सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस क्या है? जानें इसके लक्षण, इलाज और व्यायाम

आज के समय में काफी लोग सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस से पीड़ित हैं। इसकी एक वजह है उनका व्यस्त लाइफस्टाइल। 

Monika Agarwal
अन्य़ बीमारियांWritten by: Monika AgarwalPublished at: May 27, 2022Updated at: May 27, 2022
सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस क्या है? जानें इसके लक्षण, इलाज और व्यायाम

सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस की समस्या में सर्वाइकल स्पाइन प्रभावित होती है, जो गर्दन में मौजूद होती है। इसमें स्पाइन यानी रीढ़ में कढ़ापन, कंधों और गर्दन में जकड़न या दर्द की समस्या होने लगती है। इस स्थिति से गर्दन की हड्डी कमजोर होने लगती है। इसमें सबसे ज्यादा सर्वाइकल स्पाइन के जोड़ और डिस्क प्रभावित होती हैं। सर्वाइकल को ऑस्टियोआर्थराइटिस के नाम से भी जाना जाता है। सर्वाइकल टूटी-फूटी हड्डियों के रूप मे विकसित होता है। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, तो वह भाग सड़ जाता है और दर्द होने लगता है। हालांकि कुछ केस में इस तरह के लक्षण नहीं दिखाई देते। जबकि कुछ केस में क्रोनिक पेन और स्टीफनेस (जकड़न) साफ पता लगती है। ज्यादा लंबे समय तक एक ही पोजीशन में बैठने या सोने से सर्वाइकल हो सकता है या ऐसा करना इस स्थिति को बढ़ा भी सकता है। तो आइए जानते हैं क्या होती है यह स्थिति, इसके क्या कारण और इलाज होते हैं।

सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस के लक्षण

शुरू में इस स्थिति के कुछ खास लक्षण नहीं होते हैं। लेकिन जब यह होता है, तो यह स्थिति हल्की से गंभीर हो जाती है और इसकी शुरुआत धीरे-धीरे या फिर एकदम से भी हो सकती है। सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस के लक्षण-

  • कंधो के आस-पास दर्द होना  
  • उंगलियों में दर्द होना  
  • यह दर्द तब और बढ़ जाता है, जब ज्यादा समय तक खड़ा रहा जाएं। इसके अलावा छींक आने पर, गर्दन को पीछे की और घुमाने पर भी यह दर्द ज्यादा हो सकता है।
  • गर्दन का अकड़न आना
  • हाथों और कंधो मे दर्द होना या सुन्न हो जाना 

अगर आप इन लक्षणों को अपने आप में देखते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। या फिर आप किसी अनुभवी थेरेपिस्ट से भी इसका इलाज करा सकते है।

सर्वाइवल को कम करने के लिए कुछ व्यायाम

गर्दन की कसरत करें

  • सीधे खड़े हो जाएं फिर शरीर को सीधा रखते हुए गर्दन को आगे की तरफ झुकाएं।
  • गर्दन को इतना झुकाना है कि पीछे के हिस्से में खिंचाव महसूस हो।
  • 10 सैकेंड इसी अवस्था में रहे फिर पहली अवस्था में आ जाएं।
  • इस स्थिति में 8 से 10 बार करें।

गर्दन को झुकाएं

  • सीधे खड़े हो जाएं। अपनी गर्दन को पहले बायीं तरफ लेकर जाएं।
  • इस तरह से झुकाएं कि कान कंधों की तरफ झुके हुए हों।
  • 5 सेकंड इसी अवस्था में खड़े रहें।
  • वापस पहली अवस्था में आएं।
  • फिर दाईं तरफ गर्दन लेकर जाएं। 
  • इस अवस्था में भी 5 सेकंड खड़े रहें।
  • आप इस प्रक्रिया को 8 बार दोहरा सकते हैं।

गर्दन को गोलाई में घुमाएं

गर्दन को पहले बाईं तरफ घुमाते हुए सेंटर तक लाएं। फिर दाईं तरफ घुमाते हुए सेंटर तक आएं। ऐसा 5 से 7 बार करें।

सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस का इलाज

कुछ घरेलू इलाज जो आपको सर्वाइकल से छुटकारा दिलाने में आपकी मदद कर सकते हैं। 

गर्म और ठंडे पानी से सिंकाई करना

गर्म सिंकाई और एक ठंडी सिंकाई भी दर्द कम कर सकती है। सिंकाई से सूजन कम होती है और गर्म सिंकाई लगाने से ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है। साथ ही दर्द में भी आराम मिलता है।

लहसुन

इसमें आपको 2 से 3 लहसुन की कली को हर रोज सुबह चबाना फायदेमंद है। क्योंकि लहसुन में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एनल्जेसिक दोनों गुण होते हैं। जो आपको गर्दन के और डिस्क के जोड़ों के दर्द को कम करने में मदद करते हैं और सूजन को भी कम करते हैं।

हल्दी का पाउडर

हर रोज एक चम्मच हल्दी का पाउडर और एक गिलास गर्म दूध को अच्छी तरह से मिलाकर पीना आराम दे सकता है। क्योंकि इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। जोकि दर्द को कम करने में सहायक हैं।

गुग्गुल

500 मिलीग्राम गुग्गुल को हर रोज दिन में एक बार लें। गुग्गुल में बहुत सारे औषधीय गुण होते हैं। यह सूजन को कम करने में भी सहायक होता है।

एक्सरसाइज के दौरान सावधानियां 

  • रोजाना नियम से कसरत करना फायदेमंद हो सकता है। 
  • गर्दन की किसी भी एक्सरसाइज को शुरुआत में हल्की स्पीड से करें।
  • वजन कंट्रोल में रखें। 
  • अल्कोहल से दूर रहें।
  • लंबे समय तक एक ही पोजिशन में न बैठे रहें।

सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस की समस्या को रेगुलर एक्सरसाइज और लाइफस्टाइल में बदलाव से काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है।

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