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मसूड़ों में ब्लीडिंग और बार-बार सूजन हो सकता है मसूड़ों के कैंसर का संकेत, जानें इसके कारण और इलाज

मसूड़ों का कैंसर होने पर आपके मसूड़ों में बार-बार सूजन और ब्लीडिंग की समस्या हो सकती है, जानें मसूड़ों के कैंसर का कारण और इलाज। 

Prins Bahadur Singh
Written by: Prins Bahadur SinghPublished at: Apr 12, 2022Updated at: Apr 12, 2022
मसूड़ों में ब्लीडिंग और बार-बार सूजन हो सकता है मसूड़ों के कैंसर का संकेत, जानें इसके कारण और इलाज

मुंह की सही ढंग से साफ-सफाई न होने की वजह से आपको ओरल हेल्थ से जुड़ी कई गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। मुंह, दांत और मसूड़ों से जुड़ी समस्याओं को नजरअंदाज करने से आपको गंभीर समस्याएं हो सकती हैं और आगे चलकर ये समस्याएं जानलेवा बन जाती हैं। मसूड़ों में बार-बार सूजन होना, ब्लीडिंग और इससे जुड़ी कई अन्य समस्याएं मसूड़ों के कैंसर का संकेत हो सकती हैं। मसूड़ों का कैंसर (Gum Cancer in Hindi) होने पर आपके दांत और मुंह में कई गंभीर समस्याएं होती हैं। मसूड़ों का कैंसर दरअसल एक तरह का स्किन कैंसर है जिसे मेडिकल साइंस की भाषा में स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा के नाम से भी जाना जाता है। इस समस्या में आपके दांत की फिटिंग खराब हो सकती है और मसूड़ों पर गांठ या घाव हो सकता है। मसूड़ों में लगातार ब्लीडिंग, सूजन और घाव, दर्द बने रहने पर इसकी संभावना होती है। इस समस्या में दिखने वाले घाव लाल रंग के होते हैं और काफी गंभीर हो सकते हैं। कई बार सही तरीके से ब्रश न करने से, खानपान में असंतुलन और लाइफस्टाइल से जुड़े कारणों की वजह से आपको मसूड़ों के कैंसर की समस्या हो सकती है। आइये विस्तार से जानते हैं मसूड़ों के कैंसर के लक्षण, कारण और इलाज के बारे में।

मसूड़ों का कैंसर कैसे होता है? (What Causes Gum Cancer in Hindi?)

मसूड़ों का कैंसर होने पर मस्दों में असामान्य रूप से कैंसर की कोशिकाएं बढ़ने लगती हैं और ये आगे चलकर ट्यूमर या कैंसर की समस्या का कारण बनती हैं। बाबू इश्वर शरण हॉस्पिटल के ईएनटी स्‍पेशल‍िस्‍ट डॉ एए खान के मुताबिक यह समस्या मसूड़ों के उस हिस्से में ज्यादातर होती है जो दांतों से जुड़े हुए होते हैं। भारत में ओरल कैंसर की समस्या एक बड़ी समस्या है और देश में होने वाले कैंसर में तीसरे स्थान पर मुंह में होने वाला कैंसर है। सही समय पर इसका इलाज न होने पर यह समस्या जानलेवा हो सकती है। मसूड़ों के कैंसर की समस्या के सटीक कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हैं लेकिन कुछ ऐसे कारण हैं जिसकी वजह से यह समस्या बढ़ सकती है। मसूड़ों में घाव होने पर, एलर्जी, सही तरीके से ब्रश न करने की वजह से या कोशिकाओं के डीएनए में बदलाव होने के कारण भी मसूड़ों के कैंसर की समस्या हो सकती है। मसूड़ों का कैंसर होने का एक प्रमुख कारण तंबाकू और शराब का अत्यधिक मात्रा में सेवन करना भी है। मसूड़ों के कैंसर की समस्या के कुछ प्रमुख कारण इस प्रकार से हैं।

  • वायरस और बैक्टीरिया के संपर्क में आने की वजह से मसूड़ों के कैंसर का खतरा बना रहता है।
  • ओपिस्थोरकिस विवेररिनी और क्लोनोरकिस सिनेंसिस नामक परजीवियों के कारण मसूड़ों के कैंसर की समस्या।
  • अल्कोहल का अधिक मात्रा में सेवन करने की वजह से भी गम कैंसर का खतरा।
  • खानपान में गड़बड़ी के कारण मसूड़ों का कैंसर।
  • ह्यूमन पेपिलोमा वायरस (एचपीवी) के संक्रमण की वजह से।
  • सही ढंग से मुंह की साफ-सफाई न करने की वजह से मसूड़ों का कैंसर।
  • तंबाकू उत्पादों का सेवन करने से।
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मसूड़ों के कैंसर का लक्षण (Gum Cancer Symptoms in Hindi)

मसूड़ों का कैंसर होने पर आपको मुंह और मसूड़ों से जुड़ी कई समस्याएं होती हैं। इस बीमारी में दिखने वाले लक्षण ओरल कैंसर के लक्षण के समान ही होते हैं। मसूड़ों का कैंसर होने पर दिखने वाले लक्षण इस प्रकार से हैं।

  • मसूड़ों से खून बहना या ब्लीडिंग
  • मसूड़ों में बार-बार सूजन होना
  • मसूड़ों का फटना
  • खाने में दिक्कत
  • दांतों की फिटिंग खराब होना
  • लिम्फ नोड्स की सूजन
  • मसूड़ों का मोटा होना
  • टॉन्सिल्स में दर्द
  • गले में छाले और दर्द होना
  • वजन कम होना

मसूड़ों के कैंसर का इलाज (Gum Cancer Treatment)

मसूड़ों का कैंसर होने पर सबसे पहले आपको डॉक्टर की सलाह के बाद जांच करानी चाहिए। शुरूआती समय में इसके लक्षणों को पहचानकर अगर आप डॉक्टर की सलाह लेते हैं तो आसानी से इसका इलाज कर समस्या से छुटकारा पा सकते हैं। ट्रीटमेंट के दौरान डॉक्टर आपको खानपान और लाइफस्टाइल से जुड़े कुछ नियमों के बारे में बता सकते हैं जिसका आपको पालन जरूर करना चाहिए। कुछ मामलों में मसूड़ों के कैंसर के इलाज के लिए सर्जरी का सहारा लेना पड़ता है। सर्जरी इस बात को ध्यान में रखकर की जाती है कि कैंसर ऊपरी मसूड़ों में है या निचले मसूड़ों में। मसूड़े के कैंसर के उपचार में मैक्सिलेक्टॉमी सर्जरी का इस्तेमाल ऊपरी मसूड़ों के लिए किया जाता है और निचले मसूड़ों के लिए डॉक्टर मैंडिबुलेक्टॉमी का सहारा लेते हैं।

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मसूड़ों के कैंसर के कारणों के बारे में जानकारी होने पर आप इससे बचाव के लिए जरूरी कदम उठा सकते हैं। मसूड़ों के कैंसर के जोखिम को कम करने के लिए आपको खानपान और लाइफस्टाइल में सुधार करना चाहिए। सिगरेट और तंबाकू उत्पादों का सेवन और शराब के अत्यधिक सेवन की वजह से आपको यह समस्या हो सकती है। किसी भी तरह की परेशानी होने पर या मसूड़ों के कैंसर के लक्षण दिखने पर आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

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