Fri Sep 11, 2026 | 08:19 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shobha Gupta , Medical Director and IVF Consultant

क्या वजाइना को नैचुरली टाइट किया जा सकता है? मानें डॉक्टर की सलाह

हर महिला के मन में यह सवाल होता होगा कि क्या वाकई वजाइना को नैचुरली टाइट किया जा सकता है? अगर आप भी यह जानना चाहती हैं, तो मानें एक्सपर्ट की बात।

हर महिला को अपनी वजाइनल हेल्थ पर ध्यान देना चाहिए। वजाइनल हेल्थ सही रहती है, तो इससे उनकी सेहत भी सही रहती है। विशेषज्ञों की मानें, तो वजाइनल हेल्थ सही रहती है, तो पेल्विक हेल्थ पर इसका पॉजिटिव असर पड़ता है। साथ ही स्ट्रेस इनकॉन्टिनेंस (खांसने, छींकने या हंसने पर पेशाब निकल जाना) को रोकने के लिए पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को मजबूत होना जरूरी होता है। इसमें भी वजाइनल हेल्थ का महत्वपूर्ण रोल होता है। यही कारण है कि अक्सर महिलाएं वजाइना को टाइट करने के लिए तरह-तरह की एक्सरसाइज करती हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या योनि को नैचुरल तरीके से टाइट किया जा सकता है? आइए, जानते हैं Mumma's Blessing IVF और वृंदावन स्थित Birthing Paradise की Medical Director and IVF Specialist डॉ. शोभा गुप्ता की राय।

क्या वजाइना को नैचुरली टाइट किया जा सकता है?

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बढ़ती उम्र के साथ महिलाओं की योनि ढीली हो जाती है। यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिसे आप रोक नहीं सकते हैं। जिस तरह हमारी त्वचा अपनी नैचुरल इलास्टिसिटी खो देती है, उसी तरह योनि पर भी बढ़ती उम्र का असर देखने को मिलता है। जहां तक सवाल इस बात का है कि क्या नैचुरली वजाइना टाइट की जा सकती है? इस बारे में डॉक्टर का कहना है, "आमतौर पर टाइट योनि को सेक्शुअली सैटिस्फैक्शन के साथ जोड़कर देखा जाता है। महिलाएं कुछ एक्सरसाइज की मदद से वजाइना को टाइट कर सकती हैं।" एनसीबीआई की एक रिपोर्ट भी यह कहती है कि लूज वजाइना या वजाइनल वॉल को टाइट करने से महिलाओं की सेक्शुअल हेल्थ और क्वालिटी लाइफ में सुधार देखने को मिलता है।

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ढीली योनि के कारण

बढ़ती उम्रः जैसे-जैसे उम्र बढ़ती जाती है, महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन का प्रोडक्शन कम होने लगता है। ऐसे में प्राकृतिक रूप से योनि की इलास्टिसिटी कम हो जाती है और वह ढीली होने लगती है।

मेनोपॉजः महिलाओं में होने वाला यह भी एक प्राकृतिक बदलाव है। मेनोपॉज वह चरण होता है, जब महिलाओं के पीरियड्स पूरी तरह से बंद हो जाते हैं। ऐसा आमतौर पर 40 साल की उम्र के बाद कभी भी हो सकता है। कुछ महिलाओं को देरी से मेनोपॉज होता है, जो कि पूरी तरह नॉर्मल है। मेनोपॉज की वजह से हार्मोनल बदलाव होने लगते हैं, जो कि ढीली योनि का बड़ा कारण होते हैं।

डिलीवरीः गर्भावस्था के दौरान जैसे-जैसे शिशु का साइज बढ़ता जाता है, वैसे-वैसे गर्भाशय का आकार भी बढ़ता है। वजाइनल डिलीवरी के दौरान वजाइनल कनाल का मुंह काफी ज्यादा खुलता है। नतीजतन योनि ढीली हो जाती है।

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योनि को नैचुरली टाइट कैसे करें?

योनि को नैचुरली टाइट करने के लिए आप कीगल एक्सरसाइज कर सकती हैं। इससे आपके पेल्विक ऑर्गन को सपोर्ट मिलता है, पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को मजबूती मिलती है। इसे आप करने के लिए यहां बताए गए टिप्स अपनाएं-

  • सबसे पहले पेशाब को रोकने के लिए जिस तरह मांसपेशियों पर दबाव डालते हैं, उसी तरह पेल्विक मांसपेशियों को सिकोड़ें यानी टाइट करें।
  • इस संकुचन को 3 से 5 सेकंड तक होल्ड करके रखें।
  • इतनी ही देर के लिए इसे ढीला भी छोड़ें।
  • अब इस प्रक्रिया को तीन बार दोहराएं। 
  • आप सुबह, दोपहर और रात कभी भी इसे कर सकती हैं।
  • हर बार इस प्रक्रिया को कम से कम 10-10 बार दोहराएं।

निष्कर्ष

बढ़ती उम्र की प्रक्रिया को रोका जाना संभव नहीं है। हां, आप इस प्रक्रिया की गति को सही जीवनशैली की मदद से धीमा कर सकते हैं। सेक्शुअल हेल्थ के लिए भी योनि का टाइट होना जरूरी होता है। माना जाता है कि योनि टाइट होती है, जो सेक्शुअल रिलेशनशिप में सुधार करता है। इसके अलावा, आप अपने वजन को कंट्रोल करने भी अपने योनि स्वास्थ्य में सुधार कर सकते हैं।

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FAQ

  • प्राइवेट पार्ट को मजबूत कैसे बनाएं?

    प्राइवेट पार्ट को हेल्दी रखने के लिए संतुलित आहार लें, वजन को संतुलित रखें, रेगुलर एक्सरसाइज करें, तनाव कम लें और रात को गहरी नींद लें। इसके अलावा, शराब या धूम्रपान की लत को पूरी तरह छोड़ दें।
  • महिलाओं में यूटीआई के क्या लक्षण होते हैं?

    महिलाओं में यूटीआई होने पर कई लक्षण नजर आते हैं, जैसे पेशाब करते समय जलन महसूस होना, बार-बार पेशाब आना, बार-बार थोड़ी मात्रा में पेशाब आना, पेशाब से बदबू आना और पेल्विक एरिया में दर्द होना।
  • यूटीआई होने पर कहां दर्द होता है?

    यूटीआई होने पर गुप्तांग में दर्द होता है और पेशाब में जलन होने लगती है। कुछ मामलों में मरीज को कमर या पीठ के निचले हिस्से में दर्द होता है।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Jan 31, 2026 18:57 IST

    Modified By : Meera Tagore
  • Jan 31, 2026 18:57 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dr Shobha Gupta

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