Fri Sep 11, 2026 | 06:56 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shobha Gupta , Medical Director and IVF Consultant

IVF से पहले महिला और पुरुष को कौन-से मेडिकल टेस्ट कराने जरूरी हैं? डॉक्टर से जानें 

जब प्राकृतिक तरीके से प्रेग्नेंसी न हो, तो IVF अपनाया जाता है, लेकिन IVF कराने से पहले डॉक्टर महिला और पुरुषों को कुछ मेडिकल टेस्ट कराने की सलाह दी जाती है। इस लेख में डॉक्टर ने महिला और पुरुषों, दोनों के मेडिटल टेस्ट की पूरी जानकारी दी है।

इस पेज पर:-


जब कपल लंबे समय तक नेचुरल प्रेग्नेंसी नहीं कर पाता, तो डॉक्टर IVF (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) की सलाह दे सकते हैं। IVF शुरू करने से पहले सिर्फ महिलाओं से जुड़े टेस्ट नहीं होते, बल्कि IVF की सफलता के लिए यह जानना जरूरी है कि महिला और पुरुष, दोनों की फर्टिलिटी कैसी है और कहीं कोई ऐसी मेडिकल समस्या तो नहीं, जो इलाज की सफलता पर असर डाल सकती है। IVF से पहले महिलाओं और पुरुषों के लिए कौन से टेस्ट जरूरी है? इस बारे में जानने के लिए हमने वृंदावन स्थित Mumma's Blessing IVF और Birthing Paradise की मेडिकल डायरेक्टर, गायनेकोलॉजिस्ट और IVF स्पेशलिस्ट Dr. Shobha Gupta से बात की।

फर्टिलिटी टेस्ट क्यों किया जाता है?

Cleveland Clinic के अनुसार, अगर कपल की उम्र 35 साल से कम है और महिला बिना किसी बर्थ कंट्रोल दवा के एक साल तक लगातार कोशिश करने के बाद भी प्रेग्नेंट नहीं हो पा रही या 35 साल से ज्यादा उम्र होने पर बिना किसी बर्थ कंट्रोल के बादभी प्रेग्नेंट नहीं हो पा रही, तो फर्टिलिटी टेस्ट की सलाह दी जा सकती है, लेकिन टेस्ट से पहले डॉक्टर इस बात को जानकारी जरूर लेते हैं।

  1. महिला को पीरियड्स रेगुलर होते हैं या नहीं
  2. पहले कोई सर्जरी या लंबी बीमारी
  3. महिला या पुरुष कौन सी दवा ले रहे हैं
  4. कैफीन या अल्कोहल कितना लेते हैं
  5. काम करने की जगह का टॉक्सिन वातावरण होना
  6. सेक्शुल हिस्ट्री के बारे में जानना

महिला के लिए कौन-कौन से टेस्ट जरूरी हैं?

Dr. Shobha Gupta कहती हैं, “IVF से पहले किए जाने वाले चेकअप सिर्फ बीमारी का बीमारी का पता लगाने के लिए नहीं होते, बल्कि यह समझना भी होता है कि किस मरीज के लिए कौन-सा इलाज सबसे बेहतर रहेगा। रिपोर्ट के आधार पर ही इलाज की प्लानिंग तय होती है। IVF से पहले महिलाओं के ये टेस्ट जरूर किए जाते हैं।”

IVF tests for men and women

यह भी पढ़ें- क्या सर्वाइकल कैंसर के इलाज के बाद प्रेग्नेंसी संभव है? डॉक्टर ने बताई 5 जरूरी बातें

1. ओवेरियन रिजर्व टेस्ट

Dr. Shobha Gupta के मुताबिक, “IVF से पहले यह टेस्ट सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इस टेस्ट से ओवरी में अंडों की संख्या और क्वालिटी दोनों का पता चलता है। इसमें AMH (Anti-Müllerian Hormone), FSH, LH और Estradiol टेस्ट किए जाते हैं। AMH का स्तर यह बताता है कि महिला के पास कितने एग्स बचे हैं, जबकि FSH और Estradiol डॉक्टर को यह समझने में मदद करते हैं कि ओवरी दवाओं पर कैसी प्रतिक्रिया दे सकती है।”

2. ट्रांसवजाइनल अल्ट्रासाउंड

StatPearls Publishing के मुताबिक, ट्रांसवजाइनल अल्ट्रासाउंड के जरिए अंगों की तस्वीर ज्यादा स्पष्ट होती है। इसलिए IVF से पहले ओवेरियन मास, ओवेरियन सिस्ट और एंडोमेट्रियल पैथोलॉजी से जुड़ी समस्याएं देखी जा सकती है। इसके साथ ही डॉक्टर फाइब्रोसिस का चेकअप भी ट्रांसवजाइनल अल्ट्रासाउंड के जरिए किया जा सकता है।

3. एंट्रल फॉलिकल काउंट (AFC)

Dr. Shobha Gupta कहती हैं, "एंट्रल फॉलिकल काउंट एक तरह का ट्रांसवजाइनल अल्ट्रासाउंड टेस्ट है। इसमें महिला की ओवरी में मौजूद छोटे फॉलिकल्स की गिनती की जाती है। इसका काम एग रिजर्व का माप लेना, फर्टिलिटी ट्रीटमेंट और PMOS का चेक किया जाता है। इसे पीरियड के शुरुआती दिनों में करा जाता है और दोनों ओवरी में दो से दस मिलीमीटर डायमीटर वाले फॉलिकल्स की गिनती की जाती है। अगर AFC हाई होता है, तो एग रिजर्व ज्यादा है या PMOS का रिस्क भी हो सकता है, वही कम AFC का मतलब है कि एग की संख्या बहुत कम होती है या मेनोपॉज के करीब होने का संकेत देता है।"

4. थायरॉयड और हार्मोन टेस्ट

Dr. Shobha Gupta के अनुसार, हार्मोन का संतुलन IVF की सफलता में अहम भूमिका निभाता है। इसलिए महिला का थायराइड (TSH), Free T4 और प्रोलैक्टिन टेस्ट किया जाता है। अगर थायराइड या प्रोलैक्टिन का स्तर असामान्य हो, तो पहले उसे कंट्रोल किया जाता है, ताकि प्रेग्नेंसी होने पर मिसकैरेज के चांस न हो।

5. गर्भाशय और फैलोपियन ट्यूब की जांच

Dr. Shobha Gupta कहती है, “कुछ महिलाओं में HSG (Hysterosalpingography), HyCoSy या जरूरत पड़ने पर हिस्टेरोस्कोपी की जाती है। ये चेकअप बताते हैं कि यूटरस में कोई समस्या तो नहीं, फैलोपियन ट्यूब में रुकावट तो नहीं और गर्भाशय भ्रूण प्रत्यारोपण यानी एम्ब्रियो ट्रांसफर के लिए तैयार है या नहीं। हालांकि, IVF में फैलोपियन ट्यूब की ज्यादा जरूरत नहीं होती, लेकिन फिर भी कुछ मामलों में यह चेकअप कराना महत्वपूर्ण होता है।”

पुरुष के लिए कौन-कौन से टेस्ट जरूरी हैं?

Dr. Shobha Gupta ने कहा, “आमतौर पर लोग मानते हैं कि IVF से पहले सिर्फ महिलाओं को ही टेस्ट होते हैं, जबकि IVF की सफलता पुरुषों पर भी निर्भर करती है। इसलिए IVF से पहले पुरुषों के कुछ जरूरी टेस्ट कराने चाहिए।”

1. सीमेन एनालिसिस

StatPearls Publishing के मुताबिक, सीमन एनालिसिस से पुरुषों की फर्टिलिटी चेक होती है। इस जर्नल में बताया गया है कि बांझपन के करीब 30 फीसदी मामलों में सिर्फ पुरुष इनफर्टिलिटी जिम्मेदार होती है। IVF से पहले फर्टिलिटी चेक करने के लिए सीमन सैंपल लिया जाता है और उसे लैब में चेक किया जाता है। इसमें पुरुषों के सीमन की संरचाना, प्रोस्टेट, सेमिनल वेसिकल्स और बल्बोयूरेथ्रल ग्रंथियों से निकलने वाला स्त्राव भी शामिल होता है। सीमन एनालिसिस में सीमन की मात्रा, स्पर्म की कुल संख्या, स्पर्म की गतिशीलता और बनावट की जांच की जाती है।

2. स्पर्म डीएनए फ्रेगमेंटेशन टेस्ट (Sperm DNA Fragmentation Test)

Dr. Shobha Gupta ने कहा, “कुछ पुरुषों में सामान्य सीमेन रिपोर्ट आने के बावजूद भी प्रेग्नेंसी नहीं हो पाती। कई मामलों में महिलाओं को मिसकैरेज हो सकती है। ऐसी कंडीशन में स्पर्म डीएनए फ्रेगमेंटेशन टेस्ट कराया जा सकता है। इससे स्पर्म की जेनेटिक क्वालिटी का पता चलता है और डॉक्टर तय करते हैं कि सामान्य IVF, ICSI या PICSI में से कौन-सी तकनीक बेहतर रहेगी।”

3. पुरुषों का हार्मोन टेस्ट

Dr. Shobha Gupta कहती हैं, “इसमें ब्लड टेस्ट होता है, जिसके जरिए पुरुषों के शरीर में मुख्य हार्मोन्स के स्तर की जांच की जाती है। ब्लड में मौजूद कुल टोटल टेस्टोस्टेरोन हार्मोन की मात्रा, फ्री टेस्टोस्टेरोन, LH, FSH और सेक्स हार्मोन बाइंडिंग ग्लोबुलिन चेक किया जाता है।”

pmos in ivf

यह भी पढ़ें- IVF vs IUI: फर्टिलिटी एक्सपर्ट से जानें किन कपल्स के लिए कौन सा इलाज है बेहतर

दोनों पार्टनर के लिए कौन-कौन से टेस्ट जरूरी हैं?

Dr. Shobha Gupta ने कहा, “IVF शुरू करने से पहले दोनों की कुछ ब्लड जांच जरूरी होती हैं। इसमें एचआईवी (HIV), हेपेटाइटिस B, हेपाटाइटिस C, सिफलिस, ब्ल्ड ग्रुप और Rh Factor शामिल है।“

क्या सभी रिपोर्ट सामान्य होने पर IVF सफल हो जाता है?

Dr. Shobha Gupta ने बताया कि सभी चेकअप सही होने के बावजूद IVF की सफलता की गारंटी नहीं है, क्योंकि IVF की सफलता महिला की उम्र, एग्स, स्पर्म और एम्ब्रियो की क्वालिटी, यूटरस की कंडीश और लाइफस्टाइल पर भी निर्भर करती है। महिला की मेडिकल हिस्ट्री पर काफी बातें निर्भर करती है।

निष्कर्ष
IVF कई स्टेज पर किया जाता है और इसकी शुरुआत करने से पहले कपल के टेस्ट कराना जरूरी हो जाता है। अगर महिला और पुरुष के टेस्ट सही तरीके से हो जाए, तो IVF की सफलता का दर बढ़ सकता है। इसके अलावा, टेस्ट के बाद ही डॉक्टर फैसला करते हैं कि किस तरह का इलाज होना चाहिए।

All Image Credit: Magnific

FAQ

  • IVF से जुड़े सभी मेडिकल टेस्ट्स में कुल कितना समय लगता है?

    इन टेस्ट्स की रिपोर्ट्स आने में आमतौर पर 3 से 7 दिन का समय लगता है। रिपोर्ट्स नॉर्मल आने के बाद अगले पीरियड्स साइकिल से IVF के इंजेक्शन और ट्रीटमेंट शुरू कर दिया जाता है।
  • क्या महिला के ब्लड टेस्ट पीरियड्स के किसी खास दिन ही कराने होते हैं?

    कुछ हार्मोनल टेस्ट जैसे कि FSH, LH और Estradiol (E2) का सही रिजल्ट पीरियड्स के दूसरे या तीसरे दिन ही आता है। हालांकि, AMH टेस्ट पीरियड्स के किसी भी दिन कराया जा सकता है।

Read Next

IVF vs IUI: फर्टिलिटी एक्सपर्ट से जानें किन कपल्स के लिए कौन सा इलाज है बेहतर

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Aneesh Rawat

Aneesh Rawat

Chief Sub Editor

अनीश रावत को हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 16+ साल का अनुभव है। फिलहाल जागरण न्यू मीडिया के Onlymyhealth में चीफ सब एडिटर हैं। महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, मेडिटेशन और योग पर Research based, doctor verified और SEO फ्रेंडली लेख लिखने में विशेषज्ञ हैं। न्यूज 24, ऑल इंडिया रेडियो और ThinkRight मेडिटेशन ऐप जैसे भरोसेमंद platforms पर काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Jul 27, 2026 19:41 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dr Shobha Gupta

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content