कई महिलाएं शरीर में हार्मोन्स के असंतुलित होने के कारण PCOSसे परेशान रहती हैं। कई बार इस दौरान महिलाओं को मीठे का सेवन कम करने या पूरी तरह न करने की सलाह दी जाती है। ऐसे में अक्सर महिलाओं के मन में सवाल उठता है कि PCOS में मीठा कितना खाना चाहिए, कब खाना चाहिए और ज्यादा खाएं तो क्या होगा इस बारे में जानकारी के लिए हमने बात की Dr. Gayathri Karthik Nagesh, Program Director - Department of Obstetrics & Gynaecology, Aster CMI Hospital, Bangalore और जयपुर स्थित Angelcare-A Nutrition and Wellness Center की निदेशक, डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन से। दोनों एक्सपर्ट्स का कहना है कि PCOS में मीठा खाने से इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या होने और हार्मोन्स के असंतुलित होने की समस्या हो सकती है।
PCOS में ज्यादा मीठा खाने से क्यों किया जाता है मना?
डॉ. गायत्री कार्तिक नागेश के अनुसार, "पीसीओएस यानी पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) वाली महिलाएं कभी-कभी मीठा खा सकती हैं, लेकिन उन्हें इसकी मात्रा सीमित रखनी चाहिए। पीसीओएस का संबंध इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या से है, जिसका मतलब है कि शरीर को ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।"
डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन के अनुसार, “पीसीओएस की स्थिति में डाइट को बैलेंस रखना और रेगुलर एक्सरसाइज करना जरूरी होता है। इस दौरान मीठे के सेवन को भी बैलेंस रखना चाहिए। अधिक मीठे का सेवन करने से इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या बढ़ती है। इसके कारण वजन बढ़ने, हार्मोन्स के असंतुलित होने, पीरियड्स के अनियमित होने और मुंहासे होने जैसे लक्षण हो सकते हैं।”
2018 में BioMed Research International में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, शरीर में एंड्रोजन हार्मोन का बहुत ज्यादा बढ़ना इस बात का संकेत होता है कि आपका शरीर ग्लूकोज इंट्रोलेंस हो जाता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि बढ़ा हुआ एंड्रोजन हार्मोन शरीर में इंसुलिन को काम करने से रोकता है और इंसुलिन बनाने वाली सेल्स को खराब कर सकता है।
इसे भी पढ़ें: PCOS में चेहरे पर बाल क्यों आते हैं? एक्सपर्ट से जानें
पीसीओएस में ज्यादा मीठा खाने का ओवरीज पर असर
डॉ. गायत्री आगे कहती हैं, “पीसीओएस की स्थिति में अधिक मीठा खाने के कारण ब्लड शुगर और इंसुलिन का स्तर शरीर में तेजी से बढ़ सकता है, जिसके कारण शरीर के हार्मोन्स के असंतुलित होने की समस्या हो सकती है। जिससे पीसीओएस के कारण होने वाली परेशानियों को अधिक बढ़ावा मिल सकता है।”
2021 में Frontiers In Endocrinology में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार, हाई सुक्रोज डाइट (HSD) यानी ज्यादा चीनी वाला खाना खाने से ओवरीज पर बुरा असर हो सकता है। चूंकि PCOS ओवरी से जुड़ी समस्या है इसलिए मीठा खाना PCOS के कारण होने वाली परेशानियों को और बढ़ा सकता है।
-1775741193628.jpg)
पीसीओएस में मीठा खाने से क्या परेशानियां होती हैं?
डॉ. गायत्री आगे कहती हैं कि, पीसीओएस की स्थिति में ज्यादा मीठा खाने से इसके लक्षण अधिक बिगड़ सकते हैं, जिसके कारण महिलाओं को ये समस्याएं हो सकती हैं -
वजन बढ़ने की परेशानी
पीसीओएस में महिलाएं अगर अधिक मीठा खाती हैं, तो शरीर में इंसुलिन का स्तर तेजी से बढ़ने लगता है। शरीर जब इंसुलिन का ठीक से इस्तेमाल नहीं कर पाता, तो खाने से मिलने वाला ग्लूकोज खून में घुलने लगता है। इससे सेल्स फैट नहीं बर्न कर पाते और अतिरिक्त फैट शरीर के अलग-अलग अंगों में जमा होकर मोटापे का कारण बनता है।
हार्मोन्स का असंतुलित होना
जरूरत से ज्यादा मीठा खाने से खून में शुगर तेजी से बढ़ता है। इसे कंट्रोल करने के लिए शरीर इंसुलिन हार्मोन ज्यादा बनाने लगता है। जब इंसुलिन लगातार बढ़ा रहता है, तो शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस होता है। इस स्ठिति में इंसुलिन ओवरी को एंड्रोजन यानी पुरुष हार्मोन ज्यादा बनाने के लिए बढ़ावा देता है। इससे हार्मोन्स का संतुलन बिगड़ जाता है, जो ओव्यूलेशन के रुकने का कारण बन सकता है और PCOS के लक्षणों को और ज्यादा गंभीर बना सकता है।
पीरियड्स के अनियमित होना
हार्मोनल असंतुलन का असर ओवरी के कार्यों पर पड़ता है, जिससे पीसीओएस के और अधिक बिगड़ने और पीरियड्स के अनियमित होने की समस्या होती है। इससे पीरियड्स या तो बहुत अधिक देरी से आते हैं या फिर बहुत कम या ज्यादा ब्लीडिंग होने जैसी परेशानियां होती हैं।
इसे भी पढ़ें: क्या PCOS स्तनपान को प्रभावित करता है? जानिए सच्चाई
मुंहासे होना
पीसीओएस की स्थिति में हार्मोन्स में गड़बड़ी होने या इंसुलिन से जुड़ी परेशानी के कारण महिलाओं को स्किन से जुड़ी समस्याएं होती हैं। इसके कारण मुंहासे (Acne), पोर्स के बंद होने और ऑयली स्किन होने की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इस स्थिति में मुंहासे अक्सर ठुड्डी, गर्दन के ऊपरी हिस्से और जॉलाइन (Jawline) पर आते हैं।
शरीर पर अनचाहे बाल आने
पीसीओएस की स्थिति में हार्मोन्स के असंतुलित होने के कारण महिलाओं को चेहरे और शरीर पर अनचाहे बालों की ग्रोथ होने जैसी समस्याएं होती हैं।
Cleveland Clinic के अनुसार, पीसीओएस में महिलाओं के शरीर में एंड्रोजन हार्मोन (जो महिलाओं और पुरुषों दोनों के शरीर में होता है, लेकिन पुरुषों में ज्यादा होता है) का स्तर बढ़ने लगता है, जिसके कारण बालों के रोम एंड्रोजन के प्रति ज्यादा सेंसिटिव हो जाते हैं, जिससे उनके चेहरे और शरीर पर अनचाहे बाल आने लगते हैं।
पीसीओएस में मीठे के हेल्दी ऑप्शन
डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट अर्चना जैन के अनुसार, PCOS में मीठा खाने का मन होने पर ताजे फलों और ड्राई फ्रूट्स जैसे नेचुरल मीठे फूड्स को चीनी वाले फूड्स के विकल्प के तौर पर लिया जा सकता है।
डॉ. गायत्री कार्तिक नागेश के अनुसार, "बार-बार मीठा खाने से समय के साथ टाइप 2 डायबिटीज का खतरा भी बढ़ सकता है। ऐसे में पीसीओएस में बेहतर यही है कि आप फल या कम चीनी वाली मिठाइयों का सेवन थोड़ी मात्रा में ही करें।" इसलिए, आप अपनी डाइट में इन स्वस्थ विकल्पों को शामिल कर सकते हैं-
- ताजे फल जैसे सेब, जामुन, नाशपाती, अमरूद, पपीता आदि।
- डार्क चॉकलेट
- खजूर (प्रतिदिन 1 से 2 खजूर तक खाए जा सकते हैं।)
- शकरकंद
- शहद (1-2 छोटी चम्मच तक खाएं)
- ड्राई फ्रूट्स
PCOS में लगातार ब्लड शुगर बढ़ने के बावजूद मीठा बंद न किया जाए, तो क्या होगा?
डॉ. गायत्री कार्तिक नागेश के अनुसार, PCOS में लगातार ब्लड शुगर बढ़ने के बाद भी मीठा खाना बंद न करने के कारण महिलाओं को टाइप 2 डायबिटीज का खतरा बढ़ने, इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या बनी रहने, हार्मोन का असंतुलन अधिक बिगड़ने, वजन बढ़ने, मुंहासे होने, चेहरे और शरीर पर अनचाहे बाल आने, शरीर में सूजन आने, ओवरी में सिस्ट बढ़ने, मीठे की क्रेविंग बढ़ने, थकान बनी रहने, गंभीर स्थिति में इंफर्टिलिटी होने, ब्लड शुगर बढ़ने के कारण आंखों के कमजोर होने, शरीर की नसों के कमजोर होने की समस्या हो सकती है, जो आगे चलकर स्वास्थ्य से जुड़ी कई गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है।
डॉक्टर से सलाह कब लें?
PCOS से पीड़ित महिलाओं को हेल्दी फूड्स का सेवन करने की सलाह दी जाती है। इसके साथ ही उन्हें ज्यादा मीठा खाने से मना किया जाता है। इसलिए, अगर आपको PCOS है और बिना किसी कारण थकान, अचानक वजन बढ़ना, बार-बार पेशाब आना, घाव जल्दी न भरने आदि जैसी समस्याएं होती हैं तो डॉक्टर से तुरंत कंसल्ट करें। PCOS में ज्यादा मीठा खाने के कारण इंसुलिन रेजिस्टेंस होता है, जो ब्लड शुगर लेवल को बढ़ाता है। इसलिए, मीठा खाने से परहेज करें और कोई भी समस्या होने पर डॉक्टर से जांच करवाएं।
निष्कर्ष
पीसीओएस में महिलाएं कभी-कभी मीठा खा सकती हैं, लेकिन सीमित मात्रा में। पीसीओएस में अधिक मीठा खाने के कारण महिलाओं को इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या होती है, जो हार्मोन्स के असंतुलित होने की समस्या को बढ़ावा देती और इसके कारण पीरियड्स के असंतुलित होने, मुंहासे होने, शरीर और चेहरे पर अनचाहे बाल आने और वजन बढ़ने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में पीसीओएस की स्थिति में महिलाएं फलों और कम चीनी वाली मिठाइयों का सेवन सीमित मात्रा में कर सकती हैं। ध्यान रहे, पीसीओएस के कारण स्वास्थ्य संबंधी अधिक परेशानी महसूस होने पर डॉक्टर से तुरंत सलाह लें।
All Images Credit- Freepik
FAQ
PCOS में केला खाना चाहिए?
पीसीओएस की स्थिति में केला खा सकते हैं, सेकिन सीमित मात्रा में। केले में अच्छी मात्रा में पोटैशियम, फाइबर और विटामिन बी6 जैसे पोषक तत्व होते हैं, जो पाचन में सुधार करने और मेटाबॉलिज्म को बेहतर करने में सहायक है।PCOS में क्या नहीं खाना चाहिए?
पीसीओएस से परेशान महिलाओं को शुगरी ड्रिंक्स, सॉफ्ट ड्रिंक्स, मैदा, अधिक मीठा, तला-भूने, मसालेदार, प्रोसेस्ड फूड्स, ब्हाइट ब्रेड और अनहेल्दी जंक फूड्स का सेवन करने से बचना चाहिए। इनका अधिक सेवन करने से इंसुलिन का स्तर बढ़ने और पीसीओएस की समस्याओं को बढ़ावा मिल सकता है, जिससे महिलाओं को कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।PCOS में क्या खाना चाहिए?
पीसीओएस में महिलाओं को डाइट में हाई फाइबर वाली सब्जियों, फलों, लीन प्रोटीन युक्त दालें, अंडे और चिकन, हेल्दी फैट्स युक्त अलसी के बीज, अखरोट जैसे ड्राई फ्रूट्स और सीड्स को डाइट में शामिल करना चाहिए। इनसे स्वास्थ्य में सुधार करने और पीसीओएस के लक्षणों को कम करने में मदद मिल सकती है।पीसीओएस में फ्रूट जूस पी सकते हैं?
पीसीओएस में पैकेज्ड जूस का सेवन करने से बचना चाहिए, लेकिन घर पर बिना चीनी के बने फलों के जूस का सेवन किया जा सकता है। हालांकि स्वास्थ्य के लिए ताजा फलों को खाना ज्यादा फायदेमंद होता है।क्या पीसीओएस के लिए जीरो शुगर सोडा ठीक है?
पीसीओएस में महिलाओं को जीरो शुगर सोडा का सेवन नहीं करना चाहिए। इनका सेवन करने से शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस, हार्मोनल असंतुलन और वजन बढ़ने की समस्याएं हो सकती हैं।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Apr 09, 2026 18:58 IST
Modified By : Priyanka Sharma Apr 09, 2026 18:58 IST
Modified By : Priyanka SharmaApr 09, 2026 18:58 IST
Published By : Priyanka Sharma
Reviewed By : Archana Jain