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घर पर इस तरह बनाएं आयुर्वेदिक हिंग्वाष्टक चूर्ण, नियमित सेवन से दूर हो सकती हैं आपकी ये 8 समस्याएं

आयुर्वेदिक हिंग्वाष्टक चूर्ण को बनाने का तरीका बेहद आसान है, जानते हैं इसके बारे में 

Yashaswi Mathur
Written by: Yashaswi MathurPublished at: Mar 30, 2022Updated at: Mar 30, 2022
घर पर इस तरह बनाएं आयुर्वेदिक हिंग्वाष्टक चूर्ण, नियमित सेवन से दूर हो सकती हैं आपकी ये 8 समस्याएं

पीर‍ियड्स के दौरान कई मह‍िलाओं को गैस की समस्‍या होती है ज‍िसे दूर करने के ल‍िए भी हिंग्वाष्टक चूर्ण का इस्‍तेमाल फायदेमंद माना जाता है। पीर‍ियड्स के दौरान पेट के न‍िचले हि‍स्‍से में दर्द एक आम समस्‍या है ज‍िसे दूर करने के ल‍िए हिंग्वाष्टक चूर्ण का इस्‍तेमाल एक अच्‍छा व‍िकल्‍प है। अगर आपको इस दौरान डायर‍िया क समस्‍या होती है तो भी आप हिंग्वाष्टक चूर्ण का इस्‍तेमाल करें, इसका सेवन करने से यूट्रीन फाइब्रोस‍िस की समस्‍या भी दूर होती है। इस लेख में हम हिंग्वाष्टक चूर्ण को बनाने का तरीका जानेंगे। इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए लखनऊ के व‍िकास नगर में स्‍थित प्रांजल आयुर्वेद‍िक क्‍लीन‍िक के डॉ मनीष स‍िंह से बात की।

hingwashtak churna

image source: theblunderousbaker

हिंग्वाष्टक चूर्ण में क्‍या म‍िलाया जाता है? (Ingredients of hingwashtak churna)

हिंग्वाष्टक चूर्ण एक आयुर्वेद‍िक चूर्ण है जो क‍ि पाउडर के फॉर्म में बनता है। हिंग्वाष्टक चूर्ण में 8 सामग्री म‍िलाई जाती है, सभी सामग्री का एक अहम क‍िरदार माना जाता है। हिंग्वाष्टक चूर्ण में मौजूद सामग्री की बात करें तो उसमें जीरा, हींग, अदरक, काली म‍िर्च, सौंफ, अजवाइन, सेंधा नमक और पिप्पली म‍िलाया जाता है। हिंग्वाष्टक चूर्ण में प्रोटीन और कॉर्ब्स की मात्रा भी मौजूद होती है। 

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हिंग्वाष्टक चूर्ण कैसे बनाएं? (How to make hingwashtak churna)

हिंग्वाष्टक चूर्ण को बनाना बेहद आसान है, जानते हैं इसके बारे में-  

सामग्री: हिंग्वाष्टक चूर्ण को बनाने के ल‍िए हींग, अजवाइन, सेंधा नमक, अदरक, काली म‍िर्च, प‍िप्‍पली, जीरा का इस्‍तेमाल करें।   

व‍िध‍ि: 

  • आप हिंग्वाष्टक चूर्ण को घी के साथ ले सकते हैं या फ‍िर आप उसे खाने के ल‍िए गुनगुने पानी का इस्‍तेमाल कर सकते हैं। 
  • आप व्‍यसक या बुजुर्ग हैं तो 3 ग्राम मात्रा में चूर्ण का इस्‍तेमाल करें।
  •  हिंग्वाष्टक चूर्ण को बनाने के ल‍िए जीरे को भूनकर पाउडर बना लें।
  • उसमें पि‍प्‍पली और काली म‍िर्च का पाउडर डालकर म‍िलाएं।
  • अब चूर्ण में अजवाइन, हींग, सेंंधा नमक, सेंधा नमक म‍िक्‍स करें।
  • अब आप चूर्ण को अच्‍छी तरह से म‍िला लें आपका चूर्ण तैयार है।  

हिंग्वाष्टक चूर्ण पीर‍ियड्स का दर्द दूर करता है (Hingwashtak churna cures periods pain) 

hingwashtak churna in hindi

image source: akshmiayurveda

आपको हिंग्वाष्टक चूर्ण को गुनगुने पानी के साथ लेना है और उसके आधे घंटे बाद और पहले क‍िसी अन्‍य चीज का सेवन अवॉइड करना है। पीर‍ियड्स के दौरान होने वाले दर्द से छुटकारा द‍िलाने के अलावा हिंग्वाष्टक चूर्ण का सेवन आप खाली पेट भी कर सकते हैं। जानते हैं क‍ि ये चूर्ण पीर‍ियड्स पेन दूर करने में कैसे मददगार है-

  • हिंग्वाष्टक चूर्ण का सेवन करने से पीर‍ियड्स साइक‍िल भी अच्‍छी रहती है, अन‍ियम‍ित पीर‍ियड्स की समस्‍या दूर होती है।
  • हिंग्वाष्टक चूर्ण में हींग होती है ज‍िससे पीर‍ियड्स के दौरान होने वाले दर्द और मरोड़ की समस्‍या से राहत म‍िलती है।
  • हिंग्वाष्टक चूर्ण  की मदद से आप पीर‍ियड्स के दौरान होने वाले दर्द से छुटकारा पा सकते हैं।

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हिंग्वाष्टक चूर्ण के फायदे (Benefits of hingwashtak churna) 

1. हिंग्वाष्टक चूर्ण डाइजेशन को भी अच्‍छा रखता है।

2. इस चूर्ण में मौजूद सेंधा नमक से डाइजेशन और पेट से जुड़े ऑर्गन हेल्‍दी रहते हैं।   

3. अदरक पाउडर का इस्‍तेमाल इंडाइजेशन की समस्‍या को दूर करने के ल‍िए क‍िया जाता है।

4. ब्‍लैक पेपर और लॉन्‍ग पेपर का इस्‍तेमाल करने से गैस्‍ट्र‍िक एस‍िड का सीक्रि‍शन हो पाता है।

6. क्‍यूम‍िन सीड्स दर्द को कम करने का काम करता है।   

7. हिंग्वाष्टक चूर्ण का सेवन पेप्‍ट‍िक अल्‍सर, गैस की समस्‍या, इंडाइजेशन की समस्‍या को दूर करने के ल‍िए फायदेमंद है। 

8. हिंग्वाष्टक चूर्ण का सेवन करने से बाइल एस‍िड सीक्र‍िशन को बढ़ावा म‍िलता है ज‍िससे डाइजेशन अच्‍छा रहता है।

अगर आप क‍िसी गंभीर बीमारी के मरीज हैं तो डॉक्‍टर की सलाह पर ही आपको हिंग्वाष्टक चूर्ण का सेवन करना चाह‍िए। प्रेगनेंसी के दौरान भी आप केवल डॉक्‍टर की सलाह पर ही इसका सेवन करें। 

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