पाइल्स गुदा (Anus) या निचले मलाशय के आसपास नसों में सूजन को कहा जाता है। इसकी वजह से दर्द, खुजली और कभी-कभी खून भी आने लगता है। जानकारी के लिए बता दें कि पाइल्स को हम बवासीर भी कहते हैं। देखा जाता है कि जिन लोगों को कब्ज की समस्या होती है, उनमें अधिकतर पाइल्स की प्रॉब्लम देखने को मिलती है। हालांकि, डाइट में फाइबर की कमी भी इसके लिए जिम्मेदार मानी जा सकती है। कुछ लोगों का मानना है कि अधिक मात्रा में मिर्ची खाने से भी पाइल्स हो सकती है। ऐसे में यह जान लेना जरूरी है कि क्या यह मिथक है या वाकई इस बात में कोई सच्चाई है। इस बारे में जानने के लिए हमने Divya Gandhi's Diet & Nutrition Clinic की डायटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट दिव्या गांधी से बात की।
क्या मिर्ची खाने से बवासीर होता है?- Can Eating Too Much Chilli Cause Hemorrhoids
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निश्चित रूप से बवासीर एक खतरनाक स्थिति है। इसकी वजह है कि व्यक्ति के लिए चलना-फिरना यहां तक कि सही से बैठना भी मरीज के लिए दूभर हो जाता है। इसलिए, जब भी किसी को पाइल्स हो जाए, तो उन्हें इस संबंध में लापरवाही नहीं करनी चाहिए। बहरहाल, सवाल ये है कि क्या मिर्ची खाने से पाइल्स होता है? इस बारे में डायटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट दिव्या गांधी का कहना है, "मिर्ची खाने से पाइल्स नहीं होता है। हां, यह इनडाइरेक्टली याली अप्रत्यक्ष रूप से मिर्ची खाना बवासीर होने का एक कारण हो सकता है।" डायटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट दिव्या गांधी आगे समझाती हैं, "जब रेक्टल वेन्स पर असर पड़ता है, तब बवासीर होता है। ऐसा क्रॉनिक कब्ज, मोटापा, प्रेग्नेंसी और खराब जीवनशैली की वजह से हो सकता है। इसके अलावा, बाउल मूवमेंट के दौरान गूदा पर दबाव पड़ने के कारण भी हो सकता है, लेकिन मिर्ची को इसके लिए पूरी तरह जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है।"
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मिर्च खाने से बवासीर पर क्या असर पड़ता है
बवासीर होने के बावजूद मिर्च खाना कम नहीं करते हैं, तो यह सही नहीं है। इसकी वजह से मरीज को प्रभावित हिस्से में जलन, खुजली और दर्द हो सकता है। NCBI की मानें तो मिर्च में कैप्साइसिन नाम का कंपाउंड होता है। यह रेक्टल लाइनिंग की सेंसिटिव स्किन पर जलन और खुजली को ट्रिगर करता है। ऐसे में जरूरी है कि बवासीर के मरीज इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करें।
बवासीर में कितनी मात्रा में मिर्च खाना सेफ है?
वैसे तो यह स्पष्ट है कि मिर्च खाने से बवासीर नहीं होता है, लेकिन इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता है कि मिर्च खाने से कंडीशन ट्रिगर हो सकती है। इसलिए, अगर किसी को बवासीर है, तो बेहतर है कि वो मिर्च को अपनी डाइट से पूरी तरह बाहर निकाल दे। इसके अलावा, स्पाइसी फूड का सेवन भी न करें। इसके बजाय, बवासीर के मरीजों को पर्याप्त मात्रा में फाइबर का सेवन करना चाहिए ताकि कब्ज और डायरिया न हो।
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निष्कर्ष
बवासीर एक गंभीर समस्या है। इस तरह की कंडीशन व्यक्ति की रोजमर्रा की जिंदगी को भी प्रभावित करता है। इससे बचने के लिए जरूरी है कि व्यक्ति अपना प्रॉपर ट्रीटमेंट करवाए और खानपान की सही आदतों को आपनाएं। जैसे हाई फाइबर फूड अच्छे विकल्प हो सकते हैं। इसके साथ-साथ डाइट में ज्यादा से ज्यादा मात्रा में फ्लूइड चीजें शामिल करें। इसके लिए दिन भर में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और कैफीन का सेवन भी कम करें।
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FAQ
एक दिन में कितनी हरी मिर्च खा सकते हैं?
एक स्वस्थ व्यक्ति को एक दिन में महज 1 से 3 हरी मिर्च खानी चाहिए। इससे ज्यादा हरी मिर्च खाने से पेट में जलन, एसिडिटी या अल्सर जैसी समस्याएं हो सकती हैं।क्या हरी मिर्च कब्ज के लिए खराब है?
हरी मिर्च से पाचन रस के प्रोडक्शन को बढ़ावा देता है। इसका मतलब है कि हरी मिर्च पाचन क्रिया केलिए बेहतर है। इस तरह हरी मिर्च खाने से ब्लोटिंग और कब्ज की समस्या दूर होती है।बवासीर में लहसुन खाना चाहिए या नहीं?
हां, बवासीर में लहसुन में खाया जा सकता है। दरअसल इसमें पाया जाने वाले एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल गुण बवासीर के चलते होने वाले दर्द को और सूजन को कम करने में मदद करता है।
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Jan 18, 2026 10:45 IST
Modified By : Meera Tagore Jan 18, 2026 10:45 IST
Modified By : Meera TagoreJan 18, 2026 10:45 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dt Divya Gandhi