गर्दन दर्द से राहत पाने के लिए करें ग्रीवा शक्ति विकासक योगासन, जानें इसके फायदे और करने का तरीका

अगर आप भी गर्दन दर्द या सर्वाइकल से परेशान हैं तो ग्रीवा शक्ति विकासक योग आपके लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है। जानें इसके बारे में।

 
Kunal Mishra
Written by: Kunal MishraPublished at: May 06, 2021
गर्दन दर्द से राहत पाने के लिए करें ग्रीवा शक्ति विकासक योगासन, जानें इसके फायदे और करने का तरीका

सेहतमंद रहने के लिए नियमित रूप से योग करना बेहद जरूरी है। यह आपके शरीर को लचीला बनाने (To Make Body Flexible) के साथ ही कई बीमारियों से भी राहत दिलाते हैं। आज कल की भाग दौड़ भरी जिंदगी में लोग गर्दन दर्द, कमर दर्द और मांसपेशियों में दर्द आदि जैसी समस्याओं से ग्रस्त होते जा रहे हैं। इससे बचने के लिए योग और शारीरिक गतिविधियों में शामिल (Involve in Physical Activities) होना बेहद आवश्क है। ऐसे ही दर्द से राहत पाने के लिए हम आपको इस लेख के माध्यम से आपको एक खास योगासन के बारे में बताएंगे। क्या आपने कभी ग्रीवा शक्ति योगासन के बारे में सुना है। यह एक प्रकार का अभ्यास है, जो गले के लिए बहुत प्रमुख माना जाता है। इस योगासन की मदद से कमर, कंधों और मांसपेशियों के दर्द को ठीक करने में आपकी मदद करता है। हड्डियों की मजबूती और गतिशीलता को बढ़ाने के ले यह योगासन बेहद कारगर माना जाता है। यह आपके रक्त के प्रवाह को सुचारू रूप से कार्य करने की क्षमता देता है। आइये जानते हैं इस योग से होने वाले फायदे और विधि के बारे में। 

क्या है ग्रीवा शक्ति विकासक योगासन (What Is Griva Shakti Vikasak Yogasana)

यह एक प्रकार का योग है, जो मुख्य रूप से आपकी गर्दन को स्वस्थ और मजबूत बनाने में मदद करता है। ग्रीवा का अर्थ है गर्दन। लंबे समय तक एक ही स्थिति में आपकी गर्दन में दर्द होने लगता है, जिस कारण कई बार सर्वाइकल स्पॉंडिलाइटिस (Cervical Spondylitis) होने की भी आशंका रहती है। इस योग के अंतर्गत तितली आसन, ताड़ासन समेत अन्य भी कई आसन आते हैं। इसमें आपकी सांस का प्रवाह भी तेज गति से होता है, जो आपकी श्वसन प्रणाली को भी सुचारू रखता है। 

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1. सर्वाइकल स्पॉंडिलाइटिस से छुटकारा (Get Rid of Cervical Spondylitis)

आजकल की असंतुलित जीवनशैली के कारण सर्वाइकल ने बहुत से लोगों को अपनी जद में ले लिया है। सर्वाइकल की समस्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है। ग्रीवा शक्ति योगासन का निरंतर अभ्यास आपकी गर्दन के टिशू को स्वस्थ रखने में मदद करता है। सर्वाइकल की समस्या में गर्दन में अकड़न बन जाती है, जिस कारण गर्दन घुमाना तक मुश्किल हो जाता है। इस योग के अभ्यास में आपको अपनी गर्दन को कई बार चारों दिशाओं मे घुमाना होता है, जिससे गर्दन में लचीलापन (Flexibility) और गतिशीलता बरकरार रहती है। इस समस्या में रीढ़ की हड्डी (Spine) के साथ ही रक्त वाहनियों में कठोरपन आ जाता है। ग्रीवा योगासन इस समस्या से भी आपको राहत दिलाता है। 

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2. गर्दन को बनाए लचीला (Makes Neck Flexible) 

गर्दन को लचीली बनाने के लिए ग्रीवा शक्ति योगासन बहुत कारगर है। इसके अभ्यास से आपकी गर्दन का आकार भी बेहतर बनता है। इस योग को रोजाना करने से आपकी गर्दन में लचीलापन आता है, जिससे आप अपनी गर्दन को मोड़ने में अधिक सक्षम होते हैं। ऐसा करने से गर्दन में मौजूद टिशू भी स्वस्थ रहते हैं। अगर गर्दन को सुंदर और लचीली बनाना चाहते हैं तो इस योगासन को जरूर करें। 

3. स्ट्रेस कम करने में मददगार (Reduces Stress )

स्ट्रेस और योग का सीधा संबंध है। योग करने से निश्चित तौर पर आपका तनाव कम ही नहीं बल्कि दूर करता है। वज्रासन की अवस्था में यदि इस योग का अभ्यास किया जाए तो इससे आपका स्ट्रेस लेवल भी कम होता है। इस आसन को कहीं भी बैठकर किया जा सकता है। स्थाई रूप से स्ट्रेस से मुक्ति पाने के लिए इसका अभ्यास आपको रोजाना करना होगा।

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4. टॉंक्टिलाइटिस (Tonsillitis)

मानव शरीर में गले के दोनों ओर ओवल शेप के अंग मौजूद होते हैं, जो टॉंक्टिलाइटिस कहलाते हैं। यह एक असहनीय पीड़ा होने वाली समस्या है। टॉंसिल्स हमारे गले में बैक्टीरिया के प्रवेश को रोकने में मदद करता है। टॉंक्टिलाइटिस (Tonsillitis) की समस्या हो जाने पर ग्रीवा शक्ति योग आपके लिए प्रभावी साबित हो सकता है। इसका निरंतर अभ्यास करने से आप टॉंक्टिलाइटिस नामक बीमारी से निजात पा सकते हैं। इसके लिए दिन में 20 से 25 बार इस योग का अभ्यास करें। 

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जानें इसे करने की विधि (How to Do)

  • ग्रीवा शक्ति योगासन को आप बैठकर और खड़े होकर दोनों प्रकार से कर सकते हैं। 
  • अगर आप इसे बैठकर कर रहे हैं तो पहले वज्रासन की अवस्था में बैठ जाएं। 
  • अब सांस को अंदर लेते हुए गर्दन को उपर की ओर करें। अब सांस को छोड़ते हुए अपनी गर्दन को दाहिनी ओर मोड़ें। 
  • इसी तरह आप इस क्रिया का दिन भर में 10 से 15 बार अभ्यास कर सकते हैं। 
  • गर्दन को उपर करते हुए आंखों को भी उपर की ओर देखना है। 
  • ध्यान रहे कि इस स्थिति में आपकी रीढ़ की हड्डी सीधी होनी चाहिए। 

अगर आप भी सर्वाइकल स्पॉंडिलाइटिस से परेशान हैं तो लेख में दिए गए इस योगासन को जरूर करें। इससे आपको निश्चित रूप से फायदा मिलेगा। इसे करने के लिए आप लेख में दी गई विधि को अपना सकते हैं। 

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