बच्चों में ऐसे बढ़ाएं सुनने की क्षमता (लिसनिंग स्किल्स), पढ़ाई में रहेंगे आगे

बच्चों में सुनने की क्षमता का विकास करने से उनमें पढ़ने-लिखने की आदतों में भी सुधार होता है। साथ ही वह अन्य बच्चों की तुलना में जल्दी सीख पाते हैं। 

Dipti Kumari
Written by: Dipti KumariPublished at: May 27, 2022Updated at: May 27, 2022
बच्चों में ऐसे बढ़ाएं सुनने की क्षमता (लिसनिंग स्किल्स), पढ़ाई में रहेंगे आगे

सुनने की क्षमता केवल किसी की बातों को सुनना नहीं है बल्कि जानकारी इकट्ठा करने की क्षमता, निर्देशों का जवाब देने की क्षमता और अपने विचारों को साझा करने की क्षमता का विकास होता है। किसी भी वाक्य या शब्द को समझने के लिए उसे बेहतर ढंग से सुनना बेहद जरूरी है, तभी आप उसका जवाब दे पाते हैं। बच्चों में सुनने की क्षमता का विकास करना उनकी पढ़ाई-लिखाई और बेहतर भविष्य के लिए बहुत जरूरी है। जब आपका बच्चा कोई कहानी सुनता है, तो उससे उनकी सुनने की शक्ति, समझने, याद रखने, बात करने और अपने शब्दों में अपनी बात कहने की कला भी सीखते हैं। जो बच्चे अच्छे श्रोता होते हैं, वहीं अच्छे तरीके से लोगों से बात कर पाते हैं और चीजों को अच्छे से समझ पाते हैं। छोटी उम्र से ही बच्चों में सुनने की क्षमता का विकास करने के लिए आप उनके साथ कई तरह की एक्टिविटी में भाग ले सकते हैं। इसके अलावा उन्हें योगा और कम बोलने की जगह सुनने की आदत बना सकते हैं। 

इन तरीकों से बढ़ाएं बच्चे की लिसनिंग स्किल्स 

1. बच्चे का ध्यान आकर्षित करें

बच्चे को इस बात के लिए प्रोत्साहित करें कि जब वह किसी को सुन रहे हो, तो उनका ध्यान पूरी तरह से केवल उसी बात पर हो। साथ ही बोलने वाले व्यक्ति की ओर देखें और उनकी बात ध्यानपूर्वक सुनें। अगर बच्चा पूरे ध्यान के साथ कोई सुनता है, तो वह किसी भी चीज को दूसरे बच्चे की तुलना में अधिक जल्दी सीखता है। 

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2. पढ़ाने का तरीका हो अलग

बच्चे की सुनने की क्षमता के विकास के लिए आपको पुराने तरीके से अलग उनके साथ कुछ नए और मजेदार एक्सपेरिमेंट करने चाहिए। जैसे जब आप बच्चे को कोई कहानी सुना रहे हो, तो पढ़ाते हुए उनसे आगे की कहानी के बारे में पूछें कि उनके हिसाब से कहानी में आगे क्या हो सकता है। इससे बच्चे में सोचने और अपने मन की बात कहने की आदत भी बनेगी। हालांकि इस प्रक्रिया में बच्चे की आलोचना न करें और उनका हौसला बढ़ाएं। 

3. सुनने वाले खेल खेलें

ऐसे कई खेल है, जिसकी मदद से आप अपने बच्चे की सुनने की क्षमता बढ़ा सकते हैं। घर पर जब भी आपको समय मिले। बच्चे के साथ ऐसा खेल खेलें, जिसमें वह आपकी बातें सुनकर काम करे, जैसे आप घर की कुछ चीजों का नाम लेकर बच्चे को ढूढंने को कहें ताकि वह सुनकर काम करने की आदत भी सीख सके। 

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4.  कहानी सुनाने का खेल 

बच्चों को तरह-तरह की कहानियां बेहद पसंद होती है। ऐसे में सुनने की क्षमता का विकास करने के लिए आप बच्चों को कहानियां सुना सकते हैं औऱ फिर उनसे उस कहानी के पात्रों के बारे में पूछ सकते हैं। इसके अलावा आप पूरे परिवार के साथ ये एक्टिविटी कर सकते हैं। कहानी की एक-एक पक्ति सभी परिवार के साथ मिलकर पूरी करें। फिर बच्चा भी अच्छे से बात करना सीखता है। 

5. महत्वपूर्ण संकेतों पर ध्यान देना सिखाएं

कई बार बच्चे बातों को महत्व को समझ नहीं पाते हैं क्योंकि उन्हें बचपन से ही शब्दों पर जोर देना नहीं सिखाया जाता है इसलिए बच्चों से बात करते समय महत्वपूर्ण सेंकतों पर जोर जरूर दें। जैसे अब, अगला और आखिरकार जैसे शब्दों से भाव स्पष्ट होते हैं। 

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6. अच्छे श्रोता बनें

हम बहुत बार केवल किसी भी चीज की बच्चों से उम्मीद करते हैं कि वे ऐसा करेंगे लेकिन खुद वैसा व्यवहार नहीं करते हैं। इसलिए जब आपका बच्चा अपनी बात कह रहा हो या कोई कहानी सुना रहा हो, तो आपको ध्यान से उनकी बात सुननी चाहिए। इससे उन्हें बी लगता है कि आप उनकी बात ध्यान से सुनते हैं। यह बच्चे को एक पॉजिटिविटी देता है। बच्चे की बात सुनते समय सिर हिलाएं, मुस्कुराना, हामी भरने वाली बात और रूचि लेकर बात सुनें। इससे वह अच्छे से खुद को एक्सप्रेस कर पाते हैं। 

7. बच्चों के साथ कुकिंग करे

बच्चों के साथ कुकिंग एक्टिविटी में जरूर भाग लें क्योंकि इससे उनमें आपकी बातों का अनुसरण करने की क्षमता का विकास होता है। साथ ही इससे वह साथ मिलकर काम करना भी सीखते हैं। आपकी बातों को सुनने के बाद ही वे किचन में कुछ करते हैं या फिर गलती होने पर सुधार कर पाते हैं। इस दौरान बच्चे पर चिल्लाएं या मारे नहीं। 

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