अपने 3 साल से बड़े बच्चों को जरूर सिखाएं दूसरों बात करने से जुड़ी ये 7 अच्छी आदतें

3 साल की उम्र से ही बच्चों को बातचीत और बड़ो से व्यवहार कैसे करें इससे जुड़ी अच्छी बातें (गुड मैनर्स) जरूर सिखाना चाहिए।

Prins Bahadur Singh
Written by: Prins Bahadur SinghPublished at: Feb 16, 2022Updated at: Feb 16, 2022
अपने 3 साल से बड़े बच्चों को जरूर सिखाएं दूसरों बात करने से जुड़ी ये 7 अच्छी आदतें

बच्चों की परवरिश के दौरान उन्हें संस्कार और व्यवहार से जुड़ी जानकारियां जरूर देनी चाहिए। परवरिश के दौरान किसी भी तरह से बच्चों के संस्कार पर बुरा असर न पड़े इसका ध्यान जरूर रखना चाहिए। बच्चों को पचपन से ही गुड मैनर्स के बारे में जरूर सिखाना चाहिए। शिष्टाचार और संस्कार सिखाना बच्चों की परवरिश का सबसे अहम हिस्सा है। बचपन में बच्चों का स्वभाव बहुत चंचल होता है और में संगति का सर उनपर सबसे ज्यादा पड़ता है। कई बार बच्चे गलत संगत में आकर गलत व्यवहार सीख लेते हैं। 3 साल की उम्र से ही बच्चों में लोग से बातचीत करने और लोगों के साथ व्यवहार से जुड़े मैनर्स जरूर सिखाना चाहिए। 3 साल की उम्र के बाद बच्चों को बड़ों से नमस्ते और बातचीत से जुड़ी अच्छी बातें जरूर सिखाना चाहिए। परवरिश के दौरान माता-पिता द्वारा सिखाए अच्छे संस्कार और व्यवहार से जुड़ी बातें सिखाने से उनमें ये गुड़ काफी समय तक रहता है। आइये जानते हैं इसके बारे में।

3 साल की उम्र के बाद बच्चों को जरूर सिखाएं ये बातें (Good Manners For Kids In Hindi)

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बचपन से ही बच्चों में अच्छी आदतें डालने से उनके जीवन पर इसका अच्छा असर होता है। बचपन से ही संस्कार और व्यवहार से जुड़ी बातें उनके व्यक्तित्व विकास में भी उपयोगी होती हैं। परवरिश के दौरान कई बार अनजाने में पेरेंट्स बच्चों को ऐसी बातें सिखा देते हैं जिसकी वजह से बच्चों में आगे चलकर गलत आदतें घर कर जाती हैं। 3 साल की उम्र के बच्चों को बातचीत से जुड़े ये व्यवहार जरूर सिखाने चाहिए।

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1. बच्चों को उचित व्यवहार करना जरूर सिखाना चाहिए। बच्चों को 3 साल की उम्र से ही ऐसी शिक्षा और संस्कार देने चाहिए जिससे वे बड़ों का आदर करें। बच्चों में बड़ों के प्रति आदर और छोटे लोगों के प्रति प्रेम के भाव जरूर सिखाना चाहिए।

2. बच्चों को अपने से बड़े लोगों से मिलने पर उनका अभिवादन करना जरूर सिखाएं। बच्चों को बड़े लोगों से मिलने पर नमस्ते, हेल्लो, गुड मॉर्निंग जैसे शब्दों से अभिवादन करना सिखाएं।

3. बच्चों में आम शिष्टाचार के रूप में उन्हें प्लीज और थैंक यू कहना जरूर सिखाना चाहिए। आपको बचपन से बच्चों को इन शब्दों के मतलब और किन मौकों पर इसका इस्तेमाल करना है इसके बारे में जरूर सिखाना चाहिए। बचपन से ही बच्चों में विनम्रता और शालीनता लाने के लिए जरूरी मौकों पर प्लीज और थैंक यू कहना सिखाना बहुत जरूरी है।

4. बच्चों को शुरू से ही इस बात की ट्रेनिंग जरूर देनी चाहिए कि उन्हें किसी भी व्यक्ति का मजाक नहीं उड़ाना चाहिए। अकेले में या लोगों के बीच में किसी भी व्यक्ति के पहनावे, उसके खानपान और रंग या भाषा को लेकर मजाक उड़ाना गलत आदत होती है। बच्चों को यह भी समझाना चाहिए कि किसी भी व्यक्ति के शारीरिक स्थिति या उसकी मानसिक स्थिति का भी मजाक उड़ाना गलत होता है।

5. बच्चों को फोन पर बात कैसे की जाती है और अगर कोई व्यक्ति फोन पर बात करता है तो शांत होकर उसकी बात सुनना चाहिए जैसी आदतें जरूर सिखानी चाहिए।

6. किसी से बातचीत के दौरान कोई गलती होने पर, किसी को हाथ लग जाने पर, गलत बोलने और छींक आदि आने पर सॉरी बोलना जरूर सिखाएं।

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बच्चों के लिए सबसे जरूरी संस्कार या मैनर्स ये हैं कि उन्हें किस व्यक्ति से किस तरह बात करनी चाहिए इसके बारे में जरूर सिखाया जाए। बड़े, छोटे या अन्य लोगों से बात करते समय आवाज कितनी होनी चाहिए और शालीनता से किसी भी व्यक्ति से बात कैसे की जाती है इसके बारे में बच्चों को सिखाना चाहिए। बचपन से ही बच्चों को अच्छी आदतें सिखाने से उनका व्यक्तित्व विकास होता है। ये अच्छी बातें आगे चलकर उनके जीवन में अच्छा प्रभाव छोड़ सकती हैं।

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