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छोटे बच्चों के सिर में फंगल इंफेक्शन क्यों होता है? जानें इसके कारण और इलाज

बच्चों के सिर पर फंगल इंफेक्शन होने के कारण खुजली हो सकती है या उन्हें दर्द हो सकता है। पेरेंट्स के लिए जरूरी है कि समस्या को जानकर उसका इलाज करें।

How To Treat Fungal Infection On Baby Scalp In Hindi: बारिश के दिनों में फंगल इंफेक्शन होने के खतरे काफी ज्यादा होते हैं। ऐसा सिर्फ बड़ों के साथ ही नहीं, बल्कि बच्चों के साथ भी होता है। आपको बता दें कि फंगल इंफेक्शन कई तरह के होते हैं और ये शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकती हैं। ये दिखने में लाल रंग के होते हैं, जिनमें कई बार खुजली या रैशेज होने लगते हैं। क्या आप जानते हैं कि बच्चों को स्कैल्प में भी फंगल इंफेक्शन हो सकता है। इनमें टीनिया कैपिटिस और क्रेडल कैप जैसे फंगल इंफेक्शन शामिल हैं। आइए जानते हैं कि बच्चों के स्कैल्प पर फंगल इंफेक्शन क्यों होता है और बच्चों को इससे कैसे बचाया जा सकता है। इस संबंध में हमने दिल्ली स्थित जिविशा क्लिनिक के कॉस्मेटिक डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. आकृति गुप्ता से बात की।

fungal infection

स्कैल्प पर फंगल इंफेक्शन होने का कारण (Causes Of Fungal Infection)

क्लीवलैंड के अनुसार, ‘बच्चों के सिर में फंगल इंफेक्शन हो सकता है। इसे टीनिया कैपिटिस (Tinea capitis) के नाम से जाता है। इसके कारण बच्चों का सिर और बाल प्रभावित होते हैं। टिनिया कैपिटिस को स्कैल्प रिंगवॉर्म के नाम से भी जाता है। बच्चों को इस तरह का फंगल इंफेक्शन तब होता है, जब फंगल बच्चों के बालों की जड़ों तक पहुंच जाता है। यही नहीं, कई बार फंगल इंफेक्शन की वजह से बच्चों की पलकें और आईब्रो भी इफेक्टेड हो जाती हैं।’

मेयो क्लिनिक की मानें, ‘बच्चों के सिर में क्रेडल कैप (Cradle Cap) भी हो सकता है, जो कि एक प्रकार का फंगल इंफेक्शन (Fungal Infection) ही होता है। हालांकि, क्रेडल कैप के होने के पीछे कई कारण जिम्मेदार माने जाते हैं। वैसे, तो अब तक इसके होने का मूल कारण पता नहीं चला है। लेकिन, कई मामलों में देखा गया है कि गर्भवती महिला के कारण उसके बच्चे को यह समस्या हो सकती है। ऐसा हार्मोन के कारण हो सकता है। दरअसल, जब हार्मोन के कारण अतिरिक्त सीबम प्रोड्यूस होता है, जिससे यह समस्या हो सकती है। इसके अलावा, ईस्ट (फंगस) को भी इसका कारण माना गया है।’

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फंगल संक्रमण के लक्षण (Symptoms Of Fungal Infection)

क्रेडल कैप के लक्षणों की बात करें, तो इसमें बच्चे के सिर में मोटे पैच बन सकते हैं, स्किन ऑयली या ड्राई हो सकती है, त्वचा पर कहीं-कहीं सफेद या पीले रंग के पैच नजर आते हैं और हल्का लालपन भी हो सकती है। वहीं, अगर टीनिया कैपिटिस के लक्षणों की बात की जाए, तो इसमें निम्न संकेत दिखाई दे सकते हैं-

  • टिनिया कैपिटिस सिर के पूरे या सिर के किसी-किसी हिस्से को प्रभावित कर सकता है।
  • टिनिया कैपिटिस होने पर बच्चे के सिर में हल्के सूजे हुए लाल धब्बे दिख सकते हैं।
  • सिर में सूखी, पपड़ीदार चकत्ते बन सकते हैं।
  • बच्चे को सिर पर गंभीर खुजली की समस्या हो सकती है
  • बालों के झड़ सकते हैं और उस जगह धब्बे बन सकते हैं।
  • स्कैल्प की लेयर का झड़ना, जो दिखने में डैंड्रफ जैसे लगते हैं।
  • बच्चे को हल्का बुखार हो सकता है।

फंगल संक्रमण से बचाव के उपाय (Prevention Of Fungal Infection)

hair wash

फंगल इंफेक्शन से अपने बच्चे को बचाने के लिए जरूरी है कि आप उसे डॉक्टर के पास ले जाएं। वे उन्हें खाने की दवाई दे सकते हैं। इसके अलावा, हेयर वॉश के लिए स्पेशल किस्म का शैंपू दे सकते हैं। आपको चाहिए कि इस शैंपू से सप्ताह में कम से कम दो बार बच्चे का हेयर वॉश करें। हालांकि, शैंपू की मदद से फंगल इंफेक्शन खत्म नहीं होते हैं, बस फैलने से रोकते हैं। इसके अलावा, डॉक्टर बच्चे को इंफेक्शन में लगाने के लिए विशेष किसम की एंटी-फंगल क्रीम दे सकते हैं, जिसे डॉक्टर की सलाह अनुसार अप्लाई करें।

image credit: freepik

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Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Jul 06, 2023 15:53 IST

    Published By : Meera Tagore

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