Intermittent v/s Keto: इंटरमिटेंट और कीटो डाइट दोनों है फायदेमंद, जानें वजन घटाने के लिए कौन सा है बेहतर?

इंटरमिटेंट फास्टिंग वास्तव में खाने का नहीं बल्कि कब खाना है इसका पैटर्न है, तो वहीं कीटो डाइट कार्ब्स की कटौती करने को कहता है।

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariUpdated at: Aug 04, 2020 17:32 IST
Intermittent v/s Keto: इंटरमिटेंट और कीटो डाइट दोनों है फायदेमंद, जानें वजन घटाने के लिए कौन सा है बेहतर?

वजन घटाने के लिए लोग तरह-तरह की डाइट और एक्सरसाइज ट्राई करते रहे हैं। इन्हीं फेसम डाइट में से एक है कीटो डाइट (Keto Diet) और इंटरमिटेंट फास्टिंग (Intermittent Diet)। इन दोनों डाइट को दुनियाभर के लगभग बहुत से लोग तेजी से वजन घटाने के लिए इस्तेमाल करते हैं। पर बहुत से लोग इस बात को लेकर परेशान रहते हैं कि इन दोनों डाइट में से किस डाइट को असल में फॉलो किया जाए, ताकि वो आसानी से वजन घटाने में मदद कर सके। तो इन्हीं सवालों के जवाब जानने के लिए आइए विस्तार से समझते हैं कि क्या है ये डाइट और वजन घटाने के लिए इन दोनों में से कौन सा सबसे ज्यादा कारगर है।

insideintermittent

इंटरमिटेंट फास्टिंग (Intermittent Fasting)

इंटरमिटेंट फास्टिंग (IF) का मतलब है कि एक विशिष्ट अवधि के लिए अपने कैलोरी सेवन को सीमित करना। इस आहार की इतिहास में अपनी जड़ें हैं जब यूनानियों और मिस्रियों ने लड़ाई के दौरानइस उपवास के तकनीकों का इस्तेमाल किया था। ऐसा इसलिए है क्योंकि जब आप उपवास करते हैं, तो आपका शरीर नॉरपेनेफ्रिन नामक एक हार्मोन रिलीज करता है जो, फोकस, सतर्कता और ऊर्जा बढ़ाता है।आईएफएस के विभिन्न प्रकार हैं और सबसे लोकप्रिय हैं:

  • -16/8 यानी कि 16 घंटों के लिए उपवास और 8-घंटे खाना खाना।
  • - 5:2 यानी कि 5 दिनों के लिए सामान्य रूप से खाना और 2 दिनों के लिए अपने कैलोरी को गंभीर रूप से सीमित कर दिन भर का उपवास करना

इसे भी पढ़ें : सुबह चाय की चुस्की की बजाए इन 6 ड्रिंक्स के मारे घूंट! वजन घटाने के साथ-साथ मूड भी होगा बेहतर, जानें अन्य लाभ

इंटरमिटेंट फास्टिंग कैसे काम करता है?

यह तकनीक खाने के लिए क्या नहीं के बजाय कब खाना चाहिए इस थ्यूरी पर काम करती है। आपको इस आहार का पालन करने के लिए डाइट प्लान का कड़ाई से पालन करना होता है। इससे आपको अपने कैलोरी सेवन का प्रबंधन करने में मदद मिलती है। इसमें आपको सब्जियां, अंडे, चिकन, मछली, टोफू और नट्स जैसे फाइबर और प्रोटीन युक्त भोजन अधिक खाने को कहा जाता है। वहीं ढेर सारा पानी पीने और ब्लैक कॉफी पीने के लिए भी कहा जाता है। वहीं इस दौरान जंक फूड और प्रोसेस्ड फूड से बचने को कहा जाता है।

कीटो आहार (Keto Diet Plan)

मिर्गी रोगियों के इलाज के लिए केटो या केटोजेनिक आहार को 1920 के दशक के आसपास पेश किया गया था। अब स्थिति के विपरीत, इसने बहुत लोकप्रियता हासिल कर ली है। यह आहार मूल रूप से कम या बिना कार्ब्स वाला आहार हैं, जो वजन घटाने में आसानी से मदद करते हैं।

कीटो डाइट कैसे काम करता है?

कीटो डाइट बिना कार्ब वाले आहार हैं। कार्बोहाइड्रेट पर कम आहार आपके शरीर में किटोसिस नामक एक प्रक्रिया शुरू करता है जहां आपका शरीर तेज गति से वसा जलाना शुरू कर देता है ताकि आप सक्रिय रहें। इसमें आपको एक उच्च वसा और कम कार्बोहाइड्रेट आहार खाना होगा जिसमें पनीर, एवोकैडो, बीफ़, अंडे, मछली, नारियल तेल, नट्स, अनचाहे कॉफी या चाय शामिल हैं। साथ ही आपको चावल, पास्ता, दलिया, शर्करा वाले पेय, रस, मक्का, आलू, और शराब जैसी चीजों से बचना चाहिए।

insideketodiet

इसे भी पढ़ें : Weight Gain Diet Chart: अपनी डाइट में शामिल करें ये हेल्‍दी फूड, वजन बढ़ने के साथ बढ़ेगी मसल्‍स

तो कौन सा डाइट है सबसे बेहतर?

कीटो डाइट (Keto Diet) और इंटरमिटेंट फास्टिंग (Intermittent Diet) भले दोनों ही फायदेमंद हो लेकिन, व्यक्तिगत रूप से, वे दोनों ही किसी -किसी स्थिति में सही नहीं है। जैसे कि इंटरमिटेंट फास्टिंग से आप आसानी से वजन घटा सकते हैं, तो छोड़ने पर उतनी ही आसानी से वजन बढ़ भी सकता है। कीटो डाइट लंबे समय तक फॉलो किया जा सकता है और इससे बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस नहीं होगी। वहीं इंटरमिटेंट फास्टिंग में आपको कमजोरी महसूस हो सकती है।

अंत में अगर आप तेजी से वजन घटाना चाहते हैं, तो आदर्श तरीका है दोनों को मिला कर वजन घटाए। नहीं तो किसी एक को लगातार फॉलो करने में आप थके हुए महसूस करने लगेंगे। इसलिए वजन घटाने के लिए इस डाइच चार्ट को फॉलो करने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर बात करें।

Read more articles on Weight-Management in Hindi

Disclaimer