पचास की उम्र के बाद कैसा हो आहार

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
May 25, 2013
Quick Bites

  • बढ़ती उम्र के साथ रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है।
  • स्‍वस्‍थ और पोषणयुक्‍त आहार की आवश्‍यकता होती है।
  • डेयरी उत्‍पाद, मांस और तले हुए खाद्य-पदार्थों से दूरी बनाये।
  • आहार योजना में फाइबर का भी महत्‍वपूर्ण स्‍थान होता है।

उम्र बढ़ने का असर स्‍वास्‍थ्‍य पर पड़ता है। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती जाती है रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती जाती है और शरीर को ज्‍यादा पोषण की आवश्‍यकता होती है। खासकर 50 साल की उम्र पार करने के बाद आदमी को कई बीमारियां हो चुकी होती हैं और वह उनके इलाज के लिए कई प्रकार की दवाइयों का सेवन करता है।

 

पचास साल के पहले भले ही आपकी दिनचर्या जैसी रही हो लेकिन इस उम्र को पार करने के बाद आपको ज्‍यादा ध्‍यान देने की जरूरत होती है। इस समय शरीर भी ज्‍यादा एक्टिव नही रहता है। इन सबकी कमी को पूरी करने के लिए आपको स्‍वस्‍थ और पोषणयुक्‍त आहार की आवश्‍यकता होती है। इसलिए ऐसा डाइट चार्ट बनाइए जो आपके शरीर की हर आवश्‍यकता को पूरी कर सके। आइए हम आपको कुछ सुझाव दे रहे हैं।

diet chart for 50 years people in hindi

कोलेस्‍ट्रॉल और संतृप्‍त वसा -

50 साल की उम्र के बाद आदमी के स्‍वास्‍थ्‍य की सबसे बड़ी चिंता कोलेस्‍ट्रॉल के स्‍तर को लेकर होती है। कोलेस्‍ट्रॉल अच्‍छे और बुरे दोनों तरह से आता है। अच्‍छे कोलेस्‍ट्रॉल को एचडीए और बुरे कोलेस्‍ट्रॉल को एलडीएल कहते हैं। जिन खाद्य-पदार्थों में वसा की मात्रा ज्‍यादा होती है उनमें कोलेस्‍ट्रॉल भी उच्‍च होता है। डेयरी उत्‍पाद, मांस और तले हुए खाद्य-पदार्थों में कोलेस्‍ट्रॉल ज्‍यादा होता है। इसलिए 50 साल की उम्र के बाद ऐसे खाद्य-पदार्थों को खाने से बचना चाहिए। अगर कोलेस्‍ट्रॉल का स्‍तर बढ़ गया है तो उसे कम करने के लिए आमेगा-3 फैटी एसिड युक्‍त खाद्य-पदार्थ खाना चाहिए। मछली, जैतून का तेल इसमें आपकी मदद कर सकते हैं।


फाइबर -

आपकी आहार योजना में फाइबर का महत्‍वपूर्ण स्‍थान होता है खासकर 50 की उम्र पार करने के बाद। फाइबर मुख्‍यत: दो प्रकार का होता है - घुलनशील फाइबर और अघुलनशील फाइबर। अघुलनशील फाइबर आपके पाचन तंत्र को बेहतर विनियमित करने में मदद करता है। जबकि अघुलनशील फाइबर शुगर को नियंत्रित करता है और कोलेस्‍ट्रॉल को कम करता है। 50 साल की उम्र के बाद आदमी को कम से कम 38 ग्राम फाइबर का सेवन करना चाहिए। इसके लिए साबुत अनाज, सफेद ब्रेड, पास्‍ता और चावल खाना चाहिए।


फल और सब्जियां -

उम्र बढ़ने के साथ-साथ ताजे फलों और हरी सब्जियों के सेवन करने की मात्रा को बढ़ा देना चाहिए। फल और हरी सब्जियां में प्राकृतिक मिनरल और विटामिन होता है जो शरीर के लिए बहुत आवश्‍यक है। संतरा और स्‍ट्रॉबेरी में विटामिन सी, केले में मैग्‍नीशियम, पालक में आयरन और टमाटर में लाइकोपीन सहित अन्‍य पोषक तत्‍व पाये जाते हैं। इसलिए 50 साल की उम्र के बाद नियमित रूप से कम से कम 2 कप फल और 3 कप हरी सब्जियों क सेवन करना चाहिए। इससे बीमारियों के होने का खतरा कम होता है और शरीर स्‍वस्‍थ रहता है।

इस उम्र में स्‍वस्‍थ रहने के लिए इन तरीकों के आलावा नियमित रूप से व्‍यायाम और योगा कीजिए। फास्‍ट फूड और जंक फूड से परहेज कीजिए और नियमित चेकअप कराइए।

इस लेख से संबंधित किसी प्रकार के सवाल या सुझाव के लिए आप यहां पोस्‍ट/कमेंट कर सकते हैं।

Image Source : Getty

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