह खाली पेट इसका सेवन करें नहीं तो आप रात में सोने से पहले भी इसका सेवन कर सकते हैं।

Read Next

→ कान छिदवाने के बाद पक गया है? डॉक्टर से जानें ऐसे में क्या करना चाहिए और क्या नहीं

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Pallavi Kumari

चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Sep 21, 2025 18:00 IST

    Modified By : Pallavi Kumari
  • Sep 21, 2025 18:00 IST

    Published By : Pallavi Kumari