कई लोगों को होठों के फटने या पपड़ी जमा होने जैसी समस्याएं होने लगती हैं, खासकर सर्दियों में। ऐसे में कई बार तो लिप बाम लगाने के बाद भी यह समस्या बनी रहती है, लेकिन ऐसा क्यों होता है? यह सवाल अक्सर लोगों के मन में उठता है। आइए इस बारे में Dr. Sunil Kumar Prabhu, Consultant dermatologist and Aesthetic Physician, Aster RV Hospital, Bengaluru से जानें।
बार-बार होंठ क्यों छिलने लगते हैं?
डॉ. सुनील कुमार प्रभु के अनुसार, होठों का बार-बार छिलना एक आम समस्या है, जो रूखेपन, मौसम में बदलाव, डिहाइड्रेशन, बार-बार होंठ चाटने या कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स से होने वाली जलन के कारण हो सकती है। शरीर के अन्य हिस्सों की त्वचा से उलट, होठों की प्रोटैक्टिव लेयर पतली होती है और उनमें तेल ग्रंथियां (oil glands) नहीं होती हैं, जिससे वे नमी खोने के प्रति ज्यादा सेंसिटिव हो जाते हैं। लिप बाम लगाने से राहत मिल सकती है, लेकिन यह लगातार छिलने के असल कारण को दूर नहीं कर सकता है।
होंठ चाटने की आदत
डॉ. सुनील कुमार आगे कहते हैं, सबसे आम कारणों में से एक है बार-बार होंठ चाटना। हालांकि इससे अस्थायी रूप से रूखेपन से राहत मिल सकती है, लेकिन लार जल्दी सूख जाती है और होठों को और भी ज्यादा ड्राई बना सकती है।
मौसम में बदलाव
ठंडे मौसम, ड्राई हवा, धूप और एयर कंडीशनिंग के संपर्क में आने से भी होंठ फट सकते हैं। ऐसे में होठों को नियमित रूप से मॉइस्चराइज रखने की कोशिश करें।
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पानी की कमी
शरीर में पानी की कमी होने पर होठों के सूखने और नमी के कम होने की समस्या हो सकती है। ऐसे में इससे बचने के लिए शरीर को हाइड्रेट रखना और दिनभर में पर्याप्त पानी पीना जरूरी है।
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कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल के कारण
कुछ लिपस्टिक, खुशबू वाले लिप बाम, टूथपेस्ट के तत्व और स्किन केयर प्रोडक्ट्स जलन या एलर्जी पैदा कर सकते हैं, जिससे होठों के बार-बार छिलने, रेडनेस और बेचैनी होने जैसी समस्याएं हो सकती है।
क्या कहती है स्टडी?
साल 2018 में Acta Clinica Croatica में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, होठों पर पपड़ी जमने या छिलने की समस्या बार-बार जीभ से होंठ चाटने और काटने, ठंडा-शुष्क मौसम और शरीर में आयरन, जिंक या विटामिन-B की कमी जैसे कारणों से होती है। इसके अलावा, कुछ कॉस्मेटिक्स या टूथपेस्ट से एलर्जी, मुंहासों की दवाएं (जैसे आइसोट्रेटिनॉइन), फंगल या बैक्टीरियल इंफेक्शन, धूप की यूवी (UV) किरणें, मुंह खोलकर सांस लेने और तनाव भी होंठों की नमी छीनकर उन्हें रूखा और बेजान बना देते हैं।
होठों को फटने से बचाने के लिए क्या करें?
डॉ. सुनील कुमार का कहना है, लिप बाम तब सबसे अच्छा काम करता है, जब यह होठों में नमी बनाए रखने में मदद करता है। पेट्रोलियम जेली युक्त एक आम, सुगंध रहित प्रोडक्ट त्वचा की प्रोटैक्टिव लेयर की रक्षा करने में मदद कर सकता है।
इसे दिन में कई बार, खासकर सोने से पहले लगाने से रूखेपन में सुधार हो सकता है। दिन के दौरान, सन प्रोटेक्शन वाला लिप बाम लगाने से धूप से होने वाले नुकसान से बचाव हो सकता है।
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मेडिकल कंडीशन्स हो सकती हैं कारण
डॉ. सुनील का कहना है, अगर होठों का छिलना किसी मेडिकल समस्या के कारण हो रहा है, तो सिर्फ लिप बाम लगाना पर्याप्त नहीं हो सकता है। लगातार बने रहने वाले लक्षण कभी-कभी एक्जिमा, कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस, इंफेक्शन या पोषक तत्वों की कमी, जैसे कि आयरन और कुछ बी विटामिन की कमी से जुड़े हो सकते हैं।
सावधानियां
डॉ. सुनील बताती हैं, यह भी जरूरी है कि ढीली त्वचा को छीलने या काटने से बचें, क्योंकि इससे जलन बढ़ सकती है और घाव भरने में देरी हो सकती है। स्क्रब से होठों को एक्सफोलिएट करना या नींबू का रस या अन्य हार्ड घरेलू उपायों को लगाने से समस्या और भी बिगड़ सकती है।
डॉक्टर से सलाह कब लें?
डॉ. सुनील कहते हैं, बार-बार होठों का छिलना, खासकर जब मुंह के कोनों पर दरारें, सूजन, खून आना या लगातार रेडनेस हो, तो सिर्फ लिप बाम बदलने के बजाय डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी हो सकता है।
अगर नियमित रूप से मॉइस्चराइज करने के बावजूद होठों का छिलना जारी रहता है, बार-बार होता है या दो से तीन हफ्ते के अंदर सुधार नहीं होता है, तो कारण का पता लगाने और सही इलाज के लिए डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लें। लगातार बनी रहने वाली खुरदरी, पपड़ीदार या परतदार त्वचा, खासकर निचले होंठ पर, की जल्द से जल्द जांच करानी चाहिए।
ध्यान रहे, स्वस्थ होठों के लिए सिर्फ अस्थायी मॉइस्चराइजिंग पर्याप्त नहीं है। कारण का पता लगाना, होठों की प्रोटैक्टिव लेयर की रक्षा करना और मेडिकल समस्या का समाधान करना बार-बार होने वाली त्वचा की पपड़ी को रोकने के लिए जरूरी है।
निष्कर्ष
होठों का फटना या छिलना ड्राइनेस, मौसम में बदलाव, डिहाइड्रेशन, बार-बार होंठ चाटने या कुछ कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स की एलर्जी के कारण हो सकता है, क्योंकि होठों की त्वचा बहुत पतली होती है और उनमें तेल ग्रंथियां नहीं होती हैं। लिप बाम से अस्थायी राहत मिल सकती है, लेकिन पपड़ीदार त्वचा को खींचने या नींबू जैसे घरेलू उपाय आजमाने से समस्या और बढ़ सकती है।
अगर नियमित मॉइस्चराइजिंग के बाद भी 2-3 हफ्तों में सुधार न हो या खून आने व सूजन जैसी समस्या बनी रहे, तो यह एक्जिमा या पोषक तत्वों की कमी का संकेत हो सकता है, इसलिए तुरंत डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लेनी चाहिए।
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FAQ
होठों को हेल्दी रखने के लिए क्या करें?
होठों को हेल्दी रखने के लिए दिनभर में पर्याप्त पानी पिएं, मॉइस्चराइजर या लिप बाम लगाएं, धूप से बचाव करें, हफ्ते में एक बार होठों को एक्सफोलिएट करें और बैलेंस डाइट लें।होठों की पपड़ी कैसे हटाएं?
होठों की पपड़ी को हटाने के लिए इनको एक्सफोलिएट करें। इसके लिए शहद और चीनी का स्क्रब और चावल का पेस्ट इस्तेमाल किया जा सकता है।
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Oct 30, 2026 22:28 IST
Published By : Priyanka Sharma
Reviewed By : Dr Sunil Kumar Prabhu
